झांसी।
झांसी के कलचुरी समाजसेवी श्री अतुल गुप्ता (शिवहरे) साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं। साइबर अपराधी ने अतुल गुप्ता के सिम का क्लोन बनाकर उनके खाते न सिर्फ रुपये निकाल लिए, बल्कि उनकी एफडी भी कैश करा ली और उनके क्रेडिट कार्ड पर लोन भी ले लिया। और, इस तरह कुल 1.17 लाख रुपये लिए। खास बात यह है कि अतुल गुप्ता को अपने साथ हो रहे इस साइबर फ्रॉड को पहले से भांपते हुए पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन समय पर सहयोग नहीं मिला। अतुल गुप्ता झांसी में कोतवाली थाना क्षेत्र में मेहंदी बाग स्थित रामजानकीपुरम कालोनी में रहते हैं। वह कलचुरी समाज की एक संस्थाओं से जुड़े हैं, औऱ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (झांसी) के सदस्य भी हैं।

30 दिसंबर को आने लगे अनजाने ओटीपी
अतुल गुप्ता को बीते 30 दिसंबर को ही अपने साथ धोखाधड़ी के संकेत मिलने लगे थे, जब उनके मोबाइल फोन पर लगातार अनजान औटीपी आने शुरू हो गए। उन्हें तभी संदेह हो गया था कि कोई उनके मोबाइल नंबर की क्लोन सिम बनाकर दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने तत्काल अपने बैंक बैंक के टोल फ्री नबंर पर संपर्क करने के प्रयास किया लेकिन संपर्क हो नहीं सका। फिर अपने HDFC बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर से बात की। मैनेजर ने बताया कि कोई व्यक्ति स्वयं को अतुल गुप्ता बताकर उनके बैंक खाते का नया पासवर्ड बनाने की कोशिश कर रहा है।
ट्रांजेक्शन रुकवाए और नई सिम जेनरेट कराई
इस पर अतुल गुप्ता बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को अपने सारे ट्रांजैक्शन रोकने के लिए कहा एवं पुरानी सिम को कैंसिल कराकर नई सिम भी जेनरेट करा ली। इसके बाद वह उसी दिन साइबर क्राइम ब्रांच में रिपोर्ट दर्ज कराने गए लेकिन वहां लेकिन वहां अधिकारी किसी ट्रेनिंग में व्यस्त थे, लिहाजा काफी इंतजार करने के बाद भी सुनवाई नही हुई तो वापस लौट आए।

इसके बाद भी जारी रहा सिम का दुरुपयोग
अगले दिन 31 दिसंबर को बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर ने उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि जब वह उन्हें फोन मिला रही थी, तो वह कॉल कहीं और लग रहा था। इसका मतलब है कि उनके नंबर का कोई अन्य व्यक्ति इस्तेमाल कर रहा है, इसीलिए उन्हें व्हॉटसएप कॉल की है। साफ हो गया कि नई सिम जेनरेट कराने के बावजूद अतुल गुप्ता के मोबाइल नंबर का दुरुपयोग जारी था।
साइबर क्राइम थाने में बिना जांच के केस क्लोज
उन्होंने बिना समय गंवाए Cyber Crime Online Portal पर शिकायत की और Cyber Crime Branch थाने में लिखित शिकायत भी दी। थाने में उनके फोन में कुछ सिक्योरिटी सेटिंग्स व अलर्ट डलवाए गए और नई सिम भी डाली गई। इसके बाद वह घर लौट आए। उन्होंने आरोप लगाया कि घऱ जाकर उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज अपनी शिकायत का स्टेटस चैक किया तो उसे बिना किसी जांच के क्लोज कर दिया गया।
और अपराधियों ने उड़ा लिए 1,17,000 रुपये
इसके बाद अतुल गुप्ता ने उन्होंने अपने फोन पर आए ई-मेल चेक किए तो होश फाख्ता हो गए। मालूम हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी सिम का क्लोन बनाकर HDFC Mobile Banking App के माध्यम से 55,000 रुपये उनके खाते से उड़ा लिए, उनके क्रेडिट कार्ड पर आए जंबो लोन ऑफर से 50 हजार रुपये भी ले लिए और उनकी एक एफडी तो़ड़कर 12 हजार रुपये निकाल लिए। इस तरह कुल 1,17,000 रुपये की धोखाधड़ी उनके साथ हुई।

समय पर होती कार्रवाई तो नहीं होता नुकसान
इसके बाद अतुल गुप्ता ने फिर Cyber Crime Branch थाने को इस धोखाधड़ी सूचना दी, तब कहीं जाकर उनकी रिपोर्ट दर्ज की गई। अतुल गुप्ता का कहना है कि 30 दिसंबर की शाम को या 31 दिसंबर की सुबह उनकी शिकायत पर कार्यवाही की गई होती या फिर उनकी ऑनलाइन शिकायत पर समय रहते जांच होती तो उनके साथ धोखाधड़ी रुक सकती थी। उन्होंने सिम क्लोनिंग करने वाले अपराधियों को तलाशकर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही ऑनलाइन शिकायत को बिना जांच के क्लोज किए जाने की जांच की मांग करते हुए पैसा वापस दिलाने की मांग की है।












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