आगरा।
भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत की रणभूमि पर पांडव-वीर अर्जुन से कहा था कि ज्ञान के बिना भक्ति संभव नहीं है, ज्ञान प्रधान है, भक्ति उसके बाद की चीज है। जो लोग ज्ञान के बिना भक्ति में लीन हो जाते हैं, उनकी अंध-भक्ति उस युग और समाज को क्षति पहुंचाती है। बीते रविवार (5 सितंबर) राधाकृष्ण मंदिर में कान्हा के छठी महोत्सव में शिवहरे महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े कठिन से कठिन प्रश्नों का जवाब देकर स्वयं को उनका सच्चे अनुयायी होने का प्रमाण दिया।
शिवहरे समाज की धरोहर राधाकृष्ण मंदिर में आनंद का ऐसा वातावरण बना, मानो मंदिर पूरा परिसर नंदमहल बन गया हो। शिवहरे महिलाओं के मंगल-कीर्तन के बीच फूलबंगले में सजे कन्हैया के दिव्य दर्शनों ने सभी को निहाल कर दिया। मंदिर समिति के महासचिव श्री मुकुंद शिवहरे ने बताया कि इस बार भगवान श्रीकृष्ण के छठ महोत्सव के आयोजन में युवा भाजपा नेता श्री हर्ष गुप्ता (शिवहरे) पुत्र श्री प्रेमनारायण शिवहरे (कपिल डेयरी) की ओर से कराया गया था। कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर पधारे भाजपा विधायक श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल और क्षेत्रीय पार्षद शरद चौहान ने भगवान के दर्शनों के पश्चात अपने हाथों से लोगों को कढ़ी-चावल का प्रसाद वितरित कर पुण्य अर्जित किया।
इस दौरान शिवहरे महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती आरती शिवहरे ने शिवहरेवाणी को बताया कि कोरोना काल के दौरान करीब डेढ़ वर्ष तक निष्क्रिय रहने के बाद समिति अब दोबारा सक्रिय हो गई है, और इसकी शुरुआत के लिए भगवान श्रीकृष्ण के छठ महोत्सव से बेहतर अवसर औऱ क्या हो सकता था भला। उन्होंने कहा कि अब से शिवहरे महिला समिति पहले की तरह हर माह अपने कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस अवसर पर राधाकृष्ण महिला समिति की महिलाओं के साथ शिवहरे महिला समिति ने भी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के मंगलगान किए। अंत में मंदिर के पुजारी श्री सुनील चतुर्वेदी शास्त्री ने भगवान की आरती की और भक्तों को बाल कृष्णा के प्रसाद स्वरूप टॉफी, बिस्कुट और कुरकुरे के पैकेट बांटे। अंत में सभी को कढ़ी-चावल, घेवर, लड्डू और माखन-मिस्री का प्रसाद प्रदान किया गया।
आयोजन में राधाकृष्ण मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री अशोक शिवहरे ‘अस्सो’, महासचिव श्री मुकुंद शिवहरे, कोषाध्यक्ष एवं भाजपा नेता श्री कुलभूषण गुप्ता ‘राम भाई’, सचिव श्री धीरज शिवहरे, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य श्री रामगोपाल गुप्ता, जगदीशचंद्र गुप्ता के अलावा श्री रवि शिवहरे ‘बॉबी’ और श्री शिवकुमार गुप्ता की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।
भगवान श्रीकृष्ण के छठ महोत्सव पर नंदमहल बना राधाकृष्ण मंदिर; अंध-भक्त नहीं भगवान श्रीकृष्ण के सच्चे अनुयायी हैं शिवहरे
