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कोरोना वॉरियर्स-9…राजाराम शिवहरे…सहस्त्रबाहु मंदिर बना मास्क फैक्ट्री और निःशुल्क बांटे 5000 मास्क

शिवहरे वाणी नेटवर्क
भोपाल। 
मौजूदा कोरोना संकट में मास्क को बचाव की सबसे बड़ी ढाल माना जा रहा है। लेकिन, यह सबके लिए सुलभ नहीं है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मास्क की कमी का जिक्र अपने संबोधन में किया था। आज कोरोना वॉरियर्स की श्रृंखला में बात करेंगे जाने-माने समाजसेवी श्री राजाराम शिवहरे की जिन्होंने भोपाल के श्री सहस्त्रबाहु मंदिर को मास्क बनाने वाले कारखाने में तब्दील कर दिया और यहां से अब तक 5000 मास्क जरूरतमंदों को निःशुल्क दिए जा चुके हैं। 
श्री सहस्त्रबाहु कलचुरी महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद वह मास्क लेने बाजार गए, तो पता चला कि 10 रुपये में मिलने वाला साधारण मास्क 30 रुपये में बेचा जा रहा है। क्षमतावान औऱ संपन्न लोग तो इतना महंगा मास्क खरीद सकते हैं, लेकिन निर्धन और कमजोर आर्थिक क्षमता वाले लोगों की क्षमता से बाहर की बात है। तब शिवहरे के मन में आया कि क्यों न हम मास्क तैयार करें और जरूरतमंदो को निःशुल्क उपलब्ध कराएं। 

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शिवहरे एसोसिएट्स के प्रोपराइटर राजाराम शिवहरे ने तीन कारीगरो राजकुमार शर्मा, मनीष शर्मा और कैलाश गिन्नारे को मास्क बनाने के लिए राजी किया। 27 मार्च से भोपाल की अरोरा कालोनी में ई-8, बसंत कुंज स्थित भगवान श्री सहस्त्रबाहु मंदिर में सूती कपड़े से मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया। इन मास्क को अच्छी तरह धोकर दोबारा औऱ इस तरह कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है । प्रतिदिन 250-300 मास्क वहां तैयार किए गए और कलचुरी परिवारों के साथ ही निर्धन जरूरतमंदों को निःशुक्ल वितरित किए गए। अब तक 5000 मास्क वितरित किए जा चुके हैं। वितरण कार्य में राजाराम शिवहरे के साथ ही सुनील मालवीय,  मोहन जायसवाल, सुनील मालवीय छोटा, बाबूलाल जायसवाल, प्रदीप राय, शिशुपाल जायसवाल, विनोद चौकसे, कौशल सूर्यवंशी,दिनेश शिवहरे, अनिल राय, बल्लभ शिवहरे, अंकुश सूर्यवंशी, ओम जायसवाल आदि का सहयोग रहा। 


लॉकडाउन में राजाराम शिवहरे निरंतर जरूरतमंदों की सहायता में जुटे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहस्त्रबाहु कलचुरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप सूर्यवंशी की प्रेरणा से संस्था की ओर से हाल ही में भोपाल नगर निगम द्वारा संचालित दीनदयाल रसोई को 6000 लोगों के लिए भोजन सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसमें 600 किलो आटा, 180 लीटर तेल, 110 किलो प्याज, 830 किलो आलू, 90 किलो छोला, 100 किलो हरीमिर्ची शामिल है। 


राजाराम शिवहरे ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान भोपाल में कलचुरी समाज ने जरूरतमंदों की सहायता में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि जरूरतमंदों तक जरूरत का सामान पहुंचाने के लिए कलचुरी युवाओं की 17 सदस्यीय टीम लगातार काम कर रही है। जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया जा रहा है। दूसरे जिलों या प्रदेशों के भोपाल में फंसे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में भी सहायता की, और ऐसे 52 लोगों के पास बनवाए गए। 

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