भागवत मर्मज्ञ श्री अरविंदजी महाराज कल करेंगे श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव का वर्णन
शिवहरे वाणी नेटवर्क
आगरा।
नीरव निकुंज में चल रहे श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को भागवत मर्मज्ञ श्री अरविंदजी महाराज ने कपिलमुनि के सांख्य उपदेश का वर्णन करते हुए बताया कि ईश्वर की प्राप्ति की कोई आयु नहीं होती। ध्रुव ने महज 5 वर्ष की अवस्था में परमात्मा को पा लिया था। यह उनकी सच्ची लगन का ही परिणाम था।

श्री अरविंदजी महाराज ने कहा कि परमात्मा भी जीव से मिलने के लिए आतुर रहता है। लेकिन जीव के ह्रदय में इसके भाव प्रकट होने चाहिए और वे भाव नारद मुनि जैसा सतगुरु मिलने पर ही प्रकट हो सकता है। इसलिए जीवन में सदगुरू का होना महत्वपूर्ण होता है। जो भी जीव परमात्मा से मिलता है, वह ध्रुवतारे की तरह अमर हो जाता है। कथा महोत्सव के मुख्य जजमान श्री सुरेशचंद्र शिवहरे एवं श्री रवि कुमार शिवहरे ने बताया कि शनिवार, 12 मई को श्री अरविंदजी महाराज श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव का वर्णन करेंगे। साथ ही गजेंद्र मोज्ञ, वामनावतार चरित्र, समुद्र मंथन, रामावतार आदि प्रसंगों का विस्तृत व्याख्यान होगा।

वयोवृद्ध समाजसेवी श्री सुरेशचंद्र शिवहरे के आवास कुसुम सदन, 1-नीरव निकुंज, सिकंदरा स्थित आवास पर चल रहे भागवत कथा महोत्सव में शिवहरे समाज समेत सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए पंडाल के शीतलन की पूरी व्यवस्था की गई है। कई बड़े कूलर पंडाल में लगाए गए हैं जिससे भागवत प्रेमी शीतल वातावरण में एकचित्त होकर श्री अरविंदजी महाराज की ओजस्वी, अमृतमयी मधुरवाणी से सर्वमंगलकारिणी दिव्य कथा का लाभ ले रहे हैं। श्री सुरेशचंद्र शिवहरे ने सभी समाजबंधुओं से भागवत कथा के श्रवण का आनंद लेने को कहा है।













Leave feedback about this