कोटा।
राजस्थान के कोटा में बीते शुक्रवार (23 जनवरी) को ‘हैहय क्षत्रिय कलाल संस्थान’ द्वारा आयोजित कलार समाज का ‘निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह’ अपने-आपमें ‘सामाजिक एकता, समानता, सौहार्द्र और सहयोग’’ की जीवंत मिसाल बन गया। ऐतिहासिक दशहरा मैदान में बसंत-पंचमी के पावन-दिन 51 स्वजातीय जोड़ों ने हमसफर बनकर दांपत्य जीवन में प्रवेश किया।

इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय सांसद ओम बिड़ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। नवदंपतियों को आशीर्वाद व शुभकामनाएं देने के लिए हजारों समाजबंधु दशहरा मैदान पहुंचे। संस्थान के अध्यक्ष विकास मेवाड़ा ने शिवहरेवाणी से बातचीत में दावा किया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में लगभग 50 हजार समाजबंधु दशहरा मैदान में जुटे थे। उनके मुताबिक, 35 हजार लोगों ने भोजन किया है। और, ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं थी जो आशीर्वाद देकर बिना भोजन किए ही लौट गए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कन्या और वर के पक्षों को 200-200 लोगों को लाने की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा कोटा-बूंदी और आसपास के जिलों से भी हजारों समाजबंधु आए थे।
सात फेरे, आठ वचन; संरक्षण संरक्षण का संकल्प
इस सामूहिक विवाह की एक और खास बात यह रही, कि इसमें कुछ आर्थिक संपन्न परिवारों ने भी अपने बच्चों की शादियां करवा कर देशभर के कलचुरी समाज को ‘सामाजिक संबंधों में समानता भाव’ और ‘वैवाहिक आयोजनों में सादगी’ का संदेश दिया। ज्यादातर जोड़े आसपास के जिलों से ही थे। विकास मेवाड़ा ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में दूल्हा दुल्हन को सात वचन के साथ एक आठवां वचन भी दिलाया गया जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया और एक-एक पौधा लगाए जाने और उसकी देखरेख का संकल्प दिलाया गया।

खुली गाड़ियों में गाजे-बाजे के साथ पहुंचे 51 दूल्हे
श्रीमती जैस्मिन विकास मेवाड़ा ने बताया कि 23 जनवरी की सुबह सभी 51 दूल्हों की विशाल बारात निकाली गई जिसमें सभी 51 दूल्हे दो खुली गाड़ियों पर सवार थे। बारात में परिजनों ने जमकर डांस किया। विवाहस्थल पर तोरण की रस्म के बाद वरमाला का भव्य कार्यक्रम हुआ। अंत में वैदिक विध-विधान से सभी जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार हुआ। इस दौरान कहीं सेल्फी का दौर चला तो कहीं जमकर लोग डीजे पर थिरकते रहे। दूर दराज से आए लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो ऐसा प्रयास किया गया। विदाई के समय सभी की आंखे नम हो गई और माता पिता ने अपनी बेटियों को हमेशा सुखी रहने की प्रार्थना के साथ विदा किया।

कलाल मूल्यों पर आधारित समाज- ओम बिड़लाकार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे कोटा-बूंदी के सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी जोड़ों को दांपत्य-जीवन की शुभकामनाएं दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम समाज और परिवारों को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कलाल समाज मूल्यों पर आधारित समाज है, जो कुरीतियों के उन्मूलन में तो अग्रणी रहा ही है, अब शिक्षित होकर सामाजिक परिवर्तन का वाहक बना हुआ है। बिरला ने कहा कि कलाल समाज एक जागरूक समाज है जिसने वंचित को मुख्य धारा में लाने का काम किया है। खासकर कोटा में इस समाज ने अपने जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से पेंशन देने औऱ बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने के अदभुत प्रयास किए हैं। मंच पर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए समाज के भामाशाहों को सम्मानित किया गया।

नवदंपतियों पर उपहारों की बौछार
सामूहिक विवाह में समाजबंधुओं की ओर से नवदंपतियों पर शगुन के तौर पर मानो उपहारों की बौछार दी हो। इसके अलावा राजस्थान की रहने वाली वधुओं को राज्य सरकार की ओऱ से 21 हजार रुपये का अनुदान भी दिया गया।
शगुन स्वरूप उपहार प्रदान करने वाले भामाशाह
बेड, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, बर्तन सेट, पंखा- हैहय क्षत्रिय कलाल संस्थान (सभा), कोटा
मिक्सी- योगेंद्र पारेता, मिर्जापुर
हैंड ब्लेंडर- आनंद मेवाड़ा
कापरेन व तकिया सेट-विकास पारेता
दीवार घड़ी- दीपेश पारेता
इलेक्ट्रिक प्रेस- परमानंद पारेता, हरनावदा
बाटी ओवन- नंदकिशोर जायसवाल, इंदौर
20 क्विंटल आटा- घनश्याम मेवाड़ा, दीगोद
2 क्विंटल शक्कर- अयोध्या पारेता (धर्मपत्नी स्व. ओमप्रकाश जी मेवाड़ा), श्रीनाथपुरम
2 क्विंटल शक्कर-मनोज मेवाड़ा, रायपुरा
पानी का कैम्पर (5 लीटर)- हेमंत मेवाड़ा, बडौद
बिछिया- किरण पारेता, अनंतपुरा
डबलबेड कंबल- योगेश कलवार (स्व. हेमराज जी कलवार, पूर्व अध्यक्ष)
ट्रॉली बैग- कैलाश जायसवाल, अहमदाबाद
हॉट केस- रामस्वरूप सुवालका, सोरसन
स्टील की पानी बोतल-सत्यप्रकाश मेवाड़ा, गुमानपुरा
चाय एवं शक्कर के डिब्बे- आशीष मेवाड़ा, बल्लभबाड़ी
मल्टी मिक्सर- रवि सुवालका (चोरू वाले), कुन्हाड़ी, कोटा
लंच बॉक्स – हीरालाल पारेता (संरक्षक, कलाल विकास समिति, झालावाड़)
कुकर (5 लीटर)- भवानी धारवाल, अनूप धारवाल, नीलेश धारवाल, जयपुर
कप सेट – शिवम पारेता
गैस का चूल्हा- डॉ. मुकेश सुवालका एवं डॉ. निधि बंसल सुवालका
डिनर सेट – नितिन मेवाड़ा
बाल्टी मग सेट- राकेश सुवालका
कंफर्टर- गजेंद्र पारेता
गद्दे- किरण पारेता
स्टील की मसालदानी- संत हरिहर दास जी महाराज, वृंदावन
चाय का थर्मस- मुकेश कुमार माहूर
चाय़ की भगोनी- रामगोपाल कलवार,डडवाड़ा स्टेशन, कोटा
पुडिंग सेट – नरेंद्र धारवाल, विष्णु पारेता, दिलीप पारेता
जग गिलास सेट- रामचन्द्र मेवाड़ा, रायपुरा
एसी कंफर्टर- गजेंद्र कुमार पारेता, पनवासा (अलवर)
वधुओं की भावुक विदाई
शाम करीब 4 बजे सभी जोड़ों की विदाई की रस्म हुआ। सभी वधुओं के माता-पिता व अन्य परिवारीजनों ने नम आंखों से उन्हें विदा किया। कार्यक्रम संयोजक अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पारेता ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में हैहय क्षत्रिय कलाल संस्थान (सभा), कोटा के डीएस कलवार (मंत्री), चेतराम मेवाड़ा (उपाध्यक्ष), मनोज वर्मा (उपमंत्री) व सभी निदेशकों शिवराज ग्वालेरा, धनपाल माहुर, विशाल वर्मा, राजकुमार कलवार, शंकर मालवीय, पवन कलवार, शांति सुवालका, प्रदीप माथुर, महावीर पारेता के अलावा महिला मंडल अध्यक्ष मीना सुवालका, युवामंडल अध्यक्ष लक्की पारेता, जीतेंद्र पारेता, राहुल सुवालका विजय पारेता आदि ने व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं और संचालन के लिए निःशुल्क सामूहिक विवाह महासम्मेलन समिति का गठन किया गया था जिसमें प्रकाश जायसवाल, उमेश मेवाड़ा, नरेंद्र भास्कर, कन्हैयालाल सुवालका, मोहन सुवालका, राधेश्याम पारेता, जगन्नाथ पारेता, महेंद्र मेवाड़ा, बाबूलाल नागर, मधुसूदन मेवाड़ा, पूनमचंद्र मेवाड़ा, नरेश तलाईचा, बाबूलाल मेवाड़ा, धनश्याम नागर, नीरज वर्मा, ब्रह्मानंद कलवार, हरिप्रसाद राही, गोकुल पारेता, हरिओम मेवाड़ा, संजय पारेता, राकेश सुवालका, पवन मेवाड़ा, चेतन पारेता, दीपेश पारेता, कमलेश पारेता, मोनू मेवाड़ा, कपिला पारेता, बबलू पारेता, धीरज कलवार, विष्णुनंदन ग्वाला, अश्विन मेवाड़ा, मनीष मेवाड़ा, राजकुमार मेवाड़ा, राहुल पारेता, सक्षम मेवाड़ा, रवि सुवालका, राहुल पारेता, सक्षम मेवाड़ा, रवि सुवालका मुख्य रूप से शामिल थे।








Leave feedback about this