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आगरा।
आगरा का हरीपर्वत थाना अब पहले जैसा नहीं रहा। किसी कारपोरेट ऑफिस की तरह आधुनिक संरचनाओं और सुविधाओं से सुसज्जित यह थाना डिजीटलीकरण और हाइपर-कलेक्टिविटी के आधुनिक दौर में नई ‘पब्लिक फ्रेंडली’ पुलिसिंग का आइना बनकर सामने आया है। और, यह कमाल किया है शहर के उभरते हुए युवा आर्किटेक्ट व डिजायनर नितिन शिवहरे ने, जिसके लिए आगरा के पुलिस आयुक्त प्रीतिन्दर सिंह ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया है। यही नहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी हरीपर्वत थाने का यह नया रूप इस कदर भाया, उन्होंने कि अपने पोर्टल पर अफसरों से सूबे के अन्य थाने भी तरह संवारने की इच्छा जाहिर कर दी। पुलिस महकमे ने उन्हें अब मथुरा के राया थाने का काम भी सौंप दिया है।
पुलिस आयुक्त प्रीतिन्दर सिंह ने नितिन शिवहरे को प्रशस्तिपत्र सौंपते हुए थाना हरिपर्वत, कमिश्नरेट आगरा के बाह्य परिसर के निर्माण कार्य में उत्कृष्ट वास्तुकला, उच्चकोटि की गुणवत्ता के साथ समयबद्धता के लिए नितिन शिवहरे की मुक्तकंठ सराहना की। शिवहरेवाणी से बातचीत में नितिन शिवहरे ने बताया कि थाना हरीपर्वत के प्रोजेक्ट को उन्होंने एक चुनौती की तरह लिया। मुश्किल यह थी कि पुलिस महकमे ने इसके लिए एक सीमित बजट रखा था औऱ काम को महज एक महीने में पूरा करना था। उन्होंने हरीपर्वत थाने के नवनिर्माण में पुलिस अधिकारियों द्वारा निर्देशित एक-एक बिंदु को ध्यान में रखते हुए काम किया। उसी हिसाब से खरीदारी की, अधिक लेबर लगाकर रात दो-दो बजे तक काम कराया। उन्होंने बताया कि मुख्य काम थाने के बाहरी हिस्से में हुआ। थाने के एलीवेशन को नया रूप दिया, आधुनिक साइन बोर्ड का इस्तेमाल किया जो खासतौर पर रात के समय थाने को आधुनिक लुक दे रहे हैं। थाने के अंदर पहले से मौजूद संरचना को ही छोटे-छोटे बदलाव कर नया रूप दिया है, जिसमें शिकायत डेस्क, महिला हेल्प डेस्क, दीवानखाने, मालखाने, के साथ आयुक्त के कांफ्रेंस रूम आदि को रिनोवेट किया। आधुनिक शौचालय तैयार कराए हैं। थाने को उसकी नई संरंचना के लिए बीते छह सितंबर को आईएसओ सर्टिफिकेट भी दिया गया है। नितिन शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि पुलिस कमिश्नर डा. प्रीतिन्दर सिंह ने उन्हें प्रशस्तिपत्र देते हुए जब जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी आपके काम की सराहना करते हुए अन्य थानो में भी इसी तरह काम कराने का सुझाव दिया है, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके ये शब्द मेरे लिए अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
दयालबाग में मीना एंक्लेव निवासी श्री अनिल शिवहरे और श्रीमती रेनू शिवहरे के आर्किटेक्ट पुत्र नितिन शिवहरे गत तीन वर्षों से आगरा में काम कर रहे हैं। इतने कम समय में उनकी कंपनी ‘नरमाडैक डिजाइन स्पेस’ ने आगरा के अलावा अलीगढ़, मथुरा, इटावा, दिल्ली, नोएडा समेत कई शहरों में कई रेजीडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट शामिल हैं। अकेले आगरा में ही वह 50 से अधिक प्रोजेक्ट कर चुके हैं, जिनमें पुलिस लाइन में साइबर क्राइम ऑफिस, केटीएम शोरूम (एमजी रोड), चाय-सुट्टा बार (संजय प्लेस, कारगिल चौराहा और मथुरा), न्यू पीजा किंग (दयालबाग), टिप्सी ग्रिल कैफे (लॉयर्स कालोनी), होटल विजय विलास (न्यू आगरा), होटल लक्ष्मी पैलेस (धाकरान चौराहा) शामिल हैं। गाजियाबाद के एक प्रतिष्ठित संस्थान से बी.आर्क. डिग्री होल्डर नितिन शिवहरे कहते हैं कि आर्किटेक्चर और इंटीरियर डिजायनिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें रचनात्मक अभिरुचि वाले कल्पनाशील युवाओं के लिए शानदार करियर की अपार संभावनाए हैं। आर्किटेक्चर में मैटीरियल, क्लाइमेट, वेंटीलेशन, फ्लोरिंग जैसे टैक्निकल पहलुओं पर फोकस करना होता है तो इंटीरियर डिजाइनिंग में ह्यूमन साइकोलॉजी और ह्यूमन इमोशन्स जैसी बारीकियों का ध्यान रखना जरूरी है। इसमे आपकी संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता सबसे ज्यादा काम आती है।
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