आगरा।
वर्ष 2026 संपूर्ण समाज के लिए मंगलकारी हो, इस कामना के साथ राधाकृष्ण मंदिर प्रबंध समिति ने साल के पहले दिन 1 जनवरी को दोपहर 2 बजे सुंदरकांड के संगीतमयी पाठ का आयोजन किया है।
राधाकृष्ण मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अऱविंद गुप्ता ने समस्त कार्यकारिणी की ओर से समाजबंधुओं को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मंदिर में सपरिवार पधारकर सुंदरकांड के श्रवण का लाभ प्राप्त करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि नए साल में सुंदरकांड के श्रवण का विशेष महात्म माना जाता है, जो श्रोता को पूरे साल लाभ प्रदान करता है। सुंदरकांड दोपहर 2 बजे से शुरू होगा और प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।

इसलिए शुभ है सुंदरकांड का श्रवण
शुभ कार्यों की शुरुआत से पहले गोस्वामी तुलसीदासजी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड के पाठ का विशेष महत्व है। माना जाता है कि जीवन में ज्यादा परेशानियां हो, कोई काम नहीं बन पा रहा हो या फिर आत्मविश्वास की कमी हो या कोई और समस्या हो तो सुंदरकांड के पाठ से शुभ फल प्राप्त होने लग जाते हैं।

सफलता का मंत्र है सुंदरकांड
माना जाता है कि सुंदरकांड के पाठ में बजरंगबली की कृपा बहुत ही जल्द प्राप्त हो जाती है। जो लोग नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करते हैं, उनके सभी दुख दूर हो जाते हैं। इसमें हनुमानजी ने अपनी बुद्धि और बल से सीता की खोज की है। इसी वजह से सुंदरकांड को हनुमानजी की सफलता के लिए याद किया जाता है।

देता है आत्मविश्वास
वास्तव में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड की कथा सबसे अलग है। संपूर्ण श्रीरामचरितमानस भगवान श्रीराम के गुणों और उनके पुरुषार्थ को दर्शाती हैं। सुंदरकांड एकमात्र ऐसा अध्याय है जो श्रीराम के भक्त हनुमान की विजय का है। मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए तो यह आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ाने वाला कांड है। सुंदरकांड के पाठ से व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्राप्त होती है, किसी भी कार्य को पूर्ण करने के लिए आत्मविश्वास मिलता है।









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