आगरा।
सेक्टर-7 के झूलेलाल पार्क में चल रहे ‘श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ’ सप्ताह के अंतिम दिन रविवार को कथावाचक परमपूज्य आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने कहा कि कलियुग में श्रीहरि नाम संकीर्तन के अलावा जीव के उद्धार का कोई अन्य उपाय नहीं है, यही श्रीमद भागवत पुराण का सबसे संक्षिप्त सार है जिसे हमे अपने जीवन में उतारना चाहिए। कल सोमवार को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ ‘श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ’ का विधिवत समापन होगा।
‘श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ’ के मुख्य आयोजक एवं कथा परीक्षित श्री विकास गुप्ता शिवहरे ने कथा सुनने आए सभी शिवहरे समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए दोपहर दो बजे से शुरू होने वाले भंडारे में भोजन-प्रसादी ग्रहण करने का अनुरोध किया है। इससे पूर्व कथा के अंतिम दिन आचार्य अतुल कृष्णजी शास्त्री ने सुदामा चरित्र की भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने 7 दिन चली श्रीमद भागवत कथा की महिमा बताते हुए श्रोताओं से भक्ति मार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने को कहा। उन्होंने कथा के उपरांत होने वाले हवन-यज्ञ और प्रसादी का महत्व बताते हुए कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध तो होता ही है, इसमें आहुति देने वाले को आत्मिक बल भी प्राप्त होता है, यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने भंडारे के बारे में बताया कि प्रसाद में ‘प्र’ का अर्थ प्रभु, ‘सा’ का अर्थ साक्षात और ‘द’ का अर्थ होता है दर्शन। प्रसाद हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है मन, बुद्धि और चित्त को निर्मल करता है। मनुष्य शरीर भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। इसीलिए हमें पूर्णाहुति और भंडारे में अवश्य आना चाहिए, कथा के श्रवण का लाभ तभी पूर्ण होता है।
आपको बता दें कि कथाव्यास आचार्य अतुल कृष्णजी महाराज जाने-माने कथावाचक हैं, और देश के कोने-कोने में कथा कह चुके हैं। ओजपूर्ण वाणी के साथ ही धर्म, शास्त्र औऱ भाषा पर मजबूत पकड़ के चलते उन्हें काफी पसंद किया जाता है। यहां भी उनकी कथा में चेन्नई, हैदराबाद और दूर-दराज के इलाके से आए हुए हैं जो पिछले सात दिनों से आसपास के होटल में रुके हैं और कथा के समय पंडाल में पहुंच जाते हैं। बीते सात दिनों में शिवहरे समाज के भी कई लोगों ने यहां भागवत कथा के श्रवण का आनंद लिया। विधायक श्री विजय शिवहरे भी पांचवे दिन यहां पहुंचे और कथावाचक का आशीर्वाद प्राप्त किया। राधाकृष्ण मंदिर के अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता, श्री धर्मेश शिवहरे, श्री मुकुंद शिवहरे, भाजपा नेता श्री विकास गुप्ता रामसिया, श्री मुन्ना शिवहरे, श्री सतीश जायसवाल, श्री रविंद्र शिवहरे, श्री प्रमोद शिवहरे समेत कई प्रतिष्ठित शिवहरे समाजबंधुओं ने भी कथा के श्रवण का पुण्य-लाभ प्राप्त किया। व्यासपीठ से इन सभी का सम्मान कराया गया।
श्री विकास गुप्ता शिवहरे अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सपना गुप्ता के साथ कथा-परीक्षित की भूमिका में रहे। कथा की व्यवस्थाएं उनके अनुज श्री राहुल गुप्ता एवं अनुजवधु श्रीमती शिल्पी गुप्ता, बहन-बहनोई श्रीमती रेखा शिवहरे एवं श्री हृदेश शिवहरे (ग्वालियर), चाचा-चाची श्री शिवशंकर गुप्ता-श्रीमती शिखा गुप्ता एवं श्री हरीशंकर गुप्ता-श्रीमती रेखा गुप्ता के साथ सेक्टर-7 निवासियों ने संभाली।
श्रीहरि नाम संकीर्तन ही भागवत कथा का सार; सेक्टर-7 में 30 सितंबर को पूर्णाहुति व भंडारे के साथ होगा समापन; विकास गुप्ता शिवहरे का हार्दिक अनुरोध
