इंदौर।
इंदौर के नामचीन चौकसे परिवार की होनहार बेटी प्रथमा चौकसे ने एक बहुमंजिला इमारत की नौंवी मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। प्रथमा चौकसे एक ऑनलाइन कंपनी में इंजीनियर थी। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की बात लिखी है जिससे वह काफी परेशान थी।
बता दें कि प्रथमा चौकसे के दादाजी स्व. श्री जयप्रकाश चौकसे देश के ख्यातिनाम फिल्म समीक्षक थे जिनका सात माह पहले 2 मई, 2022 को निधन हुआ था। प्रथमा अपने दादाजी के बहुत करीब थी। श्री पृथ्वी चौकसे एवं श्रीमती डा. अनीता चौकसे की पुत्री प्रथमा चौकसे ने इंदौर के चोइथराम स्कूल से पढ़ाई करने के बाद बिट्स प्लानी के हैदराबाद कैंपस से इंजीनियरिंग की थी। वर्तमान में वह हैदराबाद बेस्ड एक ऑनलाइन कंपनी के लिए घर से काम कर रही थीं।
इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित सतगुरु गोकुल रेजीडेंसी के ग्राउंड फ्लोर परिसर में प्रथमा चौकसे की खून से लथपथ लाश अलसुबह सबसे पहले सोसायटी के गार्ड के गार्ड ने देखी थी। इस बहुमंजिला इमारत की नौवीं मंजिल पर प्रथमा की सहेली सौम्या गंगराडे का फ्लैट है। रात को किसी समय प्रथमा ने इसी फ्लैट की खिड़की से कूदकर खुदकुशी की होगी। सौम्या गंगराडे ने पुलिस को बताया, दो दिनों से रात में प्रथमा उनके घर आ रही थी। प्रथमा के साथ वह दूसरी सहेलियों को भी बुला रही थी। रात में वे काम के दौरान बैठकर बातें करते थे। बीती रात दो बजे तक सभी आपस में बातें कर रहे थे। प्रथमा अपने लेपटॉप पर काम भी कर रही थी। रात करीब तीन बजे के लगभग सभी सो गए थे। लेकिन प्रथमा इसके बाद भी काम करती रही थी।
पुलिस के मुताबिक, प्रथमा के लैपटॉप से दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इंग्लिश में लिखे इस सुसाइड नोट में उसने गंभीर बीमारी से परेशान होने की बात कही है। वह यह बात अपने परिवार को नहीं बता पा रही थी। प्रथमा को शरीर में काफी दर्द होता था।
प्रथमा की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पिता पृथ्वी चौकसे, मां अनीता चौकसे और छोटा भाई पुण्य चौकसे समेत सभी परिवारीजन अस्पताल में पहुंचे। प्रथमा सुसाइड नोट में किस बीमारी की बात कर रही थी, मां के डाक्टर होने के बावजूद उसने इसे छिपाया क्यों, औऱ भी तमाम सवाल हैं, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच के बाद ही सामने आएगा।
इंदौरः सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रथमा चौकसे ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दी; फिल्म समीक्षक जयप्रकाश चौकसे की पौत्री थी
