मुरैना।
सफेद कपड़े में लिपटी 2 साल के भाई की लाश को अपनी गोद में लिए, उस पर बैठ रही मक्खियों को भगाते और पिता के आने का इंतजार करते 8 साल के गुलशन का वीडियो याद होगा आपको। विकास के हवाई दावों के बीच बढ़ती गरीबी की इस हकीकी तस्वीर ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।‘ऐसी गरीबी से जूझ रहे नौनिहालों का भविष्य क्या होगा?’, ‘जिसका बचपन ऐसा है उसकी जवानी क्या होगी?’ऐसी तमाम चिंताओं और सवालों के बीच एक खबर दिल को सुकून देने वाली आई है।
मुफलिसी के चलते शिक्षा से वंचित गुलशन का भविष्य संवारने की पहल की है भोपाल के आशुतोष चौकसे ने। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने गुलशन की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। आशुतोष चौकसे ने शिवहरेवाणी को बताया कि उन्होंने गुलशन के पिता पूजाराम से फोन पर बात की और उनकी स्थिति की पूरी जानकारी ली। अंबाह के पूजाराम ने मासूम बेटे राजा को गंभीर बीमार पड़ने पर मुरैना के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी। बेटे के शव को गांव ले जाने के लिए एंबुलेंसवालों डेढ़ हजार रुपये मांगे जो पूजाराम के पास नहीं थे। लिहाजा वह राजा की लाश को लेकर अस्पताल से बाहर आए और बड़े बेटे गुलशन की गोद में राजा की लाश को रखकर गाड़ी की जुगाड़ करने चला गया। गुलशन के इर्दगिर्द लोगों की भीड़ लग गई और किसी ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

आशुतोष चौकसे ने बताया कि उन्होंने एनएसयूआई के स्थानीय कार्यकर्ताओं की सहायता से पूजाराम से मोबाइल पर बात की और गुलशन की स्कूली शिक्षा की जिम्मेदारी ली। उन्होंने बताया कि उनके कहने पर एनएसयूआई के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मुरैना के करन पब्लिक स्कूल में गुलशन का दाखिला करा दिया है। उसकी ड्रेस और कॉपी-किताबों का भी इंतजाम कर दिया गया है। आशुतोष चौकसे ने कहा कि “बालक गुलशन के लिए शिक्षा ही वो जरिया है जिससे भविष्य बेहतर किया जा सकता है। इसलिए हमने गुलशन की स्कूली शिक्षा का जिम्मा लिया है और उसकी हर संभव सहायता करेंगे।”
बता दें कि आशुतोष चौकसे मूल रूप से पिपरिया के रहने वाले हैं जहां उनके पिता श्री देवी प्रसाद चौकसे ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते रहें। आशुतोष चौकसे ने भोपाल में इंजीनियिरंग की पढ़ाई के बाद एमबीए किया है। 2009 से वह एनएसयूआई से जुड़े हैं। पहले कालेज अध्यक्ष फिर चुनाव के माध्यम से एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष भी बने। बीते अप्रैल माह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने उन्हें एनएसयूआई का मध्य प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।
आपको बता दें कि एनएसयूआई का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के कुछ दिनों बाद ही आशुतोष चौकसे एक कथित ऑडियो को लेकर विवादों में घिर गए थे। इस ऑडियों में चौकसे पर पद के बदले पैसे की मांग करने का आऱोप लगाया गया था। हालांकि चौकसे ने इस मामले में साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जांच में यह ऑडियो फर्जी पाया गया।
