आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की धरोहर ‘दाऊजी मंदिर’ में चल रहे ‘शिवहरे सशक्त महिला मंडल’ के समर-कैंप में गुरुवार को महिलाओं और बच्चों ने आत्मरक्षा के गुर सीखे। साथ ही फाइव डान ब्लैक-बेल्ट धारी इंटरनेशनल ताइक्वांडो मास्टर व ट्रेनर पंकज शर्मा से सेल्फ डिफेंस के नए टूल्स और टैक्नीक की जानकारी भी प्राप्त की।

इंटरनेशनल ताइक्वांडो मास्टर पंकज शर्मा ने अपनी सहयोगी संगीता शर्मा के साथ सेल्फ डिफेंस की तमाम तकनीकों और ट्रिक्स का प्रदर्शन किया। वार्म-अप और स्ट्रेचिंग की खास एक्सरसाइज की ट्रेनिंग दी। सिखाया कि किस तरह पंच को अधिकतम मजबूती कसकर कैसे हिट करना है, सिंगल-फेस पंच क्या और कैसे होता है। फ्रंट चाप, ओपन फ्रंट चाप, साइड ब्लॉक, अपर ब्लॉक जैसी डिफेंस ट्रिक्स की ट्रेनिंग भी महिलाओं और बच्चों को दी। महिलाओं और बालिकाओं को सेल्फ-डिफेंस के टूल्स की जानकारी देते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों में किस तरह अपनी स्कूटी या साइकिल की चाबी, मोबाइल फोन, स्कूल बैग, पर्स, पैन, नाखून और दांतों का प्रयोग हथियार के रूप में कर सकते हैं। ट्रेनिंग सेशन के बाद सभी महिलाएं और बच्चे काफी उत्साहित नजर आए।
इससे पूर्व शिवहरे सशक्त महिला मंडल की अध्यक्ष व समरकैंप संयोजिका श्रीमती कविता रवि गुप्ता ने सेल्फ-डिफेंस सेशन का उदघाटन किया। उन्होंने कहा कि सेल्फ-डिफेंस तकनीक आज के युग की आवश्यकता है, और स्कूलों में बच्चों को अनिवार्य रूप से इसकी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेल्फ-डिफेंस सिर्फ एक आर्ट नहीं है, बल्कि एक मानसिक स्थिति है जो खतरे को पहले ही भांप लेने में सक्षम बनाती है। उन्होंने बताया कि उनका सामाजिक संगठन ‘कृति’ आगरा के कई स्कूलों में बच्चों को ‘गुड टच-बेड टप’ के बारे में जानकारी दे रही है जो अपने आपमें एक प्रकार की ‘सेल्फ-डिफेंस टैक्नीक’ है। उन्होंने इंटरनेशनल मास्टर ट्रेनर पंकज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से कहा कि वे कैंप मे सीखी सेल्फ-डिफेंस ट्रिक्स और टिप्स का प्रतिदिन अभ्यास करें।
कार्यक्रम में शिवहरे सशक्त महिला मंडल की कंचन गुप्ता, शैलजा गुप्ता, शिल्पी गुप्ता, भावना गुप्ता, चंचल गुप्ता, दीपाली शिवहरे, मीनाक्षी गुप्ता,राशी खंडेलवाल,गीता गुप्ता और गौरी गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। कैंप में खुश्बू, शिप्रा, ज्योति, सविता, रेखा, अंजू, कंचन, बरखा, भारती, खुशी, मिस्टी, दर्पण, ऋषिका, अन्या, रूही, सब्या,आन्य, रिद्धि, अनुष्का व कनिष्का समेत करीब 40 महिलाओं व बच्चों ने ट्रेनिंग प्राप्त की।
