नीरव निकुंज में चल रही है भागवत कथा, शुक्रवार को होगा सांख्य शास्त्र उपदेश एवं नरसिंह अवतार का प्रसंग
शिवहरे वाणी नेटवर्क
सिकंदरा स्थित नीरव निकुंज में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा व्यास स्वामी श्री अरविंद जी महाराज ने महाराज ने भगवान सुखदेव की कथा और परीक्षित के जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि सभी जीवों की मृत्यु निश्चित है। मृत्यु से पूर्व परमात्मा का स्मरण हो पाये, यही जीव का परम सौभाग्य है।

श्री अरविंदजी महाराज ने विस्तार से परीक्षित के जन्म की कहानी का वर्णन करते हुए बताया कि परीक्षित जब धरती के राजा बनते हैं तो उन्हें कलयुग का दर्शन हुआ। कलयुग ने परीक्षित से चार स्थान मांगे-पहला मदिरालय, दूसरा जुआ खेलने का स्थान, तीसरा वेश्यालय और चौथा पशुवधशाला। राजा परीक्षित, कलियुग के वशीभूत हो गए। उन्होंने कहा कि पाप एक व्यक्ति के जीवन को सही मार्ग से गलत मार्ग की ओर मोड़ देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को अच्छे व पुण्य के कार्य करने चाहिए। अच्छे कार्यो को करना ही प्रभु की सच्ची सेवा है। मुख्य जजमान की गद्दी पर श्री सुरेशचंद्र शिवहरे और परीक्षित की गद्दी पर रवि शिवहरे एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शिल्पी शिवहरे विराजमान रहीं। मुनिश्री की अमृतमयी वाणी में सर्वमंगलकारिणी दिव्य भागवत कथा का आनंद लेने के लिए सैकड़ों भागवत प्रेमी उपस्थित रहे।

श्री सुरेशचंद्र शिवहरे एवं रवि शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि शुक्रवार 11 मई को भागवत मर्मज्ञ श्री अरविंदजी महाराज सांख्य शास्त्र उपदेश और नरसिंह अवतार का वर्णन करेंगे। उन्होंने शिवहर समाज बंधुओं से परिवार पधाकर उक्त दो महत्वपूर्ण प्रसंगों का आनंद लेने का आग्रह किया है।












Leave feedback about this