आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर ‘राधाकृष्ण मंदिर’ के नए अध्यक्ष को लेकर चल रही सरगर्मियों और अटकलों के बीच युवा संगठन ‘शिवहरे समाज एकता परिषद’ ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। परिषद ने शिवहरेवाणी को बताया है कि राधाकृष्ण मंदिर के अध्यक्ष पद के लिए लोकप्रिय समाजसेवी कुलभूषण गुप्ता ‘रामभाई’ उसके प्रत्याशी होंगे, जो कि परिषद के संरक्षक तो हैं ही, श्री अरविंद गुप्ता की अध्यक्षता वाली मौजूदा राधाकृष्ण मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष भी हैं, और गत तीन दशकों से समाज की हर गतिविधि में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।

शिवहरे समाज एकता परिषद की कोर कमेटी के चेयरमैन अंशुल शिवहरे और संस्थापक-संयोजक अमित शिवहरे ने रविवार को अपने प्रत्याशी के नाम की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि परिषद के पदाधिकारियों के बीच लंबे विमर्श के बाद ‘रामभाई’ के नाम पर सामाजिक क्षेत्र में उनकी सहभागिता व योगदान को देखते हुए आम सहमति बनी है। शिवहरे समाज एकता परिषद गत आठ वर्षों से ‘मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान एवं शिवहरे रत्न समारोह’ का आयोजन करती आ रही है और हर आयोजन में परिषद के संरक्षक के रूप में रामभाई की अग्रणी भूमिका रहती है। इसके अलावा गत आठ वर्षों से राधाकृष्ण मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष पद पर रहते हुए समाज की इस धरोहर के प्रबंधन औऱ विकास कार्यों में भी वह महत्वपूर्ण योगदान करते आ रहे हैं। अंशुल शिवहरे ने कहा कि उम्र की पांचवी दहाई में चल रहे श्री रामभाई युवा भी हैं और सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदाव व लंबा अनुभव भी अध्यक्ष पद के लिए उनकी पात्रता को मजबूत आधार प्रदान करता है।

परिषद के अध्यक्ष डा. गौरव गुप्ता बताया कि परिषद के पदाधिकारियों ने बीते दिनों में समाज के कई प्रतिष्ठित व प्रबुद्ध जनों से व्यक्तिगत स्तर पर वार्ता की जिसमें यह मत निकलकर आया कि राधाकृष्ण मंदिर चूंकि समाज की धार्मिक धरोहर है, लिहाजा ऐसे व्यक्ति को मंदिर का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए जो समाज व धर्म के प्रति समर्पण का भाव रखता हो, स्वयं सात्विक प्रवृत्ति का हो, और सामाजिक क्षेत्र में उसका योगदान व सहभागिता सर्वविदित हो। और, इन सभी मानकों पर रामभाई की दावेदारी निर्विवादित रूप से सबसे मजबूत पाई।

खास बात यह है कि कुलभूषण गुप्ता रामभाई गत तीन दशकों से शिवहरे समाज की सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। वह स्व. श्री कमलकांत शिवहरे की अध्यक्षता वाली ‘शिवहरे जायसवाल महासभा’ में भी शामिल थे, और श्री मनोज शिवहरे की अध्यक्षता वाली ‘शिवहरे महासभा’ में भी। इन दोनों संस्थाओं की ओर से आयोजित ‘परिचय सम्मेलनों’ और ‘सामूहिक विवाह समारोहों’ में रामभाई की सक्रिय भागीदारी रही है। इसके अलावा वह श्री किशन शिवहरे की अध्यक्षता वाली पूर्व दाऊजी मंदिर समिति की कार्यकारिणी में भी शामिल थे। इनके अलावा शिवहरे समाज से हटकर भी रामभाई आगरा के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक क्षेत्र में अपनी सक्रियता के चलते एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के मंडल अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी तक विभिन्न पदों पर रहे हैं।

धार्मिक क्षेत्र की बात करें तो रामभाई अपने सुंदरकांड के सुंदर-वाचन के लिए आगरा में विख्यात हैं और हनुमान-भक्त राम के रूप में लोकप्रिय हैं। प्रभु के चरणों में उनकी यह सेवा निःशुल्क रहती है। बीते दिनों कोठी मीना बाजार में जगतगुरू रामभद्राचार्य की रामकथा के भव्य मंच पर उन्होंने सुंदरकांड का पाठ किया था जिसका सीधा प्रसारण देशभर में कई चैनलों पर किया गया था। वह गिर्राजजी सेवा मंडल के मीडिया प्रभारी हैं। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में वह भारत विकास परिषद अमृतम के अध्यक्ष हैं। वह अखिल भारतीय वैश्य संगठन के महामंत्री और ‘संवेदना-एक प्रयास’ के कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। आगरा के कारोबार जगत में एक प्रतिष्ठित चांदीव व सर्राफा व्यवसायी के रूप में उनकी विशेष प्रतिष्ठा है। वह ‘आगरा सर्राफा एसोसिएशन’ के उपाध्यक्ष और ‘आगरा सर्राफा मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन’ के संगठन मंत्री भी हैं।








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