शिवहरे वाणी नेटवर्क
बेतिया।
देश की एक प्रमुख पत्रिका मैगजीन ‘फेम इंडिया’ ने एशिया पोस्ट के साथ मिलकर देश के 545 सांसदों को लेकर हाल में एक सर्वे कराया है। इस ‘एशिया पोस्ट-फेम इंडिया सर्वे’ में 25 अलग-अलग श्रेणियों में 25 सबसे शक्तिशाली सांसदों को चुना गया है। इसमें 'कर्तव्य-परायणता' की श्रेणी में डा. संजय जायसवाल को सर्वोच्च स्थान पर रखा है।
बिहार के पश्चिमी चंपारण सीट से भाजपा सांसद डा. संजय जायसवाल जनसेवा की राजनीति के लिए जाने जाते हैं। उनका शुमार उन चंद सांसदों में होता है जिन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता में अपने प्रति विश्वास को मजबूत किया है। सांसद के रूप में अपने लगभग दस साल के करियर में उन्होंने कई बार बा़ढ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में खुद प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत-बचाव एवं सेवा कार्य किए, जिसकी चर्चा मीडिया में होती रही है।
पटना मेडिकल कालेज से एमबीबीएस और दरभंगा मेडिकल कालेज से एमडी डा. संजय जायसवाल आकर्षक व्यक्तित्व के धनी हैं। 53 वर्षीय डा. संजय जायसवाल अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते ही सियासत में आए। उनके पिता स्व. डा. मदन प्रसाद जायसवाल पश्चिमी चंपारण सीट से ही भाजपा के टिकट पर 1996, 1998 और 1999 में लगातार तीन बार भाजपा के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए। अपने क्षेत्र में वह एक लोकप्रिय नेता थे।
डा. संजय जायसवाल ने 2009 में पहली बार चुनाव लड़ा और सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद 2014 की मोदी लहर मे उन्होंने जदयू के प्रकाश झा को पराजित कर बड़ी जीत हासिल की। डा. संजय जायसवाल संसद की कई महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य हैं। वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पर केंद्रीय परिषद के सदस्य भी हैं। डॉ. संजय जायसवाल को विश्व स्वास्थ्य बोर्ड का सदस्य भी चुना गया है. इनका कार्यकाल 2022 तक रहेगा।
डा. संजय जायसवाल को एक लोकप्रिय सांसद माना जाता है और अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन हमेशा शिद्दत से करते रहे हैं। खास बात यह है कि अपने डाक्टरी पेशे को उन्होंने सेवा का जरिया बनाया। बाढ़ की स्थिति में खुद की नाव पर सवार होकर प्रभावित इलाको में पहुंच जाते है, मेडिकल कैंपों में जाकर प्रभावित लोगों का परीक्षण करते हैं, दवाएं देते हैं। प्रशासन के राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी भी करते हैं।
डा. संजय जायसवाल को सियासत के साथ ही उनके मेडिकल पेशे में उनकी माताजी डा. श्रीमती सरोज जायसवाल और पत्नी डा. श्रीमती मंजू चौधरी चिकित्सा का सहयोग मिलता है। उनका एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं। हालांकि जनता के प्रति अपनी ड्यूटी निभाने के बाद भी डा. जायसवाल को पार्टी के अंदर ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ‘एशिया पोस्ट-फेम इंडिया सर्वे’ के नतीजे उनके लिए बड़ी राहत देने वाले हैं। उम्मीद है कि यह सर्वे आगामी आम चुनाव में उनकी दावेदारी को मजबूती देगा।
सर्वे में डा. जायसवाल के अलावा संतोष अहलावत, चंद्र प्रकाश जोशी, डॉ. किरीट प्रेम सोलंकी, डॉ. उदित राज, मल्लिकार्जुन खड़गे, एनके प्रेमचंद्रन, राजू शेट्टी, गणेश सिंह, महेंद्र नाथ पांडेय, वीरेंदर सिंह मस्त, दिलीप गांधी, प्रह्लाद सिंह पटेल, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, गोपाल चिन्नया शेट्टी, सुप्रिया सुले, कुमारी सुष्मिता देव, रंजीत रंजन, प्रेम दास राई, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, धर्मेंद्र यादव, सुधीर गुप्ता, राजीव शंकर राव सात्तव, रावेन्द्र जेना और कल्वकुन्तल कविता को अलग-अलग श्रेणियों में सबसे शक्तिशाली सांसद चुना गया है।
समाचार
डा संजय जायसवाल बने सबसे शक्तिशाली सांसद
- by admin
- October 29, 2016
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- 9 years ago








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