नई दिल्ली।
दक्षिण भारत के ‘गौड़ कलाल’ समाज के महानायक पप्पना गौड़ का संघर्ष बताता है कि हमें व्यक्तिगत जीवन से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के लिए जीना चाहिए। आज की जरूरत है कि हम कलाल समाजबंधु महाराजा पप्पना गौड़ के बारे में अध्ययन करें और उनसे सीखें कि किस प्रकार समाज में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर, समाज को संगठित कर और संगठन व समाज को साथ लेकर उच्चतम आदर्श स्थापित कर सकते हैं।

यह कहना है केंद्रीय मंत्री श्रीपाद येसो नाईक का। वह शुक्रवार को दिल्ली में रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में महाराजा पप्पना नाईक के 316वें बलिदान दिवस पर आयोजित संगोष्ठी एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ‘जय गौड़-कलाल समाज तेलंगाना’ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ समाजसेवियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि श्री नाईक ने पप्पना गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि साधारण से असाधारण बने जननायक और महायोद्धा सरदार पप्पना गौड़ केवल कलाल समाज के ही नहीं, बल्कि सारे देश का गौरव हैं। वह दक्षिण भारत के शिवाजी महाराज थे जिन्होंने मुगलों से खिलाफ करीब 40 वर्षों तक संघर्ष किया, अपने पराक्रम से औरंगजेब की सेना के छक्के छुड़ा दिए और गोलकुंडा समेत दक्षिण के सभी किलों को अजेय रखा।

एक नाम चुनना ही होगाः चौकसे
जाने-माने समाजसेवी एवं शिक्षाविद श्री जयनारायण चौकसे (एलएनसीटी, भोपाल) ने अपने संबोधन में कहा कि करोड़ों की आबादी वाला हमारा समाज अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। अगर हमें अपनी जनसंख्या दिखानी है तो एक ऐसा नाम चुनना ही होगा, जिसे हमें अपने सरनेम के साथ लिख सकें, जिससे हमारी विभिन्नता में एकता प्रदर्शित हो, ताकि हम राजनीतिक, व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी आबादी के बराबर का हक और भागीदारी हासिल कर सकें।

ऐसे आयोजनों से कायम होगा एकताः जायसवाल
अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं दिल्ली-एनसीआर अध्यक्ष एडवोकेट शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि कलचुरी समाज का इतिहास महापुरुषों की गौरवपूर्ण गाथाओं से भरा पड़ा है लेकिन इसे कभी पढ़ाया और दर्शाया नहीं गया। हमें इन महापुरुषों की तिथियों पर जगह-जगह सेमिनार या विचार-गोष्ठी जैसे आयोजन कर विभिन्न वर्गों में विभाजित कलार समाज में एकजुटता लाने के प्रयास करने होंगे।

पप्पना गौड़ पर लिखी पुस्तक का विमोचन
इससे पूर्व श्रीपाद येयो नाइक ने सरदार पप्पना गौड़ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम संयोजक एवं जय गौड़ कलाल समाज तेलंगना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. रामाराव गौड़ ने अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय के महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं दिल्ली एनसीआर अध्यक्ष एडवोकेट शैलेंद्र जायसवाल, मंत्री एवं पूर्व सांसद माननीय श्री मधु याशिकी गौड़, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ संजय पासवान समेत सभी अतिथियों को मंचासीन कराया और पटका पहनाकर उनके स्वागत किया। इस अवसर पर ‘गौड़ कलाल’ समाज की ओऱ से प्रकाशित ‘जय गौड़ नेशनल डायरी’ और महाराजा पप्पना गौड़ के ऊपर लिखी एक पुस्तक का विमोचन भी कराया गया।

ये भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर राजा नाडार, राजीव जायसवाल, रमेश अहलूवालिया, अमरदीप जायसवाल (त्रिपुरा), गुरुबक्स सिंह अहलूवालिया (उड़ीसा), जयकिशन कर्णवाल, किशोर भगत, अनिल कुमार जायसवाल, मनोज शाह, सच्चिदानंद जायसवाल, नीरज जायसवाल , कृष्ण कांत जायसवाल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दक्षिण भारत के कई प्रमुख राजनीतिक जनप्रतिनिधियों के साथ ही देशभर से सैकड़ों गौड़ समाजबंधुओं ने शिरकत की।












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