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शाबाश…. नन्ही आरना शिवहरे पर बना रहे मां सरस्वती का आशीर्वाद

शिवहरे वाणी नेटवर्क
धौलपुर। 
आज बसंत पंचमी है, मां सरस्वती का अवतरण दिवस। ब्रह्माजी ने इस सृष्टि का निर्माण किया तो मां सरस्वती ने रचनात्मक प्रवृत्तियों से इसे समृद्ध किया और शिक्षा व कला के रूप में एक ऐसी संपदा हमें दी जो कभी खत्म नहीं हो सकती। आज बसंत पंचमी पर हम बात करेंगे आठ साल की आरना शिवहरे की, जिसने अपने जन्मदिन पर कुछ ऐसा किया, जिसे जानकर आप भी चाहेंगे कि मां सरस्वती का आशीर्वाद उस पर बना रहे। 
राजस्थान के धौलपुर में बाग भावा साहेब, स्टेशन रोड पर रहने वाले श्री रवि शिवहरे एवं श्रीमती सुनीता शिवहरे की आठ वर्षीय पुत्री आरना शिवहरे ने बसंत पंचमी से एक दिन पहले अपना बर्थडे एक पिछड़े गांव के गरीब बच्चों के साथ अनोखे तरीके से सेलिब्रेट किया। धौलपुर के इमेनुअल मिशन स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा आरना ने पिता से इच्छा जाहिर की कि वह इस बार अपना बर्थडे राजघाट गांव के गरीब बच्चों के साथ मनाना चाहती है। राजघाट वही गांव है  जो मूलभूत सुविधाएं से वंचित होने के चलते कभी मीडिया की सुर्खियों में रहा था। गांव के लिए लिए  'सेव राजघाट' नाम से एक मुहीम चलाई गई थी जिसके बाद वहां बिजली और पानी का प्रबंध हो सका। उसी राजघाट में इन दिनों 'सोच बदलो, गांव बदलो' मुहीम चलाई जा रही है। 
रवि शिवहरे बताते हैं कि बेटी की इस इच्छा ने उन्हें अभिभूत कर दिया, उन्होंने धौलपुर से ही किताब, कापी, पैन, पेंसिल, स्केल, रबड़ कटर, बैग के साथ चाकलेट और बिस्कुट के पैकेट के कई सेट तैयार किए और बेटी व परिवार के लोगों के साथ राजघाट गांव के सरकारी स्कूल पहुंचे। आरना ने स्कूल में मौजूद 41 गरीब बच्चों को ये पैकेट प्रदान किए। पढ़ने लिखने की सामग्री के साथ चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से चमक उठे।  गांव के लोगों ने आरना को दिल खोलकर आशीर्वाद दिया। इस मौके पर आरना का बड़ा भाई मयंक शिवहरे भी साथ रहा जो इमेनुअल मिशन स्कूल में ही कक्षा 10 का छात्र है। इसके अलावा अशोक शिवहरे, मयंक शिवहरे, विनय शिवहरे, खुशी, हरीबाबू शिवहरे, ओम शिवहरे भी आदि मौजूद रहे। आरना के चाचा अशोक शिवहरे आगरा में रहते हैं और श्रीराधे सेवा समिति से जुड़े हैं। 
 

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