March 11, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार समाज

ओरछा के अमित राय ने लाखों रुपये का ‘दहेज’ ठुकराया; सामूहिक विवाह में तहसीलदार रितु राय संग लेंगे सात फेरे; बहु को बेटी मान गिफ्ट की लग्जरी कार

ओरछा (निवाड़ी)।
निवाड़ी जिला पंचायत सदस्य श्री अमित राय ने विदिशा में पदस्थ तहसीलदार सुश्री रितु राय संग अपने सगाई समारोह एवं तिलकोत्सव में दहेज खिलाफ एक आदर्श समाज के सामने प्रस्तुत किया है। अमित राय ने फलदान की रस्म में वधु पक्ष की ओर से दिए गए लाखों रुपये भरे सूटकेस और कीमती सामान को लौटा दिया, केवल चांदी का एक सिक्के सिर-माथे लगाकर स्वीकार किया।
बात यहीं खत्म नहीं होती। अमित राय ने आगामी अक्टूबर-नवंबर माह में एक ‘सामूहिक विवाह समारोह’ में शादी करने का निर्णय लिया है, जिसकी घोषणा उन्होंने छह साल पहले ही कर दी थी। फिलहाल ओरछा के प्रतिष्ठित कलचुरी परिवार के चिराग अमित राय की दहेज के खिलाफ यह सार्थक पहल खासी चर्चा में है। उनकी होने वाली दुल्हन सुश्री रितु राय उनके इस कदम से बेहद इंप्रेस औऱ गौरवान्वित नजर आईं। अपने फेसबुक वॉल पर लिखे एक संदेश में उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे सुंदर और भावुक क्षण बताया। सुश्री रितु राय ने फेसबुक पर लिखा कि उनके जीवनसाथी एक बड़े और प्रतिष्ठित परिवार से ही नहीं आते, उनका दिल भी बड़ा है। सबसे गर्व की बात यह है कि उन्होंने रिश्ते को किसी लेन-देन से नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और समानता से जोड़ा…..दहेज जैसी कुप्रथा को ठुकराकर उन्होंने यह साबित किया कि सच्चे संस्कार शब्दों से नहीं, बल्कि निर्णयों से दिखाई देते हैं। यह सगाई मेरे लिए सिर्फ एक रिश्ता नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सच्चे प्रेम की शुरुआत है।

आपको बता दें कि ओरछा के युवाओं के बीच अमित राय की छवि एक यूथ आइकन की है जिन्होंने बहुत कम उम्र में राजनीतिक, सामाजिक औऱ कारोबारी जगत में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। वह 2023 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े थे। हालांकि वह 15 हजार वोटों से हार गए थे लेकिन जिस कुशलता और दमदारी के साथ उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को टक्कर दी थी, उससे विरोधी भी उनके मुरीद हो गए। अमित राय की माताजी श्रीमती सरोज प्रेमचंद राय वर्तमान में निवाड़ी जिला पंचायत की अध्यक्ष हैं, जिसके वह सदस्य हैं। उनके पिता श्री प्रेमचंद राय जाने-माने व्यवसायी और समाजसेवी हैं जो अब तक करीब 10 सामूहिक विवाह समारोह कराकर सैकड़ों गरीब कन्याओं की दहेजरहित शादी करा चुके हैं। श्री प्रेमचंद राय ने अंतिम सामूहिक विवाह कोरोना से ठीक पहले 2018 में कराया था, जिसमें 54 जोड़ों की शादी हुई थी। उसी सामूहिक विवाह समारोह में अमित राय ने घोषणा कर दी थी कि वह भी अपना विवाह सामूहिक विवाह समारोह में ही करेंगे।

शिवहरेवाणी से बातचीत में अमित राय ने कहा कि उनके लिए अब अपने संकल्प को पूरा करने का वक्त आया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्टूबर-नवंबर में सामूहिक विवाह का आयोजन करेंगे जिसमें 100 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य होगा। उन्हीं में एक जोड़ा उनका और रितु राय का भी होगा, जिसकी रजिस्ट्रेशन आज ही हो गया समझो। बता दें कि सुश्री रितु राय के साथ उनकी रिंग सेरेमनी (सगाई) और तिलकोत्सव 10 मार्च को ओरछा के एक निजी होटल में संपन्न हुआ। टीकमगढ़ निवासी श्री प्रमोद कुमार राय और श्रीमती सुमन राय की होनहार पुत्री सुश्री रितु राय 2020 में एमपी-पीएससी परीक्षा में सफल होकर तहसीलदार एवं कार्यपालक अधिकारी के पद पर चयनित हुई थीं।

सगाई एवं तिलकोत्साव के दौरान दोनों पक्षों के कुछ करीबी रिश्तेदार औऱ मित्र ही शरीक हुए थे। समारोह में सगाई के बाद तिलकोत्सव के दौरान जब फलदान की रस्म की बारी आई तो वधु पक्ष की ओऱ से बड़ी डलिया में एक सूटकेस के साथ कुछ कीमती हार-उपहार भी रखे थे, जिन्हें देख श्री अमित राय पहले तो सकपका गए। जब उन्हें बताया गया कि सूटकेस में नगद धनराशि रखी है, तो उन्होंने डलिया को लेने से साफ इनकार कर दिया और केवल चांदी का एक सिक्का उठाकर बाकी सामान बडी विनम्रता और आग्रह के साथ वधु पक्ष को लौटा दिया। वधु पक्ष के लोगों ने अमित राय के माता-पिता से इसे स्वीकार करने को कहने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने भी अपने पुत्र के निर्णय का समर्थन कर एक मिसाल प्रस्तुत की। खास बात यह है कि इस समारोह में श्री प्रेमचंद राय और श्रीमती सरोज राय ने अपने होने वाली बहु रितु राय को एक लग्जरी कार भी भेंट की। उन्होंने कहा कि यह गाड़ी वह अपनी बहु को दे रहे हैं, जो बेटी बनकर उनके परिवार में आने वाली है।

आगरा-फिरोजाबाद के विधायक श्री विजय शिवहरे ने भी श्री अमित राय के इस निर्णय की सराहना करते हुए बताया कि वह एक प्रभावशाली परिवार के प्रतिभाशाली चिराग हैं, उनके निकट रिश्तेदार भी हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को अपना राजा मानने वाली ओरछा की सरजमीं से श्री अमित राय ने आदर्श प्रस्तुत किया है, वह पूरे समाज को दहेज-रहित विवाह के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि श्री अमित राय का सामूहिक विवाह में फेरे लेने का का निर्णय भी बहुत सराहनीय पहल है, जो आम मघ्यम वर्गीय परिवारों में बच्चों की भारी-भरकम शादी करने की होड़ समाप्त कर उन्हें सादगीपूर्ण विवाह की ओर उन्मुख करेगा।

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