आगरा।
आगरा में शिवहरे समाज की प्रमुख धरोहर दाऊजी मंदिर के धर्मशाला वाले हिस्से के पुनर्निर्माण के बाद नए अध्यक्ष बिजनेश शिवहरे और उनकी कार्यकारिणी की नजर अब मुख्य मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार पर है। आने वाले दिनों में यहां काफी कुछ बदला नजर आएगा। इसकी पहली झलक दिसंबर माह में ‘दाऊजी की पूनो’ के पर्व पर नजर आएगी जब सभी स्वरूप एकजैसी आकर्षक पोशाक में नजर आएंगे। रविवार को दाऊजी मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि अब वर्ष में एक बार मंदिर के सभी स्वरूपों की एक जैसी पोशाक तैयार कराई जाएगी। एक जैसी का आशय पोशाक के कपड़े की क्वालिटी, रंग और शेड्स एक जैसे होंगे, मानो एक ही थान से पोशाक तैयार की गई हों। इसी से मैच करते हुए मुकुट भी तैयार कराए जाएंगे। अध्यक्ष श्री बिजनेश शिवहरे ने बताया कि मंदिर में प्रमुखता से मनाए जाने वाले साल के दो पर्वों ‘दाऊजी की पूनो’ और ‘कृष्ण जन्माष्टमी’ पर सभी स्वरूप ये एक जैसी पोशाक धारण करेंगे। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इन पोशाकों को तैयार करने में मंदिर के फंड का उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि कार्यकारिणी के सभी सदस्य अपनी इच्छा और क्षमता के हिसाब से इसमें अपना योगदान कर सकते हैं। यदि समिति या समाज का कोई व्यक्ति अपनी ओर से अपने खर्चे से सभी स्वरूपों की पोशाक तैयार कराना चाहे तो उसका मान रखा जाएगा। इस प्रस्ताव पर सभी ने सहमति व्यक्त की।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि सालभर में कई पर्व और अवसर आते हैं जब समाज के कुछ लोग किसी स्वरूप की पोशाक तैयार कराते हैं और यह उनके परिवार की परंपरा बन गई है। नई व्यवस्था से ऐसे लोग प्रभावित तो नहीं होंगे लेकिन अब इसे ज्ञात परंपरा के तौर पर नहीं लिया जा सकता है। बल्कि, ऐसे परिवारों या व्यक्तियों को मंदिर कार्यकारिणी को इसकी जानकारी पहले से देनी होगी।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे श्री बिजनेश शिवहरे ने बताया कि मंदिर परिसर के धर्मशाला वाले हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, लिहाजा अब उनका और कार्यकारिणी का पूरा फोकस मुख्य मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार पर रहेगा। मुख्य मंदिर में फव्वारे के पुनरुद्धार से लेकर फर्श के पत्थर बदलवाने और विभिन्न स्वरूपों के दरबारों के सौंदर्यीकरण समेत कई योजनाएं हैं जिन पर आने वाले दिनो में काम होना है। उन्होंने समिति के उपाध्यक्ष श्री नवनीत गुप्ता का हवाला देते हुए बताया कि पोशाक के साथ ही स्वरूपों के दरबारों की साज-सज्जा (इंटीरियर) में एकरूपता लाई जाएगी। प्रस्ताव यह है कि आमने-सामने के दरबारों की साज-सज्जा एक जैसी हो। मसलन लक्ष्मीनारायण दरबार के सामने संतोषी माता का दरबार है तो इन दोनों दरबारों की इंटीरियर भी एक जैसी होनी चाहिए, इस विचार पर समिति के सलाहकार श्री रवि गुप्ता (यूनीस्टार एवं एटुजेड इंटीरियर प्रोडक्ट्स) से चर्चा की जा चुकी है। हालांकि इन प्रस्तावों पर अगली बैठक में चर्चा होगी।
बैठक के अंत में मंदिर समिति के सदस्य श्री सुशील गुप्ता (बबलू भाई) के बड़े भाई श्री अश्वनी गुप्ता के पुणे में आकस्मिक निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। सभी सदस्यों ने एक मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को धैर्य व शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
बैठक का संचालन समिति के सह-सचिव वीरेंद्र गुप्ता एडवोकेट ने किया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र राज शिवहरे, सचिव आशीष शिवहरे (जिज्ञासा पैलेस), कोषाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, मीडिया प्रभारी सोम साहू (शिवहरेवाणी), सह कोषाध्यक्ष अजयकांत शिवहरे एवं सुनील गुप्ता, हरीश शिवहरे एवं अजय शिवहरे उपस्थित रहे।
दाऊजी मंदिरः अब एक जैसी पोशाक मे दर्शन देंगे सभी स्वरूप; कई योजनाओं पर जल्द शुरू होगा काम
