शिवहरे वाणी नेटवर्क
नई दिल्ली।
देश की नवनिर्वाचित 17वीं लोकसभा में कलचुरी समाज के 5 सांसदों ने शानदार तरीके से चुनाव जीतकर एंट्री की है। खास बात यह है कि ये सभी सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए का हिस्सा हैं। इनमें से 4 सांसद भाजपा के टिकट पर और एक जदयू के टिकट पर निर्वाचित हुए हैं। कलचुरी समाज ने सभी नवनिर्वाचित स्वजातीय सांसदों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने नए मंत्रिमंडल में इन्हें स्थान देने का आग्रह किया है। कहा है कि ऐसा करने के लिए देश में करीब 10 करोड़ की आबादी वाला विशाल कलचुरी समाज पीएम मोदी का आभारी रहेगा। वैसे चर्चा यह है कि इस बार केंद्रीय कैबिनेट में चार कलचुरी सांसदों को शामिल किया जा सकता है।
अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के राष्ट्रीय प्रभारी एवं दिल्ली एनसीआर अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार जायसवाल के साथ ही समाज के प्रमुखजनों सर्वश्री प्रदीप जायसवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष, वडोदरा), अशोक जायसवाल (इंदौर), अजय जायसवाल (लखनऊ, उत्तर प्रदेश), राजीव कुमार जायसवाल (कटियार), राजाराम शिवहरे (भोपाल), सुरेंद्र सिंह जायसवाल (महाराष्ट्र), सुरेंद्र सिंह वालिया (पंजाब), अटल कुमार गुप्ता (तमिलनाडु) ने मीडिया को बयान जारी कर पीएम मोदी से यह निवेदन किया है। श्रीमती रमादेवी या फिर डॉ संजय जायसवाल को मंत्रिमंडल में जगह देने का विशेष रूप से अनुरोध किया गया है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव के परिणाम बीती 23 मई को घोषित हुए हैं जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार सफलता अर्जित की है। अब 30 मई को नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। इसी दिन पीएम मोदी का नया मंत्रिमंडल भी शपथ लेगा। ऐसे में नए मंत्रिमंडल को लेकर कयासों और अटकलों का दौर जारी है।
इस बार बिहार की शिवहर लोकसभा सीट से श्रीमती रमा देवी लगातार तीसरी बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद में पहुंची हैं। वह पीएम मोदी की पिछली सरकार में भी मंत्री रही हैं। चर्चा है कि रमा देवी को जीत की हैट्रिक मारने के ईनाम के तौर पर मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इसके अलावा पश्चिमी चंपारण से डा. सजय जायसवाल दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। वह पिछली लोकसभा में कई महत्वपूर्ण समितियों में शामिल रहे हैं, और यह अनुभव उन्हें मंत्री पद के लिए एक अतिरिक्त योग्यता प्रदान करता है।
इसी तरह पश्चिम बंगाल की बर्दवान-दुर्गापुर संसदीय क्षेत्र से एसएस अहलुवालिया भी सांसद निर्वाचित हुए हैं। वह दूसरी बार संसद में पहुंचे हैं। 2014 में वह दार्जिलिंग सीट से चुने गए थे और केंद्र सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री के रूप में काम किया। मोदी की घोर विरोधी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जीत हासिल करने का इनाम उन्हें इस बार भी मंत्री पद के रूप में मिल सकता है।
श्रीपाद येसो नाइक लगातार पांचवी बार लोकसभा में पहुंचे हैं। उन्होंने इस बार उत्तर गोवा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीता है। मोदी सरकार में उन्होंने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के साथ ही आयुष मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाली। इस बार भी उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
बिहार की सीतामढ़ी सीट से भाजपा नेता सुनील कुमार उर्फ पिंटू सांसद निर्वाचित हुए हैं। खास बात यह है कि बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन में यह सीट जदयू के हिस्से में आई थी और कोई उपयुक्त प्रत्याशी नहीं मिलने पर जदयू ने सुनील कुमार उर्फ पिंटू को अपने टिकट पर चुनाव लड़ाया था। सुनील कुमार को केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिलेगी या नहीं, इसका फैसला नीतीश कुमार को करना है।
मोदी के कैबिनेट में हो सकते हैं 4 कलचुरी सिपहसालार…समाज ने उठाई मांग
