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जब हरे भरे बाग में उतरी नीली घटा…शिवहरे महिलाओंं ने भोले की धरा को पहनाया हरित आवरण

शिवहरे वाणी नेटवर्क
मुरैना।
कहते हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव जी ने समुद्र मंथन से निकला विष पीकर सृष्टि की रक्षा की थी। औद्योगिक विकास के मौजूदा दौर में हमारी प्रकृति फिर खतरे की जद में है, और इसे बचाने की मुहीम के लिए सावन से बेहतर कोई दूसरा मौका नहीं हो सकता। इस सावन भी भोले की प्रकृति को हरित आवरण पहनाने का अभियान पूरे जोरों पर है। इस मुहीम में कलचुरी समाज भी पीछे नहीं है। इस कड़ी में  मुरैना में शिवहरे महिला मंडल ने फलदार, फूलदार और छायादार वृक्ष रौंप कर भगवान शिव की सच्ची उपासना की। 

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शिवहरे महिला मंडल मुरैना ने जीवाजी गंज स्थित पार्क में ‘हर एक सांस वृक्ष’ कार्यक्रम आयोजित किया। थीम के अनुरूप हर महिला ने नीले रंग की साड़ी पहनी थी, मानो हरे-भरे बाग में आसमानी घटाएं उतर आई हों। महिलाओं ने मिलकर पार्क की सफाई की और स्वयं श्रमदान करते हुए पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे।

इसके बाद महिलाओं ने पार्क में पार्क में आम, नीम, शीशम, पीपल आदि के 50 से अधिक पौधे रोपे। यही नहीं, पेड़ बनने तक इन पौधों की देखभाल करने का संकल्प भी लिया। इस दौरान महिला मंडल की नई कार्यकारिणी गठित करने का निर्णय भी किया गया। 


इस दौरान नीता शिवहरे, अनीता शिवहरे, छाया शिवहरे, अंजना शिवहरे, रंजीता शिवहरे, सुलेखा शिवहरे, रेखा शिवहरे, निधि शिवहरे, मिथिलेश शिवहरे, उमा शिवहरे, रानी शिवहरे, निशा शिवहरे, भारती शिवहरे, ममता शिवहरे. शांति शिवहरे. सुनीता शिवहरे, किरण शिवहरे, दीपा शिवहरे, ममता शिवहरे. कल्पना  शिवहरे,  नीतू शिवहरे, निधि शिवहरे, ज्योति शिवहरे और नीलम शिवहरे उपस्थित रहे।

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