अमरावती।
अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार महासभा के महाधिवेशन और विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन में उपजातियों के भेदों को भुलाकर एक हो जाने का उदघोष हुआ। मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने अपने संबोधन कलार समाज की क्षमताओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को उपजाति के भेद के बिना अपने समाज एक बड़ा परिवार मानना चाहिए। वहीं नागपुर से आए जाने-माने उद्योगपति एवं प्रख्यात समाजसेवी श्री दीपक जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण ने एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था और उसके साये में गोवर्धन वासी सुरक्षित हो गए थे, उसी तरह पूरा समाज एक छत के नीचे आकर सुरक्षित और विकसित हो सकता है।
.jpg)
अंबादेवी की नगरी अमरावती के विशाल संत ज्ञानेश्वर सांस्कृतिक भवन में रविवार 5 मार्च को हुए अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार महासभा के महाधिवेशन और विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हजारों की संख्या में कलार समाजबंधु उपस्थित रहे। पूरा हॉल खचाखच भरा हुआ था। आयोजन प्रभारी एवं महासभा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष श्री कमल मालवीय की मानें तो कार्यक्रम में लगभग तीन हजार समाजबंधुओं ने भागीदारी की। खास बात यह है कि एकता के जो आह्वान मंच से किए जा रहे थे, दर्शक दीर्घा उसकी तस्वीर बनी हुई थी। बड़ी संख्या में मराठा कलार के साथ महाराष्ट्र में रह रहे बाहरी मूल के कलार समाज की उपस्थिति भी उत्साहजनक रही। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की मानें महाराष्ट्र की जमीन पर और खासकर अमरावती में कलार समाज के बीच एकता का ऐसा प्रदर्शन कम ही देखने को मिला है।
हम सब समाज की सामूहिक रचना के लाभार्थी हैः फड़नवीस
आयोजकों ने मुख्य अतिथि देवेंद्र फड़नवीस का जोरदार स्वागत किया। बांसवाड़ा से आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री हरीशचंद्र कलाल ने मुख्य अतिथि को खूबसूरत राजस्थानी पगड़ी पहनाई। फड़नवीस ने अपने संबोधन में कहा कि हम सब समाज की सामूहिक रचना के लाभार्थी हैं, और हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगली पीढ़ी भी इससे लाभान्वित हो। इस दिशा में हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि कलाल समाज एक क्षमतावान समाज है जिसके लोग हर क्षेत्र में प्रगति कर रहे हैं। महासभा जैसे संगठन समाज के उस इको-सिस्टम का हिस्सा हैं जो व्यक्ति को उसकी प्रगति में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि महासभा का उद्देश्य उपजातियों के भेद मिटाकर सामाजिक एकता को कायम करना है जो बहुत प्रशंसनीय लक्ष्य है। इसके लिए वैवाहिक संबंधों पर परंपरावदी दृष्टिकोण को बदलना भी जरूरी है, इनमें उपजाति को लेकर संकीर्ण होने के बजाय वर-वधु की परस्पर उपयुक्तता पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह की रस्म में गलत परंपराओं को समाप्त करने के लिए लोगों को आगे आने होगा। साथ ही महिलाओं के प्रति सम्मान के संस्कार बच्चों में डालने होंगे, तभी समाज विकास कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में आयोजक संस्था समाज में अच्छा काम करने वाली महिलाओं को ‘कलाल श्रीमती’ सम्मान से विभूषित कर रही है जो बहुत सराहनीय कदम है।
सहयोग की भावना को संस्कारों का हिस्सा बनाएः दीपक जायसवाल
कलचुरी एकता समवर्गी संघ नागपुर के संरक्षक और जाने-माने समाजसेवी श्री दीपक जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हम सब स्वजातीय बंधुओं को उसी तरह एक छत के नीचे आ जाना चाहिए, जिस तरह गोवर्धनवासी भगवान श्रीकृष्ण की उंगली पर टिके गोवर्धन पर्वत के साये में आकर सुरक्षित हो गए थे। उन्होंने कहा कि आज हमारी आयु के लोग सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, क्योंकि परिवार और समाज हमारा बेस रहा है मगर मौजूदा अर्थ-प्रधान सोच के दौर में हम अपनी भावी से हम यह उम्मीद नहीं कर सकते। इसीलिए समाज में एकता और जरूरी हो गई है, ताकि अपने परिवार, पड़ोसी, रिश्तेदारों औऱ समाजबंधुओं का ख्याल करना हमारे संस्कारों का हिस्सा बने।
परिचय सम्मेलनों से धन व समय की बचतः डा. बोंडे
सांसद डा. अनिल बोंडे ने अपने संबोधन में कहा कि कलाल समाज उद्योग, शिक्षा तथा विविध क्षेत्रों में प्रगति पथ पर है। समाज की एकता समाज को आगे ले जाने मे सहायक साबित होती है। सामूहिक युवक-युवती परिचय सम्मेलनों की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से धन और समय की बचत होती है।
महाधिवेशन में सेवा को मिला सम्मान
महाधिवेशन में अखिल भारतीय कलाल कलार महासभा की ओर समाजसेवियों को उत्कृष्ट कार्यों से विशेष सम्मान से नवाजा गयाः-
कलाल रत्नः- डा. ओंकारराव बिहाडे, आनंद भमोरे, पीबी उके, राजेंद्र डागे
कलाल गौरवः- डा. आशीष डगवार, लक्ष्मीनारायण मालवीय, डा. चित्तरंजन गांगडे, रामकृष्ण मेश्राम, श्यामलाल चौथामल
कलाल श्रीः- बबनराव पेलागड़े, मोहनलाल जायसवाल, वैभव फरकंडे, अनिल मालवीय, शेषराव सहारे औऱ उज्ज्वल सामुद्रे
कलाल श्रीमतीः- वीणा पटले, स्नेहा राय, माधुरी घोसेकर, प्राजक्ता पातुर्डे को कलाल श्रीमती से विभूषित किया गया।
विशाल मंच पर विधायक प्रवीन पोटे पाटिल, विधायक प्रताप अडवाड, पूर्व विधायक केशवराव मांकड, कलचुरी एकता समवर्गी संघ, नागपुर के अध्यक्ष डा. बीआर काकपुरे, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकरभाई पटेल, राष्ट्रीय महासचिव किशोर भगत, कोषाध्य मनीष राय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरीशचंद्र कलाल, राष्ट्रीय सचिव ललित समदुलकर, भैरूलाल कलाल (उदयपुर), कार्यक्रम प्रभारी एवं महाराष्ट्र अध्यक्ष कमल मालवीय, महिला प्रदेश अध्यक्ष अनीता मावले, अजय चितौड़े, रामचंद्र शाह (नेपाल), विजय राउत, किशोर सावले, दीपक राउत, जिला अध्यक्ष सुरेश मालवीय, कोसरे कलाल समाज संगठन के अध्यक्ष दिलीप सूर्यवंशी, अरुण शेंडे, अनिल मानकर, संजय जायसवाल, मिनल दखने, महादेव उके भी उपस्थित रहे। संचालन प्राजक्ता राउत ने किया।
कलचुरी एकता समवर्गी संघ, नागपुर के सदस्य और पदाधिकारियों की भी इस कार्यक्रम में उत्साहजनक भागीदारी रही। संरक्षक श्री दीपक जायसवाल और अध्यक्ष डा. काकपुरे के अलावा महासचिव सुरेश बोरेले (राय), पूर्व अध्यक्ष राजन कटकवार, सुरेश चौरीवार, फाल्गुन उके, दामोदर दियेवार, गजानन पटले, किशोर मेहता, मुरलीधर गणोजे, वर्षा गणोजे, डॉ.राजेश पशीने, श्याम कोसरकर, पूर्व नगराध्यक्ष गणेश राय आदि उपस्थित रहे।
