शिवहरे वाणी नेटवर्क
पडरौना।
बहादुरी हम भारतीयों का विशेष गुण है। ऐसे बहादुरों को बार-बार सलाम जो मानवता का फर्ज निभाने के लिए अपनी जान पर खेल जाते हैं। रविवार देर रात कुछ युवाओं की सजगता, सूझबूझ, साहस और बहादुरी से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। दो कलचुरी युवाओं की बहादुरी की सभी सराहना कर रहे हैं।
घटना उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास पडरौना शहर में रविवार (2 दिसंबर) रात नौ बजे की है। गोरखपुर से सीवान जाने वाली ट्रेन यहां से देर रात को गुजरती है। रविवार रात को ट्रेन के आने का समय हो गया था, लेकिन रेल क्रॉसिंग खुली हुई थी और वहां से काफी ट्रैफिक गुजर रहा है। राहगीरों का इस ओर कोई ध्यान नहीं था।
इसी बीच वहां अपने दोस्तों के साथ गुजर रहे अनिल जायसवाल और शिवम जायसवाल को यह बात खटकी। पलभर ट्रेन के इंजन का हार्न सुनाई दिया। दूर से आ रही हार्न की आवाज तेजी के साथ नजदीक बढ़ रही थी। इन बहादुर युवाओं ने खतरे को भांपते हुए बिना कोई समय गंवाए ट्रेन के आने की दिशा में दौड़ लगा दी और अपनी शर्ट उतारकर लहराने लगे।
ट्रेन ड्राइवर ने भी सतर्कता का परिचय देते हुए गाड़ी दूर से ही धीमी कर ली, और ट्रेन को रेल क्रॉसिंग से कुछ ही पहले रोकने में कामयाब हो गया। ट्रेन रुकने के बाद युवा क्रॉसिंग पर पहुंचे और रेल स्टाफ की लापरवाही पर रोष जताया।
वहां मौजूद सभी लोगों ने इन युवाओं की बहादुरी की सराहना की। हादसा कितना बड़ा हो सकता था, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते है कि क्रॉसिंग को भीड़ से मुक्त कराने में ही पुलिस को आधा घंटा लग गया। 45 मिनट बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो सकी।
शाबाश अनिल और शिवम…जान पर खेलकर बचा लिया बड़ा रेल हादसा
