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पानी अनमोल है..इसकी तो कीमत न लगाओ

शिवहरे वाणी नेटवर्क
बुरहानपुर।
कुएँ, बावड़ी और प्याऊ वाली भारतीय संस्कृति को बाजारवाद ने इतना प्रभावित कर दिया है, कि जो पानी कभी हमारे यहां धार्मिक और सामाजिक सरोकारों का विषय हुआ करता था, वह आज बाजार में मुनाफे की चीज बन गया है। ऐसे में बुरहानपुर की कलचुरी महिलाओं ने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जल सेवा कर एक सार्थक संदेश दिया कि पानी अनमोल है, अनमोल ही रहने दो… कम से कम इसकी तो कीमत न लगाओ। 
यह बात छिपी नहीं है कि हर बार गर्मी के मौसम में बस और रेलवे स्टेशनों पर पानी माफियाओं का कब्जा हो जाता है, जहां यात्रीगण अपनी प्यास बुझाने के लिए खरीदकर पानी पीने को मजबूर होते हैं। रविवार की तपती दोपहरी को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को सुखद आश्चर्य हुआ जब स्वच्छ और शीतल जल उन्हें उनकी सीट पर ही उपलब्ध कराया गया। यह पुनीत कार्य किया बुरहानपुर कलचुरी कलाल समाज महिला मंडल की सदस्यों ने। हरे बार्डर की नारंगी साड़ी के ड्रेस कोड में पहुंची कलचुरी महिलाओं ने झुलसा देने वाली दोपहरी में करीब दो घंटे जल सेवा की। इस दौरान छह से अधिक ट्रेनों के सैकड़ों यात्रियों को उन्होंने जल वितरित किया। यात्रियों ने जल तो पिया ही, अपनी-अपनी बोतलें भी भरवा लीं।  इस सेवा कार्य में महिला मंडल की अध्यक्ष रितु भमौरे, उपाध्यक्ष रीता चौकसे, कोषाध्यक्ष मनीषा चौकसे, संयोजक सविता चौकसे, योगिता चौकसे, रानी सेइवाल, किरण मशीने आदि शामिल रहे।

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