शिवहरे वाणी नेटवर्क
हौशंगाबाद।
एलआईसी के होनहार विकास अधिकारी (डीओ) प्रदीप राय की मौत की गुत्थी हत्या, आत्महत्या और हादसे के बीच उलझी है। ऐन होली के दिन रायसेन जिले के गैरतगंज में रेलवे ट्रैक पर प्रदीप का क्षतविक्षत शव मिला था। शव साठ से भी अधिक टुकड़ों में बंटा हुआ था। पुलिस ने ट्रैक के पास मिले पर्स में रखे आधारकार्ड से उसकी पहचान की। पुलिस प्रदीप के लापता मोबाइल का सुराग लगाने में जुटी हुई है। इसके लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही हैं। बहरहाल देहात थाना पुलिस ने मर्ग केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
गैरतगंज के रहने वाले बलराम राय का 35 वर्षीय पुत्र प्रदीप राय यशवंतनगर कार्यालय में तैनात था। वह भोपाल में भी ओल्ड अशोका गार्डन में सब्जी मंडी के पास रहता था। प्रदीप के भाई संदीप राय ने बताया कि प्रदीप 28 फरवरी को घर गैरतगंज से अपने रायसेन स्थित ऑफिस के लिए निकला था। उसके पास एलआईसी पॉलिसी के 40 हजार रुपए थे। संदीप ने बताया कि वह उस समय परेशान दिखाई दे रहा था, लेकिन उसने घर में किसी को कुछ बताया नहीं। वह रायसेन के लिए निकल गया। इसके बाद भोपाल में गुरुवार 1 मार्च को सुबह 10.37 बजे अंतिम बार उससे बात हुई थी। उसने कहा था कि वह होली पर गैरतगंज आ रहा है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।
बड़ा सवाल यह है कि प्रदीप पवारखेड़ा कैसे और क्यों पहुंचा।,उसका पर्स ट्रैक के बाहर बिखरा हुआ मिला। पर्स में रखे कागज एटीएम,आधार,लाइसेंस बाहर पड़े थे, अगर यह ट्रेन एक्सीडेंट है तो फिर उसका पर्स ट्रैक के बहार कैसे पहुंचा। पुलिस को मौके की जांच में उसके मोबाइल नहीं मिले हैं, जबकि परिजनों के मुताबिक वह दो मोबाइल रखता था। मौके पर ट्रैन की टिकट भी नहीं मिला है।
इसके अलावा शव के साठ टुकड़े होने की बात गले नहीं उतरती। डॉक्टरों के मुताबिक ट्रेन के पहियों की चपेट में आने से शव के टुकड़े हुए हैं। प्रदीप किसी हादसे का शिकार हुआ है या फिर उसकी हत्या हुई है यह अभी नहीं कहा जा सकता। पुलिस अधिकारियों का सिर्फ इतना कहना है कि मामले की जांच के बाद ही मौत की गुत्थी सुलझ सकती है।
एलआईसी में दो साल पहले ही प्रदीप की नौकरी लगी थी। वह तब से लगातार मेहनत कर रहा था, लेकिन टार्गेट पूरा नहीं होने के कारण कंफर्मेशन नहीं हो पा रहा था। नवंबर 2017 में विकास अधिकारी के रूप में उसका कंफर्मेशन हुआ था। प्रदीप ने गैरतगंज में अपने मोहल्ले में रहने ही वाले बत्रा परिवार की बेटी श्रुति बत्रा से पिछले साल शादी की थी, लेकिन शादी के बाद श्रुति एक महीने ही प्रदीप के साथ रही। 10 महीने से श्रुति अपनी मां मीना बत्रा के साथ गैरतगंज में ही रह रही थी। शादी के बाद से ही ससुरालवाले प्रदीप पर दबाव बना रहे थे। प्रदीप के यहां पर एक बेटी भी हुई थी जो कि 40 दिन की हो गई है।
फेसबुक व वॉटसअप जैसी सोशल साइट पर प्रदीप काफी सक्रिय था। जनवरी माह में उन्होंने नोट बंदी पर सोनू निगम द्वारा की गई मिमक्री का वीडियो शेयर किया था। इसके अलावा अपनी बेटी का फोटो भी शेयर किया था जिस पर मित्रों व परिचितों ने कई कमेंट्स किए थे। प्रदीप की अचानक मौत ने जानने वाले लोगों को सकते में डाल दिया है। रायसेन के कलचुरी समाज में शोक की लहर दौड़ गई।
