वुमन पॉवर

उफ ये क्या करने जा रही थीं कविता…दुख हमेशा नहीं रहते

शिवहरे वाणी नेटवर्क
बांदा।
बेशक पति नशेबाज है, मारता-पीटता है लेकिन उसे सुधारने के कई उपाय हो सकते हैं। कविता को इतनी सी बात समझ नहीं आई और उसने खुद को और अपनी तीन मासूम सी बच्चियों को सजा देने देने की ठान ली। कविता तीनों बच्चियों के साथ  केन नदी में छलांग लगाने जा ही रही थी कि राहगीरों ने उसके इरादे भांप लिए और उसे पकड़ लिया। अच्छी बात यह रही कि कविता को भी इस बात का अहसास हो गया कि आवेश में कितना घातक कदम उठाने जा रही थी।  पुलिस ने कविता के पति करुणावतार शिवहरे को थाने में ही बुलवा लिया और कड़ी चेतावनी दी। साथ ही कविता को उसके श्वसुर के सुपुर्द कर दिया। बाबा का साथ पाकर तीनों बच्चियों की बांछें खिल गईं, जो कुछ देर पहले तक रो रही थीं।
वाकया मंगलवार सुबह का है। मूल रूप से जबलपुर की रहने वाली कविता शिवहरे की शादी बांदा निवासी करुणावतार पुत्र भवानीदीन शिवहरे के साथ करीब सात साल पहले हुई थी। करुणावतार संकटमोचन मंदिर पर चाय की दुकान चलाता है। उसकी तीन बेटियां खुशी (6), शशि (3) और भावना (डेढ़ साल) की है।  कविता के मुताबिक, पति रोज शराब के नशे में घर आता है और उसके साथ मारपीट करता है। एक रोज पहले ही सोमवार को उसने कविता को लात-घूंसों और डंडे से बुरी तरह आए दिन की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर कविता ने यह घातक कदम उठाने का फैसला किया और तीनों बेटियों को लेकर घर से चली गई। कविता तीनों पुत्रियों को साथ बांदा-महोबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित केन नदी के पुल पर पहुंच गई। वह वहा से छलांग लगाने की कोशिश कर रही थी, तभी वहां से गुजर रहे राहगीरों ने देख लिया और समय रहते उसे पकड़ लिया। राहगीरों ने ही 100 नंबर पर खबर दी। सूचना पर महिला थानाध्यक्ष अनुपमा श्रीवास्तव भी फोर्स के साथ पहुंच गईं और कविता को महिला थाने ले आईं। वहीं करुणावतार को भी बुला लिया। पुलिस ने पति को कड़ी चेतावनी दी और महिला को उसके ससुर भवानीदीन शिवहरे के सुपुर्द कर दिया।
 

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