by Som Sahu October 15, 2017 घटनाक्रम 256
- एटीएम मशीन पर एक युवक से सहायता मांगी थी जिसने चालाकी से कार्ड बदल लिया
- फिर सीमा के एटीएम का इस्तेमाल कर कई बार में खाते से निकाल लिए 82 हजार रुपये
- ठगे जाने के आठ दिन बाद हुआ ठगे जाने का अहसास, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
शिवहरे वाणी नेटवर्क
शिवपुरी।
पिछले वर्ष नोटबंदी के बाद से प्लास्टिक मनी यानी एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड का प्रचलन बढ़ा है। बेशक प्लास्टिक मनी के अपने कई फायदे हैं, लेकिन ये फायदे तभी तक हैं जब तक आप सावधान हैं। सावधानी हटने पर दुर्घटना के बड़े आसार हैं। शिवपुरी की सीमा शिवहरे के साथ ऐसा ही हुआ। एटीएम से रुपये निकलने के लिए लाइन में पीछे खड़े युवक से सहायता मांग लीं, और उस युवक ने उन्हें धोखा देकर एटीएम ही बदल लिया, फिर उनके खाते से पार कर लिए 82 हजार रुपये। सीमा शिवहरे को इसकी जानकारी आठ दिन बाद हुई तो पांव तले जमीन खिसक गई। फिलहाल सीमा शिवहरे ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
शिवपुरी में शांतिनगर कालोनी में रहने वाले श्री पवन शिवहरे की पत्नी श्रीमती सीमा शिवहरे के साथ यह वाकया हुआ 5 अक्टूबर को, जब वह एटीएम कार्ड से रुपये निकालने हाजी सन्नू मार्केट में बैंक ऑफ बडौदा के एटीएम पर गई थीं। श्रीमती सीमा ने एटीएम में कार्ड डाला तो स्क्रीम पर कुछ डायरेक्शन्स आए जिन्हें वह समझ न सकीं। उन्होंने लाइन में अपने पीछे खड़े युवक से सहायता मांगी। उक्त युवक ने सहायता के बहाने पहले तो उनका एटीएम अपने हाथ में ले लिया और पासवर्ड पूछा। पासवर्ड जानने के बाद युवक ने बड़ी चालाकी से एटीएम बदल लिया और एक दूसरा कार्ड एटीएम मशीन में लगा दिया, जिसे मशीन ने स्वीकार नहीं किया। उक्त युवक ने श्रीमती सीमा शिवहरे से कहा कि आपका एटीएम खराब हो गया है। इस पर श्रीमती सीमा शिवहरे बिना पैसे लिए एटीएम कार्ड लेकर घर आ गईं। उनके जाने के बाद उस शातिर ने कई बार में 82 हजार रुपये उनके खाते से निकाल लिए, और खाते का बैलेंस शून्य कर दिया।
इस बीच, श्रीमती सीमा ने एटीएम का कोई इस्तेमाल नहीं किया। 13 अक्टूबर को वह एटीएम खराब होने की शिकायत दर्ज कराने और विड्रॉल फार्म से कुछ रुपये निकालने बैंक पहुंची। वहां बैंककर्मियों ने खाते का बैलेंस शून्य बताया तो श्रीमती सीमा के पांव तले जमीन खिसक गईं। बैंककर्मियों ने उन्हें बताया कि बीते आठ दिनों में उनके एटीएम कार्ड के जरिये उनके खाते से 82 हजार रुपये निकाले गए हैं। श्रीमती सीमा ने बताया, कार्ड तो मेरे पास है और वह खराब है। बैंककर्मियों ने जब एटीएम कार्ड चैक किया तो वह उनका कार्ड नहीं था। ठगे जाने का अहसास हुआ तो वह ठगी रह गईं। वह ठग कौन था, इसकी कोई जानकारी न तो सीमा को है, और ना ही किसी और को। पुलिस जांच कर रही है।
जरूरत सजग और सतर्क रहने की है। यदि आप एटीएम धारक हैं तो निम्न बातों का ध्यान रखना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैः-
- एटीएम के साथ मोबाइल बैंकिंग जरूर लें जिससे आपके अकाउंट से जब भी कोई लेनदेन होगा, आपके पास मैसेज आ जाएगा।
- अपना कार्ड किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में बिल्कुल न दें, और अपना पिन नंबर तो किसी को न बताएं। हर तीन महीने में पिन बदलते रहें
- अपने कार्ड का नंबर, पिन नंबर, कस्टमर आईडी नंबर, बैंक का कस्टमर केयर नंबर वगैरह लिखकर आलमारी या किसी अन्य सुरक्षित जगह पर रखें।
- कार्ड खोने की स्थिति में सबसे पहले बैंक को फोन करके सूचित करें। अपना कार्ड ब्लॉक करावायें और पुलिस में एफआईआर ज़रूर लिखवायें।
- एटीएम के आपरेशन कोठीक से समझें, कोई परेशानी हो किसी से पूछने के बजाय उस बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर सहायता लें।
