फिरोजाबाद।
कभी सपा का गढ़ माने जाने वाले फिरोजाबाद में भाजपा ने बीते विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर जिले की पांच विधानसभा सीटों में से 4 पर विजय हासिल की थी। 2017 का यह शानदार प्रदर्शन 2022 में भी दोहराने की बड़ी चुनौती भाजपा के सामने है। ऐसे में भाजपा ने अहम फैसला लेते हुए मतदान से 20 दिन पहले वरिष्ठ नेता श्री वृंदावन गुप्ता (शिवहरे) को पार्टी का फिरोजाबाद जिलाध्यक्ष बनाया है। पार्टी के निर्णय का भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने खुले मन से स्वागत किया है।
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टूंडला में नई बस्ती निवासी श्री वृंदावन गुप्ता (पुत्र स्व. श्री श्रीराम गुप्ता) ने शिवहरेवाणी से बातचीत में भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वह सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी समर में पार्टी संगठन को एकजुट कर पूरी क्षमता के साथ काम करते हुए जिले की पांचों सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताना ही उनका पहला लक्ष्य है। भाजपा के प्रदेश मंत्री श्री विजय शिवहरे ने श्री वृंदावन गुप्ता को एक सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं। सिरसागंज के चेयरमैन श्री सोनी शिवहरे ने कहा कि चुनावी दौर में श्री वृंदावन गुप्ता जैसे विनम्र, सह्रदयी और जनप्रिय नेता का नेतृत्व पार्टी की चुनावी संभावनाओं को बेहतर बनाएगा। युवा नेता सुगम शिवहरे ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जमीन से जुड़े जनसेवी नेता को जिलाध्यक्ष बनाए जाने से भाजपा का कार्यकर्ता उत्साहित है। उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद का शिवहरे समाज जल्द ही श्री वृंदावन गुप्ता के सम्मान में एक समारोह का आयोजन करेगा।
श्री वृंदावन गुप्ता दशकों से भी अधिक समय से आरएसएस से जुड़े हैं। 1988 से भाजपा के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतर कर राजनीति की है, और पार्टी के आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी की। वर्ष 2001 में भाजपा ने श्री वृंदावन गुप्ता को टूंडला नगर पालिका के चेयरमैन पद का प्रत्याशी बनाना तय किया, लेकिन इस पद के महिला आरक्षित होने पर श्री वृंदावन गुप्ता ने अपनी अनुजवधु श्रीमती राधारानी गुप्ता को चेयरमैन पद का प्रत्याशी बनवाया। श्रीमती राधारानी गुप्ता 2005 तक टूंडला की चेयरमैन रहीं, और अपने जेठ श्री वृंदावन गुप्ता के मार्गदर्शन में शानदार कार्यकाल को अंजाम दिया जिससे टूंडला के आम लोगों के बीच श्री वृदावन गुप्ता की एक मजबूत छवि बनी। श्री वृंदावन गुप्ता ने व्यापारी नेता और वैश्य नेता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। वह वैश्य एकता परिषद के प्रदेश महामंत्री भी रहे हैं।
