पटना।
बिहार मे सीतामढ़ी जिले की सिंहवाहिनी पंचायत की दबंग और चर्चित मुखिया रितु जायसवाल के राजनीति में सक्रिय होने के बाद उनके पति अरुण कुमार ने मुखिया का चुनाव लड़ने का निर्णय किया है। बता दें कि आईएएस एलाइड सर्विस अधिकारी अरुण कुमार स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके हैं। वहीं रितु जायसवाल भी अब राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हैं। बीते विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर चुनाव लड़ चुकीं रितु जायसवाल को पार्टी ने अपने प्रवक्ताओं के पैनल में शामिल किया है। वह अक्सर टीवी डिबेट्स मे नजर आती हैं।
जाहिर है, रितु जायसवाल को मुखिया पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए पर्याप्त समय उन्हें नहीं मिल पा रहा है। और, वह भविष्य में मुखिया का चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान भी कर चुकी हैं। ऐसे में अब उनके पति अरुण कुमार सिंहवाहिनी के मुखिया पद का चुनाव लड़ेंगे। यहां गौरतलब है कि रितु जायसवाल ने सिंहवाहिनी की मुखिया के रूप में अपने क्षेत्र का जिस तरह विकास किया है, उसकी चर्चा पूरे देश में होती है। 2015 में सिंहवाहिनी की मुखिया बनने से पहले रितु जायसवाल दिल्ली में आराम की जिंदगी जी रही थीं। लेकिन, अचानक उन्होंने अपने ससुराल से मुखिया का चुनाव लड़ने का फैसला लिया।
मुखिया बनने के बाद रितु जायसवाल ने सिंहवाहिनी पंचायत की सूरत ही बदल दी। चाहे बिजली हो या सड़क, रितु जायसवाल ने अपने क्षेत्र की सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दीं। सिंहवाहिनी पंचायत सीतामढ़ी का पहला पंचायत बन गया जिसमें हर घर में शौचालय था और पंचायत क्षेत्र खुले में शौच मुक्त हो गया। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। लेकिन, रितु जायसवाल ने इस दफे एलान कर दिया है कि वे मुखिया का चुनाव नहीं लडेंगी।
वहीं उनके पति अरूण कुमार ने ऐलान किया है कि वह मुखिया का चुनाव लड़ेंगे। अरुण कुमार ने 1995 बैच के अफसर रहे हैं और दिल्ली में सेंट्रल विजिलेंस कमीशन के डायरेक्टर रहते हुए उन्होंने वीआरसी ले लिया था। अरूण कुमार कहते हैं कि 9 बजे से 5 बजे की नौकरी से जी उब गया था। रिटायरमेंट के बाद से वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे युवाओं को ऑनलाइन गाइडेंस देते हैं। वर्तमान में वह 260 अभ्यर्थियों को ऑनलाइन गाइडेंस दे रहे हैं। अरुण कुमार का कहना है कि वह गरीबों की सेवा करना चाहते हैं, इसीलिए मुखिया का चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
दबंग मुखिया रितु जायसवाल के आईएएस पति अरुण कुमार संभालेंगे सिंहवाहिनी पंचायत की कमान; मुखिया का लड़ेंगे चुनाव
