शिवहरे वाणी नेटवर्क
बुरहानपुर।
ऐतिहासिक नगरी बुरहानपुर में कलचुरी समाज ने मंगल भवन का जो सपना 20-25 साल पहले देखा था, वह आज साकार होकर समाजबंधुओं के स्वागत को तैयार है। बीती 7 फरवरी को वास्तुपूजन के साथ इस हाईटेक मंगल भवन का लोकार्पण किया गया। कहने को तो यह मंगल भवन है, लेकिन देखने में किसी मॉल जैसा लगता है और बरतने में किसी होटल से कम नहीं है। जाने-माने शिक्षाविद एवं मैक्रोविजन एकेडमी के संस्थापक आनंद प्रकाश चौकसे की अध्यक्षता वाले संगठन ‘हैहय क्षत्रिय कलचुरी कलाल समाज’ के इस शाहकार (मास्टरपीस) के कांसेप्ट की सभी प्रतिष्ठित अतिथियों और समाजबंधुओं ने दिल खोलकर सराहना की।

बुरहानपुर स्टेडियम के ठीक बगल में साढ़े सात हजार वर्ग फीट के भूखंड पर बने इस तीन मंजिला मंगल भवन को प्रदेश का पहला हाईटेक मंगल भवन बताया जा रहा है। इसके भूतल पर 17 दुकानों का एक अत्याधुनिक मार्केट है जिसकी ज्यादातर दुकानें समाज के लोगों को ही दी गई हैं। पहली मंजिल पर 18 कमरों का एक शानदार होटल बनाया गया है जिसका हर कमरा ऐसी, फ्रिज, फर्नीचर और बेड समेत सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है।

दूसरी मंजल पर पांच हजार वर्गफुट का वातानुकूलित बैंक्वेट हॉल है जो शादी ब्याह के अलावा समाज के परिचय सम्मेलन, सामूहिक विवाह, होली मिलन जैसे समारोह के आयोजन के लिए है। सामाजिक कार्यों के लिए यह बैंक्वेट हॉल निःशुल्क रहेगा जबकि स्वजातीय बंधुओं को उनके बच्चों के शाही ब्याह के लिए कम दर दिया जाएगा। शाही-ब्याह के लिए बैंक्वेट हॉल लेने पर होटल के कमरे भी उन्हें प्रचलित दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

तीसरी मंजिल पर साढ़े पांच हजार वर्गफुट का एक ओपन शेड टैरेस है जो एक भव्य हॉल जैसा लगता है। इसे शादी ब्याह में प्रीतिभोज अथवा सामाजिक कार्यक्रम में सामूहिक भोज के लिहाज से तैयार किया गया है। इस तरह मंगल भवन को आधुनिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण से बनाया गया है, जिसमें आनंद प्रकाश चौकसे की शख्सियत झलकती है। पूरा निर्माण कार्य संस्था के सचिव प्रवीण चौकसे की देखरेख में हुआ है।
सात फरवरी को राजराजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहुजी अर्जुन महाराज की पूजा अर्चना और वास्तु पूजन के साथ मंगल भवन का लोकार्पण किया गया। समारोह में जिला कार्यकारिणी के राजेंद्र चौकसे, प्रदीप चौकसे, राजू भाई शिवहरे, समाज के पूर्व अध्यक्ष रामदास शिवहरे, कैलाश चौकसे, अशोक जायसवाल, रामप्रकाश जायसवाल, संतोष जायसवाल, प्रतीक चौकसे, कबीर चौकसे, अतिश जायसवाल, नीलेश जायसवाल, विशाल जायसवाल, अरविंद चौकसे, बंटी चौकसे, जय चौकसे, विक्रम जायसवाल, डा. चंपालाल चौबे, मंजुषा चौकसे, सुधा चौकसे, आस्था राय सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
इससे एक दिन पहले छह फरवरी को मंगल भवन देखने के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव, स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक सुमित्रा कास्डेकर, विधायक सुरेंदर् सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय रघुवंशी, किशोर महाजन, दगडु चैकसे भी पहुंचे और इसके कांसेप्ट, निर्माण कौशल और विजन को सभी ने सराहा।
ख्वाब से तामीर तक का सफर
जानकारी के मुताबिक, करीब 25 साल पहले ‘हैहय क्षत्रिय कलचुरी कलाल समाज’ के तत्कालीन अध्यक्ष श्री रामदास शिवहरे की पहल पर बुरहानपुर स्टेडियम के पास एक बड़ा भूखंड खरीदा गया था। सम्मानित समाजसेवी ऊखाजी चौकसे के सहयोग से खरीदे गए इस भूखंड के लिए समाज के 20-22 लोगों ने मिलकर योगदान किया था। इस भूखंड में दस हजार वर्ग फीट जमीन समाज का मंगल भवन बनाने के लिए छोड़ दी गई, और बाकी जमीन की प्लाटिंग कर दी गई। कुल 38 प्लॉट निकले जो इन्हीं 20-22 लोगों के बीच इनके द्वारा किए योगदान के हिसाब से कर दिया गया। इस तरह सहस्त्रबाहु अर्जुन नगर के नाम से समाज की एक कालोनी यहां बस गई। लेकिन समाज के मंगलभवन के निर्माण के लिए कोई पहल नहीं हो पाई।
फरवरी 2017 में ‘हैहय क्षत्रिय कलचुरी कलाल समाज’ का अध्यक्ष मनोनीत होते ही आनंद प्रकाश चौकसे ने इस भूखंड पर मंगलभवन बनाने का संकल्प व्यक्त किया था। पंद्रह दिन के अंदर ही उन्होंने भूखंड पर भूमिपूजन कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया।संगठन के सचिव प्रवीन चौकसे और पूरी टीम की मेहनत और सहयोग से दो साल से भी कम समय में मंगलभवन बनकर तैयार हो चुका है।
इनपुटः प्रतीक चौकसे/श्रीमती सुधा चौकसे












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