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सच्ची होली…विकलांग बच्चों के चेहरों पर बिखेर दिए खुशियों के रंग

शिवहरे वाणी नेटवर्क
बालाघाट।
विकलांगता के मुद्दे पर हमारे समाज ने कभी भी गंभीरता से नहीं सोचा। सच तो यह है कि हमारे समाज की नजर में विकलांग सबसे निचले दर्जे  के लोग हैं…और समाज जिसे निचले दर्जे का मान लेता है, उसके प्रति समाज का व्यवहार बहुत रूखा हो जाता है। विकलांग को दिव्यांग कहने भर से परिस्थितियां नहीं बदलने वालीं, जरूरत इस बात की है कि हम विकलांगों औऱ विकलांगता  के प्रति अपने दृष्टिकोण एवं व्यवहार को बदलें। अब सवाल यह कि दृष्टिकोण कैसे बदले कि विकलांगों की स्थिति बदल जाएं? तो इसका एक व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किया है कि जायसवाल संवर्गीय महासभा की बालाघाट इकाई ने। 
महासभा पदाधिकारियों ने बालाघाट स्थित भारत विकलांग विद्यालय में जाकर विकलांग बच्चों के साथ होली मनाई। महासभा के पदाधिकारियों ने स्कूल के बच्चों के साथ जमकर होली खेली, उनके साथ खाया पिया और खुलकर बातचीत की। बालाघाट के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सुनील शिवहरे के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य था विकलांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनका आत्मविश्वास औऱ मनोबल बढ़ाना। बच्चों ने भी धीरे-धीरे खुलना शुरू किया और फिर सब लोगों के साथ ऐसे खुले कि खुशियों के रंग उनके चेहरों पर आ गए। इस दौरान सुनील शिवहरे ने विकलांग बच्चों के बीच अपना जन्मदिन केक भी काटा। महासभा पदाधिकारियों के साथ ही विकलांग बच्चों ने भी 'हैप्पी बर्थडे टुयू अंकलजी' कहा, तो सुनील शिवहरे भावुक हो गए।  
इस दौरान शिवाजी बाविसताले ने आजीवन एक बोरा धान विकलांग स्कूल को देने की बात कही और 500 रुपये की राशि स्कूल को दिए। वहीं गिरधारीलाल जायसवाल जी ने स्कूल संचालक भारत मेश्राम को 1100/- की राशी बच्चों की सहायतार्थ प्रदान किए। महासभा पदाधिकारियों ने बच्चों से होली मिली और उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सुरेंद्र  जायसवाल गिरधारीलाल जी जायसवाल ,शिवाजी बाविसताले,मनोज जायसवाल, मनेस तिलासे, मंजूषा शिवहरे, संगीता बिसेन, कंचन जायसवाल, कल्पना जायसवाल, उषा धुवारे, प्रीति राय सोनकर आदि उपस्थिति रहे ।

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