अनूपनगर। मध्य प्रदेश के अनूपनगर जिले की कोतमा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी दिलीप जायसवाल ने शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी सुनील सराफ को 22 हजार से अधिक मतों से हराया है। समाचार लिखे जाने तक दिलीप जायसवाल के समर्थक जश्न मना रहे हैं, खासकर उनके गृहनगर बिजुरी में खुशी की लहर दौड़ गई है। बता दें कि कोतमा विधानसभा सीट दरअसल शहडोल संभाग की एकमात्र सामान्य सीट है। दिलीप जायसवाल ने 2008 में भाजपा के टिकट पर पहली बार चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के मनोज कुमार अग्रवाल पर महज 1849 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर विधायक बने थे। वर्ष 2013 के चुनाव में पार्टी ने दिलीप जायसवाल की जगह राजेश सोनी को प्रत्याशी बनाया था और इस चुनाव में भाजपा ने यह सीट गंवा दी थी। 2018 के चुनाव में भाजपा ने फिर दिलीप जायसवाल को टिकट दिया था लेकिन वह कांग्रेस के सुनील सराफ से 11429 वोटों से हार गए थे। उन्हें 36820 वोट मिले थे जो 33 प्रतिशत था। लेकिन 2023 के चुनाव परिणान ने दिलीप जायसवाल के मन में हार के दाग धो दिए है। उन्हें 50 हजार से अधिक वोट मिले हैं। लोगों का मानना है कि दिलीप जायसवाल के पक्ष में सबसे बड़ी बात यह रही कि बीते चुनाव में हार के बावजूद वह अपने क्षेत्र में हमेशा सक्रिय रहे, जनता के मुद्दे उठाते रहे जिससे क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और प्रभाव में खासा इजाफा हुआ। इसी के चलते पार्टी ने इस बार उन्हें टिकट दिया और पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए उन्होंने शानदार जीत दर्ज कराई।
कोतमा से भाजपा के दिलीप जायसवाल 22 हजार से अधिक वोटों से जीते, दूसरी बार बने विधायक
