भोपाल।
अक्षय कुमार की फिल्म ‘गब्बर इज बैक’ में दिग्विजय पाटिल और रजनीकांत की ‘शिवाजीः द बॉस’ में आदिशेषन का किरदार निभाने वाले दक्षिण भारतीय फिल्मों के स्टार अभिनेता सुमन तलवार अभी तक भोपाल दौरे की खुमारी में हैं। शिवहरेवाणी से बातचीत में उन्होंने कहा कि भोपाल में एलएनसीटी यूनीवर्सिटी में हुए सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेना उनके जीवन का पहला अनुभव था, जो यादगार रहा। खासकर भोपाल के कलचुरी समाजबंधुओं की भावनाओं ने उनके हृदय को स्पर्श किया है। उन्होंने इस अदभुत आयोजन का साक्षी बनाने के लिए एलएनसीटी के चेयरमैन श्री जयनारायण चौकसे और फिल्म डायरेक्टर मुकेश आर चौकसे का आभार व्यक्त किया।

बता दें कि सुमन तलवार इन दिनों भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन पर आधारित फिल्म और धारावाहिक में भगवान श्री सहस्त्रबाहु अर्जुन का किरदार निभा रहे हैं। सवा दो घंटे की इस फिल्म और 200 एपीसोड के धारावाहिक का निर्माण एवं निर्देशन मुकेश आर चौकसे कर रहे हैं। सुमन बीती 28 अप्रैल को एलएनसीटी में कलचुरी समाज के सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने भोपाल आए थे। फिल्म एक्टर, प्रोड्यूसर व डायरेक्टर मुकेश आर चौकसे, एक्ट्रेस प्रीती चौकसे, डायरेक्टर नितिन चौकसे, वेब फिल्मों के डायरेक्टर रामशंकर शिवहरे, शिवहरेवाणी के संपादक सोम साहू, एलएनसीटी के पीआरओ राजेश राय एवं एलएनसीटी इंक्युबेशन सेंटर के प्रभारी डा. अनुराग राय ने राजा भोज एय़रपोर्ट पर उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट से उन्हें श्री जयनारायण चौकसे के श्यामला हिल्स स्थित निवास पर ले जाया गया, जहां उन्हें एलएनसीटी की डायरेक्टर श्रीमती पूनम चौकसे, सेक्रेटरी अनुपम चौकसे, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स श्रीमती डा. श्वेता चौकसे एवं सुश्री पूजाश्री चौकसे से मुलाकात की। यहां नाश्ता करने के बाद तलवार ने श्री जयनारायण चौकसे के साथ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके आवास पर संक्षिप्त भेंट की।
खास बात यह है कि एयरपोर्ट से लेकर एलएनसीटी यूनीवर्सिटी तक सुमन तलवार जहां-जहां गए, वहां लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई। खुद सुमन तलवार को भी अंदाजा नहीं था कि इस हिंदीभाषी महानगर में भी वह इतने लोकप्रिय हो चले हैं। शिवहरेवाणी से बातचीत में उन्होंने कहा, यह प्रमाण है कि दक्षिण भारतीय फिल्मों का हिंदी पट्टी में भी क्रेज है, और इसकी वजह साउथ की फिल्मों का अच्छा कंटेंट और कहानियां हैं। बॉलीवुड में भी अच्छी फिल्में बनती हैं लेकिन साउथ की कहानी और किरदार ऐसे होते हैं कि दर्शक उनसे खुद को कनेक्ट करते हैं, और किरदार उनके जेहन में रह जाते हैं।
अब आप सहस्त्रबाहु अर्जुन का एक पौराणिक किरदार निभा रहे हैं, पहले कभी इस तरह का रोल किया है आपने? शिवहरेवाणी के इस सवाल पर सुमन तलवार ने कहा, ‘मैं स्वयं एक दक्षिण भारतीय कलचुरी परिवार में जन्मा हूं, भगवान सहस्त्रबाहु मेरे भी आराध्य हैं लेकिन सच बात कहूं तो मैं अब तक उनके बारे में बहुत कुछ नहीं जानता था। थैंक्स टु मुकेश चौकसेजी, जिन्होंने मुझे अपनी फिल्म में मुख्य भूमिका दी जिससे मुझे भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के बारे में और अधिक जानने-समझने का मौका मिला। सहस्त्रबाहु का किरदार बेशक मुश्किल है लेकिन भरोसा है कि चौकसेजी के कुशल निर्देशन में सबकुछ शानदार होने वाला है।‘
आपका पर्सोना बड़ा प्रभावशाली है, हीरो वाली छवि है आपमें, निगेटिव रोल क्यों करते हैं? शिवहरेवाणी के इस सवाल पर सुमन ने कहा, ‘मैं चार दशक से फिल्म इंडस्ट्री में हूं, अब तक 600 से अधिक तेलुगू, तमिल और मलयाली फिल्मों में काम किया है, कुछ हिंदी और अंग्रेजी फिल्में भी कीं। ज्यादातर फिल्मों में हीरो का ही रोल किया है मैंने। आप यह सवाल इसलिए कर रहे हैं कि ‘गब्बर इज बैक’ और ‘शिवाजी’ जैसी फिल्मों से आप मुझे जाने हैं, और इन दोनों फिल्मों में मैं विलेन हूं।‘
आप कलचुरी समाज से हैं, क्या भोपाल में हुए सामूहिक विवाह जैसे आयोजन आपके दक्षिण भारतीय कलचुरी समाज में भी होते है? इस सवाल पर सुमन बोले, ‘मैंने तो देखा-सुना नहीं। होते होंगे तो शायद मुझे पता नहीं। लेकिन मुझे लगता है कि ऐसे आयोजन हर जगह होने चाहिए, इससे समाज जुड़ता है। यहां जयनारायण चौकसेजी जैसे महान समाजसेवी हैं जो इस तरह के कार्यक्रम कराते रहते हैं। इस सामूहिक विवाह में यहां के कलचुरी युवाओं ने जिस पवित्र भावना से भागीदारी की, उसने मेरे हृदय को स्पर्श किया है। मुझे लगता है कि इस तरह के कार्यक्रमों में दक्षिण भारतीय कलचुरी समाज को भी शामिल किया जाना चाहिए, इससे समाज में व्यापक एकता कायम होगी।‘
जानिये कौन हैं सुमन तलवार
दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में सुमन तलवार एक बड़ा नाम है। उनका जन्म 28 अगस्त, 1959 को आंध्र प्रदेश के कलचुरी परिवार मे हुआ था। वह श्री सुशील चंदर और स्व. श्रीमती केसरी चंदर के इकलौते पुत्र थे। उनकी माताजी की मातृभाषा तुलु थी लेकिन वह तेलुगू, तमिल, कन्नड और हिंदी धाराप्रवाह बोल सकती थीं, और माताजी की तरह सुमन भी कई भाषाओं के जानकार हैं। सुमन का विवाह श्रीमती शिरिषा से हुआ है जो टॉलीवुड के जाने-माने पटकथा लेखक श्री डीवी नरसा राजु की पौत्री हैं। उनकी एक बेटी अकिलाजा प्रत्युषा है। यही नहीं, सुमन कराटे ने शोटोकन कराटे एसोसिएशन (जापान कराटे एसोसिएशन से सबद्ध) से ‘ब्लैक बेल्ड फर्स्ट डेन’ हासिल की है। वह आंघ्र प्रदेश कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।.
