शिवहरे वाणी नेटवर्क
भोपाल/जयपुर/रायपुर।
मध्य प्रदेश की नई विधानसभा में इस बार चार विधायक कलचुरी समाज के निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इनमें तीन ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में और एक ने निर्दलीय जीत हासिल की है। छत्तीसगढ़ में दो कलचुरी विधायक चुने गए हैं, जबकि राजस्थान में भी एक कलचुरी प्रत्याशी को जीत हासिल हुई है। वहीं तेलंगाना राज्य में नवनिर्विचित चार विधायक कलचुरी समाज के हैं। ये सभी टीआरएस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस तरह इन चार राज्यों में कुल 11 नवनिर्वाचित विधायक कलचुरी समाज के हैं।
मध्य प्रदेश की बात करें तो सबसे उल्लेखनीय जीत वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र से प्रदीप अमृतलाल जायसवाल उर्फ गुड्डा की रही है। भाजपा से टिकट न मिलने पर प्रदीप जायसवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और भाजपा के योगेंद्र निर्मल को 3853 मतों से हराने में कामयाब रहे। प्रदीप जायसवाल को 57242 वोट मिले, जबकि योंगेद्र निर्मल को 53389 मत प्राप्त हुए। वहीं राजस्थान की आसींद सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मनीष मेवाड़ा महज 154 वोटों से विधायक बनते-बनते रह गए।
वहीं सीहोर से भाजपा के सुदेश राय इस चुनाव में बड़े अंतर से जीतने वाले विधायकों में शुमार हुए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह ठाकुर को 20644 वोटों से परास्त कर दिया। सुदेश राय को 60,117 वोट मिले, वहीं सुरेंद्र सिंह को 39473 वोट प्राप्त हुए। इसी तरह सिवनी विधानसभा क्षेत्र से दिनेश राय मुनमुन ने भी बड़े अंतर से जीत हासिल की है। मुनमुन को कुल 99576 वोट प्राप्त हुए और उन्होंने 20008 मतों के अंतर से विजयी घोषित किए गए है। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मोहन सिंह चंदेल को 77568 वोट ही मिले।
कटनी के मुड़वारा विधानसभा सीट से भाजपा के संदीप श्रीप्रकाश जायसवाल विधायक निर्वाचित हुए हैं। उन्हें 79553 वोट प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मिथलेश जैन एडवोकेट को 63473 मत ही मिल सके। इस तरह संदीप श्रीप्रकाश जायसवाल को 16080 वोटों से विजयी घोषित किया गया। खास बात यह है कि इस सीट पर जायसवाल के सजातीय वोट काटने के लिए विरोधियों ने संदीप जायसवाल नाम के ही एक अन्य प्रत्याशी को खड़ा कर दिया, और वह 1700 वोट हासिल करने में कामयाब भी रहे। हालांकि कोतमा से भाजपा उम्मीदवार दिलीप जायसवाल किस्मत के धनी नहीं रहे और उन्हें 11429 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इस सीट से कांग्रेस के सुनील सराफ को विजयी घोषित किया गया। दिलीप जायसवाल को 36820 वोट मिले थे।
इसी तरह ग्वालियर दक्षिण से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। हालांकि बागी भाजपा नेत्री समीक्षा गुप्ता को 29638 वोट मिले हैं। खास बात यह है कि भाजपा के प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाहा यहां कांग्रेस के प्रवीन पाठक से संघर्षपूर्ण मुकाबले में महज 121 वोटों के मामूली अंतर से ही जीत पाए हैं। ऐसे में समीक्षा गुप्ता ने पार्टी आलाकमान को अपनी गलती का अहसास करा दिया है। लोगों का कहना है कि यदि भाजपा ने समीक्षा गुप्ता को टिकट दिया होता, तो यहां पार्टी बड़ी जीत दर्ज कर सकती थी। खास बात यह है कि समीक्षा गुप्ता भाजपा से टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त थीं और इसके लिए कफी पहले से जनसंपर्क शुरू कर दिया था। लेकिन ऐन वक्त पर टिकट कटने से आहत होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां की नवनिर्वाचित विधानसभा में केवल एक कलचुरी विधायक चुनकर पहुंचा है। यह एकमात्र विधायक हैं डा. विनय जायसवाल, जो मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट से काग्रेस के टिकट पर खड़े हुए थे। खास बात यह है कि उनका मुकाबला स्वजातीय श्याम बिहारी जायसवाल से था जो भाजपा के उम्मीदवार थे। जीत का अंतर महज 4074 वोटों का रहा। डा. विनय जायसवाल को 35,819 वोट मिले, जबकि श्याम बिहारी को 31,745 ही मत प्राप्त हुए। इसी तरह छत्तीसगढ़ के ही संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की संगीता सिन्हा (कलवार) ने 27488 वोटों के बड़े अंतर से विजय प्राप्त की है। संगीता सिन्हा को कुल 90428 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी पवन साहू को 62940 वोट मिले।
राजस्थान
राजस्थान में कलचुरी समाज के सुरेश टाक ने किशनगढ़ विधानसभा सीट से निर्दलीय विजय हासिल की है। उन्होंने भाजपा के विकास चौधरी को 17452 वोटों के बड़े अंतर से हराया। सुरेश टाक को 82,678 वोट मिले।वहीं चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ी सादड़ सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव ल़ड़ रहे श्रीप्रकाश चौधरी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के ललित कुमार ओस्टवाल से 8810 वोटों के साधारण अंतर से हार गए। श्रीप्रकाश चौधरी को 88301 वोट मिले, जबकि ओस्टवाल को 97111 मत हासिल करने में कामयाब रहे। बता दें कि उत्तर प्रदेश से कलचुरी समाज के एक दल ने चौधरी के लिए चुनाव प्रचार किया था। इसी तरह आसींद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के मनीष मेवाड़ा महज 154 वोटो से हार गए। उन्हें 70095 वोट मिले जबकि भाजपा के जब्बार सिह सांखला को 70249 वोट प्राप्त हुए।
तेलंगाना
तेलंगाना में कलचुरी समाज के चार विधायक निर्वाचित हुए हैं। इनमें सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र से तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के टी. पद्मराव 45270 वोटों के बड़े अंतर से विधायक निर्वाचित हुए हैं। उन्हें 79309 वोट मिले। वहीं मेहबूबनगर विधानसभा क्षेत्र से टीआरएस के ही वी. श्रीनिवास गौड़ ने भी 57775 वोटों के अंतर से जबरदस्त जीत दर्ज की है। उन्हें 86474 वोट मिले। रंगारेड्डी जिले की राजेंद्रनगर सीट से टीआरएस के टी. प्रकाश गौड़ 58373 वोटों के अंतर से विजयी हुए हैं। उन्हें 108964 वोट मिले हैं। कुथबुल्लापुर सीट से टीआरएश के केपी विवेकानंद ने 41500 वोटों से जीत हासिल की है। उन्हें 154500 वोट प्राप्त हुए हैं और तेलंगाना राज्य में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले विजेताओं में शामिल हुए हैं।
