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रामकिशन शिवहरे की मौत का जिम्मेदार कौन?

by Som Sahu September 01, 2017  Uncategorizedघटनाक्रम 1216

  • ग्वालियर में चार शहर नाका मे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत, बेटा भी झुलसा
  • परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था रामकिशन, कच्ची गृहस्थी के सामने बड़ा संकट
  • तमाम शिकायतो के बाद भी बिजली विभाग ने हाइटेंशन लाइन पर ध्यान नहीं दिया

शिवहरे वाणी नेटवर्क

ग्वालियर

चार शहर नाका में रहने वाले रामकिशन शिवहरे उर्फ कल्लू शिवहरे की मौत एक हादसा थी, या इसे हत्या माना जाए? आबादी के बीचों-बीच से जा रही हाइटेंशन लाइऩ को हटाने की दरख्वास्त कई बार बिजली विभाग को दी जा चुकी थी। इससे हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत पहले भी हो चुकी है। फिर भी बिजली विभाग ने कोई सुध नहीं ली। हाईटेंशन लाइन नहीं हटाई गई। बिजली विभाग का कहना है कि हाइटेंशन लाइन पहले से जा रही थी, रिहायश बाद में हुई है। तो सवाल यह है कि रिहायश होने ही क्यों दी गई? सरकारी विभागों की लापरवाही के चलते रामकिशन शिवहरे की जान चली गई, यह किसी गैर-इरादतन हत्या से कम नहीं है।

और रामकिशन के परिवार के लिए तो यह हादसा बहुत बड़ी त्रासदी है। परिवार मे वही एक कमाने वाला सदस्य था, टैंपो चलाता  था। मेहनत पसीने की कमाई से बच्चों को पढ़ा-लिखाकर उनके सपने पूरा करने में जुटा था, मगर सब अधूरा रह गया। पत्नी आरती, दोनों बेटे और बेटी के साथ ही बूढी मां के आंसू थम नहीं रहे हैं। अब क्या होगा, कैसे चलेगा परिवार? रामकिशन के रिश्तेदार, पड़ोसियों और हितैषियों की जुबान पर यही सवाल हैं।

हादसा गुरुवार (31 अगस्त) को सुबह 7-8 बजे हुआ। रामकिशन अपने छोटे बेटे संकेत के साथ अपने तिमंजिले मकान की छत पर गए थे। छत से करीब पांच फुट की दूरी से 1800 केवी की हाईटेंशन लाइन जा रही है। इतनी दूरी पर भी हाइटेंशन लाइन ने उन्हें चपेट में ले लिया। एक तेज धमाका हुआ।  रामकिशन की बुरी तरह झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई. जबकि बेटा संकेत कुछ दूर होने की वजह से बाल-बाल बच गया। उसके पेट में करंट से फफोले पड़ गए। आसपास के लोग रामकिशन को तत्काल अस्पताल लेकर भागे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर मौके पर पहुंच गए। लेकिन लोगों में इस बात पर रोष है कि विधायक पवैया नहीं आए।

रामकिशन शिवहरे के दो पुत्र हैं। बड़ा बेटा 12 वर्षीय अजय है। छोटा बेटा संकेत दस साल का है, जो इस हादसे में झुलस गया है। बेटी दिव्या 15 साल की है। पत्नी आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के मुताबिक, अभी तक उपयुक्त मुआवजे की घोषणा शासन-प्रशासन की ओर से नहीं की गई है, जिसे लेकर लोगों में रोष है।

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