भोपाल।
कलचुरी समाज ने अपने आराध्य राजराजेश्वर भगवान सहस्रबाहु अर्जुन की जन्मभूमि व कर्मभूमि ‘महेश्वर ‘ को उसका खोया हुआ वैभव वापस दिलाने के ‘अभियान’ में पहला बड़ा कदम बढ़ा लिया है। इस हेतु बीते दिनों प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री जयनारायण चौकसे की अध्यक्षता में ‘श्री राजराजेश्वर भगवान सहस्रार्जुन धाम परमार्थ ट्रस्ट’ का गठन किया गया है।

भोपाल में रजिस्टर्ड हुए इस ट्रस्ट का उद्देश्य खरगौन जिले की महेश्वर नगरी में नर्मदा नदी के अदभुत प्राकृतिक स्थल ‘सहस्रधारा’ के निकट सहस्रार्जुन धाम का निर्माण करना है। ट्रस्ट में प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री दिलीप सूर्यवंशी को मार्गदर्शक की भूमिका में शामिल किया गया है। भोपाल के वरिष्ठ समाजसेवी श्री एमएल राय ट्रस्ट के सचिव होंगे जबकि राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ की संयोजिका श्रीमती अर्चना जायसवाल कोषाध्यक्ष होंगी। युवा समाजसेवी श्री एमएन मालवीय उपाध्यक्ष रहेगे। राष्ट्रीय स्तर पर गठित इस ट्रस्ट में महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, केरल, तेलंगना समेत सभी क्षेत्रों के कलचुरी प्रतिनिधियों को शामिल किए जाएंगे।
माना जा रहा है कि ट्रस्ट के गठन से महेश्वर में ‘सहस्रार्जुन धाम’ के निर्माण की प्रक्रिया तीव्र होगी, जिसके प्रयास पिछले काफी समय से विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट का बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बैंक खाता खुलने के बाद बहुत जल्द महेश्वर में नर्मदा नदी के तट पर एक बड़े भूखंड की रजिस्ट्री करा ली जाएगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि लगभग 15 एकड़ के विशाल भूखंड को खरीदने की बात अंतिम दौर में चल रही है।
बताया जा रहा है कि सहस्रार्जुन धाम में भगवान सहस्रबाहु की सौ फुट ऊंची धातु की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही भगवान सहस्रबाहु के विशाल मंदिर और भव्य धर्मशाला का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र और नर्मदा के तट पर एक सुंदर गार्डन का निर्माण भी कराया जाएगा।
श्रीमती अर्चना जायसवाल ने ट्रस्ट के गठन की पुष्टी करते हुए कहा कि पूरे कलचुरी समाज को बहुत जल्द महेश्वर से शुभ सूचनाएं मिलने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। फिलहाल काफी कुछ तय करना बाकी है। श्रीमती अर्चना जायसवाल ने बताया कि सहस्रधारा के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य के निकट भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा महेश्वर में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगी, जो कलचुरी समाजबंधुओं के लिए महेश्वर को एक तीर्थस्थली की प्रतिष्ठा प्रदान कराएगी, वहीं इस नगरी की सहस्रबाहु से जुड़ी पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती देगी।
