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कर्नाटक के कलवार विधायक-1; स्वजातीय वोटों ने लिखी भीमन्ना नाइक की जीत की पटकथा; सिरसी-सिद्दापुर से पहली बार जीते

बंगलुरू।
कर्नाटक में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में कलवार समाज के विभिन्न वर्गों से छह विधायक निर्वाचित हुए हैं, जिनके बारे में हम सिलसिलेवार जानकारी देने जा रहे हैं। इस क्रम में पहला नाम सिरसी-सिद्दापुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित कांग्रेस के भीमन्ना नाइक का है जो कलवार समाज के नामधारी इड़ीगा वर्ग से हैं। 
खास बात यह है कि उत्तर कन्नड जिले का सिरसी-सिद्दापुर विधानसभा क्षेत्र भाजपा का बहुत मजबूत गढ़ माना जाता था जहां 1999 से इसी पार्टी का कब्जा है। 10 मई को हुए मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी भीमन्ना नाइक ने आठ बार के विधायक रहे विधानसभा स्पीकर विश्वेशर हेगड़े को 8712 वोट से हरा दिया। खास बात यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में विश्वेश्वर हेगड़े ने राष्ट्रवाद समर्थकों के जबरदस्त समर्थन से भीमन्ना नाइक को 17 हजार वोटों से हराया था और हेगड़े को इस बार भी जीत का पूरा भरोसा था। लेकिन, भीमन्ना नाइक ने क्षेत्र में जबरदस्त मेहनत की और डोर टु डोर प्रचार अभियान चलाया। उनकी यह मेहनत रंग लाई। इसके अलावा भीमन्ना नाइक को स्वजातीय नामधारी इडिगा समाज का भरपूर वोट मिला है, बल्कि अनुमान तो यह भी है कि नाइक को शत प्रतिशत स्वजातीय वोट मिला है। साथ ही हाव्यका ब्राह्मणों के वोट ने भी नाइक के विरोधियों के सारे गणित को बिगाड़ दिया।   
66 वर्षीय भीमन्ना नाइक पुत्र थिरुकप्पा लिंगपा नाइक संपन्न कृषि व्यवसायी हैं और तीन दशकों से राजनीति में हैं, क्षेत्र में उनकी पहचान मजबूत आधार वाले इडीगा नेता के रूप में होती है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता नाइक भी सामाजिक कार्यों में पति का साथ देती हैं। बेटा अश्विन नाइक बिजनेसमैन और होटल व्यवसायी हैं और सिरसी में ही सुप्रिया इंटरनेशनल के नाम से एक प्रतिष्ठित होटल है। चार महीने पहले ही अश्विन की शादी हुई है जिसमें कर्नाटक की राजनीति के बड़े नेताओं ने भी शिरकत की थी। उनकी पुत्रवधु पेशे से डाक्टर हैं। वहीं भीमन्ना नाइक की बहन कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगरप्पा की पत्नी हैं।
 

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