मुंबई।
समाज को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए मुंबई के कलचुरी (जायसवाल) समाज ने होली के मौके पर एक खास पहल की। शायद पहली बार क्रिकेट के बहाने कलचुरी समाज को जोड़ने का अदभुत प्रयास किया गया है।


दरअसल जायसवाल समाज ने होली मिलन के मौके पर दो दिनी क्रिकेट टूर्नामेंट कराया था। ‘सरस्वती देवी मैमोरियल कप-2025’ टूर्नामेंट में पूरे महाराष्ट्र से जायसवाल समाज की 24 टीमों ने भाग लिया, जिनमें पुरुषों की 16 टीमें और महिलाओं की 8 टीमें आपस में भिड़ी। नॉकआउट आधार पर खेले गए टूर्नामेंट के पुरुष वर्ग में ‘जायसवाल मुंबई किंग्स’ टीम चैंपियन बनी, जबकि महिला वर्ग का खिताब वडाला की टीम ने जीता।


जायसवाल यूथ फेडरेशन (जेवाईएफ) और सनराज फैमिली वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित ‘सरस्वती देवी मैमोरियल कप-2025’ टूर्नामेंट मुंबई में मलाड स्थित सरस्वती देवी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में 15 और 16 जनवरी को खेला गया। आयोजक गत तीन महीने से भी अधिक समय से तैयारियों में जुटे थे। टूर्नामेंट में समाज की 16 पुरुष टीमों की भिड़ंत हुई जिनमें आठ टीमें मुंबई के विभिन्न इलाकों से सक्रिय स्वजातीय संस्थाओं की थीं, जबकि बाकी आठ टीमें महाराष्ट्र के अन्य जिलों में सक्रिय सामाजिक संस्थाओं की थीं।


वहीं महिला मुकाबले में 8 टीमों ने भाग लिया था। 16 मार्च को पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला जायसवाल मुंबई किंग्स और जेजे टाइटन्स (पुसद) के बीच खेला गया जिसमें जेजे टाइटन्स ने 16 रन से जीत दर्ज कर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। वहीं महिला वर्ग के फाइनल में व़डाला की टीम ने मुंबई को 9 विकेट से हराकर विजेता का खिताब जीता। चैंपियन टीम को 2 लाख रुपये की राशि का चैक प्रदान किया गया। वहीं ‘मैन ऑफ द सीरीज’ रहे रवि गुप्ता को पुरस्कार के तौर पर एक ‘हीरो होंडा’ बाइक गिफ्ट की गई। टूर्नामेंट के समापन ने सभी ने आपस मे होली खेली और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
इस आयोजन को कामयाब बनाने में जायसवाल यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष रामआसरे जायसवाल और उनकी टीम, जिसमें विश्वनाथ कलवार, प्रदीप जायसवाल, आशू जायसवाल, अजय जायसवाल, अरुण जायसवाल, रामनंद गुप्ता तथा अन्य कई पदाधिकारी शामिल थे, ने कड़ी मेहनत की।


सनराज ग्रुप के सह-संस्थापक राजदीप गुप्ता ने कहा, “सरस्वती देवी मेमोरियल कप हमारे लिए बहुत खास है। खेल और संस्कृति हमेशा से हमारी यात्रा के दो मजबूत स्तंभ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्पोर्ट्स के लिए प्रेरित करना और इस खेल की विरासत व संस्कृति को और मजबूती प्रदान करते हुए सारे समाज को एकजुट करना था। औऱ, यह टूर्नामेंट इसमें काफी हद तक सफल भी रहा।
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