आगरा।
विश्वविख्यात कथावाचक ‘प्रेममूर्ति पूज्य संत प्रेमभूषण जी महाराज के कृपा पात्र पूज्य संत राजन जी महाराज’ ने बीते रोज अचानक शिवहरेवाणी के फोटो संपादक एवं दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट अमित शिवहरे के निवास पर आकर पूरे परिवार को सुखद आश्चर्य में डाल दिया। अमित शिवहरे और उनके परिवार ने अपने ‘गुरु भगवान’ के स्वागत-सत्कार में पलकें बिछा दीं। परिवार के आतिथ्य से अभिभूत कथावाचक ने अमित शिवहरे के घर के मंदिर की आरती की और पूरे परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया।
बता दें कि प्रेममूर्ति पूज्य संत प्रेमभूषण जी महाराज के कृपा पात्र पूज्य संत राजन जी महाराज बीते तीन दिनों से बल्केश्वर स्थित महादेव मंदिर में कथा कह रहे थे। अमित शिवहरे ने बताया कि कथा के दौरान उन्होंने अपने ‘गुरु भगवान’ राजन जी महाराज के समक्ष उनसे अपने घर पधारने की मनोकामना व्यक्त की थी, लेकिन उनकी साध इतनी शीघ्र पूरी हो जाएगी, इसकी कल्पना उन्हें नहीं थी। अगले ही दिन गुरुवार, 1 जून को अपराह्न 4 बजे प्रेममूर्ति पूज्य संत प्रेमभूषण जी महाराज के कृपा पात्र पूज्य संत राजन जी महाराज सिकंदरा में केके नगर स्थित अमित शिवहरे के घर पहुंचे। राजन जी महाराज के साथ उनके छोटे भाई श्री विनय तिवारी जी महाराज, गुरुभाई श्री रामनिवास गुप्ता और बल्केश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री अर्चित पांड्याजी भी थे।
दरवाजे पर ‘गुरु भगवान’ को देख अमित शिवहरे के परिवार की प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। परिवार के प्रमुख श्री भूपेंद्र शिवहरे और श्रीमती रेखा शिवहरे ने राजन जी महाराज की आरती कर उनका स्वागत किया। अमित शिवहरे एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मानसी शिवहरे ने अपने दोनों बच्चों सुश्री प्रकृति शिवहरे और सम्राट शिवहरे के साथ महाराज जी के पांव पखारे। वजीरपुरा स्थित सीताराम मंदिर के महंत पंडित आनंद उपाध्याय व पंकज शास्त्री के वेद मंत्रोच्चार के साथ अमित शिवहरे परिवार से गुरू भगवान का पूजन कराया। भजन गायक दीपक गुप्ता ने अपनी टीम के साथ गुरू भगवान को समर्पित एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को आस्था और भक्ति से सराबोर कर दिया। गुरु के प्रति परिवार के इस समर्पण भाव से कथावाचक महाराज जी अभिभूत नजर आए। उन्होंने घर के मंदिर के दर्शन किए और भगवान की आरती की। करीब एक घंटे ठहरने के बाद पूज्य कथावाचक सभी परिवारीजनों को आशीर्वाद प्रदान कर प्रस्थान किया।
आपको बता दें कि पूज्य राजन जी महाराज एक विश्वविख्यात कथा वाचक हैं जो मैथिली व भोजपुरी भक्ति गीतों को सुर देने देने के लिए भी जाने जाते हैं। प्रेममूर्ति पूज्य संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज इनके गुरु हैं। बिहार के सीवान में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे राजन जी महाराज का जन्म का नाम राजेश कुमार तिवारी है। राजेश कुमार तिवारी ने कोलकाता में रहकर केमेस्ट्री से BSC करने के बाद एक कंपनी में नौकरी की। 2001 में वह प्रेममूर्ति पूज्य संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज के संपर्क में आए। इन्होंने 2011 में कोलकाता से ही कथावाचन शुरू कर दिया। आज ‘प्रेममूर्ति पूज्य संत प्रेमभूषण जी महाराज के कृपा पात्र पूज्य संत राजन जी महाराज’ के रूप में वह पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। वह देश-विदेश में कथा कहने जाते हैं।
क्योंकि गुरु ही गोविंद है ……जब अचानक अमित शिवहरे के घर पहुंचे विश्वविख्यात कथावाचक राजन जी महाराज
