बांदा
बांदा की होनहार बिटिया प्रेरणा शिवहरे पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार बन गई हैं। रविवार आधी रात को परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद से घर में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि प्रेरणा ने बिना किसी कोचिंग की सहायता से सेल्प-स्टडी करते हुए अपने पहले ही प्रयास में यह कामयाबी अर्जित की है। हालांकि वह इसे मंजिल की पहली पायदान ही मानती हैं, अंतिम पढ़ाव तो आईएएस ही है।

सुश्री प्रेरणा शिवहरे एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता श्री प्रमोद कुमार शिवहरे बांदा के गूलरनाका मेन बाजार स्थित घर के एक हिस्से में आटा चक्की औऱ ऑयल एक्सपेलर संचालित करते हैं। मां श्रीमती ऊमा शिवहरे गृहणी हैं। प्रेरणा पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रही हैं। सुश्री प्रेरणा शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि पहले ही प्रयास में अपनी पहली कामयाबी से वह बहुत खुश हैं लेकिन उन्होंने आईएएस बनने की ठानी है। और, अब उनका पूरा फोकस संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पर ही रहेगा।

हमेशा शानदार रहा एकेडमिक रिकार्ड
23 वर्षीय सुश्री प्रेरणा शिवहरे ने स्थानीय विद्यावती निगम इंटर कालेज (सीबीएसई बोर्ड) से दसवीं और बारहवीं किया है। दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में उनका रिजल्ट ‘सीजीपीए-10’ रहा, तो बारहवीं में 97 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया। 2019 में बारहवीं करने के बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेन कालेज में बीएससी (मैथ्स) पाठ्यक्रम में एडमिशन लिया लेकिन कोरोना के चलते कुछ ही दिनों में बांदा लौटना प़ड़ गया। फिर यहीं रहते हुए 2022 बीएससी और 2024 में बीएड भी कर लिया।

मेन्स के लिए छोड़ी यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा
सुश्री प्रेरणा शिवहरे ने 2024 में आय़ु-अर्हता (21 वर्ष) प्राप्त करने के बाद यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की ‘सिविल सेवा परीक्षा’ औऱ लोक सेवा आयोग उ.प्र. (यूपी-पीएससी) की ‘सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस)-2024’, दोनों के लिए आवेदन कर दिए। प्रेरणा ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा क्वालीफाई कर ली औऱ मेन्स की तैयारी शुरू कर दी। यूपीएससी की मेन्स परीक्षा और पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा लगभग साथ-साथ हुईं। यूपीएससी के मेन्स में वह कुछ अंकों से चूक गईं, लेकिन पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा क्वालीफाई कर ली, और फिर इसके मेन्स की तैयारी में जुट गईं। इसी दौरान प्रेरणा ने एक बार फिर यूपीएससी-2025 का फार्म भर दिया। लेकिन, इस बार उनके लिए असमंजस की स्थिति आ गई जब यूपीएसी के प्रिलिम्स और पीसीएस के मेन्स की तारीखें एक-दूसरे के बहुत नजदीक पड़ गईं। ऐसे में प्रेरणा ने प्रिलिम्स छोड़कर पीसीएस मेन्स की परीक्षा पर फोकस किया, औऱ मेन्स के साथ साक्षात्कार में भी सफलता अर्जित की। रविवार रात करीब 12.30 बजे पीसीएस का अंतिम परिणाम घोषित हुआ तो कामयाबी की खुशी ने पूरा परिवार का रतजगा करा दिया।

पिता को भरोसा-आईएएस बनेगी बिटिया
सुश्री प्रेरणा शिवहरे के पिता श्री प्रमोद कुमार शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि बिटिया बचपन से ही होनहार और अनुशासित छात्रा है। पढ़ाई में रुझान को देखते हुए परिवार भी उसके साथ खड़ा रहा। उन्हें भरोसा है कि प्रेरणा आईएएस भी जरूर बनेगी, जो उसने ठान रखा है। प्रेरणा के बड़े भाई श्री आयुष शिवहरे एलएलबी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है औऱ इस वर्ष उन्होंने बांदा में वकालत के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। सुश्री प्रेरणा के ताऊजी श्री मनोज कुमार शिवहरे बिजनेस मैन हैं, और तीनों कजिन भी अच्छे जॉब में हैं। प्रेरणा की कजिन सुश्री मुस्कान शिवहरे ने मैथ्स से यूजीसी नेट परीक्षा क्वालीफाई की जिसमें उनकी ऑल इंडिया रैंकिंग 181 थी। जेआरएफ कर वह एक डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनके एक कजिन श्री शरद शिवहरे यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी में अधिकारी हैं, और छोटे कजिन श्री प्रभात शिवहरे एलएनटी (लॉर्सन एंड टोबरो) में अच्छे पद पर हैं। दोनों परिवार एक ही घर में संयुक्त परिवार की तरह रहते हैं।












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