by Som Sahu June 24, 2017 जानकारियां 237
शिवहरे वाणी नेटवर्क
भोपाल।
मैं अकेला ही चला था जानिबे मंजिल मगर
लोग मिलते गए कारवां बनता गया
पवित्र उद्देश्य के लिए पूरी ईमानदारी के साथ की गई एक छोटी सी पहल कितना वृहद रूप ले सकती है, इसकी जीता-जागता उदाहरण है कलचुरि सेना। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब सालभर पहले अनुराग चौकसे नाम के एक युवक की हत्या के मामले में परिजनों को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया यह संगठन आज मध्य प्रदेश ही नहीं, आसपास के कई प्रदेशों तक में फैल चुका है। रविवार, 25 जून, 2017 को संगठन की ओर से कलचुरि सेना की ओर से एक विशेष जत्था कलचुरि धाम धर्मयात्रा पर निकलेगा।
कलचुरि सेना की महामंत्री श्रीमती कल्पना राय ने बताया कि कलचुरि धाम धर्मयात्रा के तहत यात्रियों का जत्था महेश्वर, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर की तीन दिन की यात्रा पर जाएगा। महेश्वर इतिहास मे कलचुरि राजवंश के राज्य महिष्मती की राजधानी रहा है। उन्होंने बताया कि धर्मयात्रा में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा के साथ ही मुंबई जैसे शहरों के 300 से अधिक यात्री होंगे। यात्रा भोपाल से चार बसों और 20-25 कारो से सबसे पहले महेश्वर के लिए रवाना होगी, रास्ते में यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया जाएगा। महेश्वर में कलचुरि समाज के कुछ लोग पहले से स्वागत लिए होंगे। महेश्वर दर्शन के बाद वहीं समाज पर चर्चा का आयोजन किया गया है।
श्रीमती कल्पना राय ने बताया कि यात्रा की योजना बनाते समय कलचुरि सेना के पास संसाधनों का बड़ा अभाव था, लेकिन समाज ने सहयोग की ऐसी मिसाल कायम की कि अब यात्रा का स्वरूप ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहले सौ लोगों को ले जाने का कार्यक्रम निर्धारित था, अब बढ़े हुए सहयोग के चलते यह संख्या 300 कर दी गई है। तीन दिन की इस यात्रा में महेश्वर, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर में स्थित समाज की धर्मशालाओं में यात्रा के लिए सभी इंतजाम निःशुल्क किए गए हैं।
कैसै बनी कलचुरि सेना
केंद्रीय विद्यालय से अवकाशप्राप्त श्रीमती कल्पना राय ने शिवहरे वाणी को बताया कि सालभर पहले भोपाल में अनुराग चौकसे नाम के एक बच्चे की हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस मामले मे कुछ नहीं कर रही थी। तब कलचुरि समाज के कुछ लोगों ने आशुतोष के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए व्हाट्सअप के जरिये एक अभियान दिया गया, जिसे कलचुरि सेना नाम दिया गया। कलचुरि सेना में देखते ही देखते कई लोग जुड़ गए जिससे आशुतोष के मामले में लड़ाई को नया बल मिला। कलुचरि सेना ने जुलूस निकाले, प्रदर्शन किए। अंततः पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी और पुलिस इस मामले मे अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
ऐसे आगे बढ़ा संगठन
श्रीमती कल्पना राय ने बताया कि आशुतोष मामले का पटाक्षेप होने के साथ ही वह उद्देश्य पूरा हो गया जिसके चलते कलचुरि सेना का गठन हुआ था। अब दो विकल्प थे, एक यह आशुतोष मर्डर केस का पटाक्षेप होने के बाद व्हाट्सएप से जुड़े कलचुरि सेना नाम के ग्रुप को समाप्त कर दिया जाता, दूसरा यह कि कलचुरि सेना को एक संगठन के रूप में स्थापित कर इससे जुड़े जागरूक लोगो की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जाए। जैसा कि जाहिर है, दूसरा विकल्प ही अपनाया गया।
मिसाल बन गए अभियान
श्रींमती राय ने बताया कि कलचुरि सेना ने समाज के लोगों से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके तहत कलचुरि सेना के लोगों और कलचुरि समाज के लोगों को उनके बर्थडे पर शुभकामनाओं के साथ अनोखा गिफ्ट देने की परंपरा डाली। इसके तहत कलचुरि सेना से जुड़े कुछ लोग बिना किसी पूर्व सूचना के उस व्यक्ति के घर के जाते हैं, जिसका बर्थडे है, और उसे एक पौधा गिफ्ट करते हैं। इसके अलावा कलचुरि सेना ने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पक्षी संरक्षण कार्यक्रम के तहत लोगों को कटोरे बाटें जिसमें पानी भरकर वे छतों पर रख सकते हैं और पक्षी अपनी प्यास बुझा सकते हैं। इसके अलावा हेल्मेट पहनने के लिए अभियान में चलाया गया।
