आगरा।
वैसे तो सिरसागंज के चेयरमैन श्री संत कुमार सोनी शिवहरे की आम छवि ही एक सच्चे जनसेवक की है जो अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा में हरदम तत्पर रहते हैं। बीते कोरोनाकाल के दौरान नगर पालिका चेयरमैन के रूप मे जरूरतमंदों की जो सहायता श्री सोनी शिवहरे ने की, वैसी मिसालें भी कम ही हैं। लेकिन, बीते रोज सिरसागंज में बस हादसे के बाद श्री सोनी शिवहरे जिस सह्रदयता के साथ पूरी तत्परता से आगरा के दुःखी शिवहरे परिवार के साथ खड़े हुए, उससे आगरा के शिवहरे समाज पर भी अपनी छाप छोड़ दी है। हादसे में मृत श्रीमती रामजानकी शिवहरे के दुःखी परिवारीजनों और रिश्तेदारों को श्री सोनी शिवहरे के सपोर्ट ने उन तमाम परेशानियों से बचा लिया जिनका सामना आमतौर पर ऐसे हादसों में पीड़ित परिवारों को करना पड़ता है।
वैसे भी, जिस भ्रष्ट व्यवस्था में आरोपी बस कंडक्टर भरी भीड़ के बीच से फरार हो जाता हो, उस व्यवस्था में छोटे-छोटे सामान्य कामों में भी किसी भारी-भरकम सपोर्ट की जरूरत लाजिमी हो जाती है। सुबह साढ़े बारह बजे हादसा हुआ, और इसकी सूचना मिलते ही श्री सोनी शिवहरे घटनास्थल शनिदेव मंदिर के लिए दौड़ पड़े। 12.40 बजे वह मौके पर थे। उस वक्त तक उन्हें पता नहीं था कि हादसे में मृतका का नाम रामजानकारी शिवहरे है। यह अपने क्षेत्र में भीषण हादसा होने पर एक सेवाभावी नगर पालिका चेयरमैन की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। मौके पर उन्हें पता चला कि मृतका का नाम श्रीमती रामजानकी शिवहरे है जो आगरा की रहने वाली है, तो वह शिवहरे समाज के होने के नाते एक तरह से मृतका के स्थानीय रिश्तेदार की भूमिका में आ गए।
इससे पहले कि श्रीमती रामजानकी के बेटे और रिश्तेदार सिरसागंज पहुंचते, श्री सोनी शिवहरे ने अपनी देखरेख में श्रीमती रामजानकी की घायल पौत्री और रिश्तेदार बालक को शिकोहाबाद स्थित संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाकर उन्हें फर्स्टएड दिलवाई। तब तक श्रीमती रामजानकी के पुत्र और रिश्तेदार भी पहुंच गए। श्री सोनी शिवहरे शिकोहाबाद से लौटकर फिर घटनास्थल पर पहुंचे, दुःखी परिवार का हौसला बंधाया। इसके बाद श्रीमती रामजानकी का पंचनामा कराकर उनके शव को शिकोहाबाद अस्पताल पहुंचाया, श्रीमती रामजानकी के पुत्र श्री विवेक गुप्ता की ओर से थाना सिरसागंज में इस घटना की रिपोर्ट भी उन्होंने अपने सामने दर्ज कराई। इस दौरान कई मौकों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से उन्होंने दुःखी परिवार के प्रतिनिधि के तौर पर बात की। नगर पालिका चेयरमैन की व्यक्तिगत सक्रियता का प्रभाव यह रहा, कि हादसे के बाद के वे सारे काम सरलता से हो गए, जिनमें दुःखी और पीडित परिवारों को अक्सर राहत नहीं मिलती और उन्हें लंबा वक्त लग जाता है।
आरोपी बस कंडक्टर के शिकोहाबाद के अस्पताल से फरार होने की घटना मे भी उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात कर इस पर खासी नाराजगी जाहिर की। यही नहीं, इससे आहत परिवार को भी समझा-बुझाकर हंगामे को शांत कराया। श्री सोनी शिवहरे देर शाम तक श्रीमती रामजानकी के दुःखी परिवार के साथ रहे, उनके लिए चाय-पानी और खाने पीने का इंतजाम किया, हौसला बंधाकर किसी तरह कुछ खा-पी लेने को उन्हें राजी किया। और, देर शाम को श्रीमती रामजानकी शिवहरे के शव को पोस्टमार्टम के लिए फिरोजाबाद भेजे जाने के बाद उनके परिवार को विदा कर लौटे।
मारुति एस्टेट निवासी श्री अंकुर गुप्ता ने बताया कि वे पोस्टमार्टम कराने के लिए जितनी देर फिरोजाबाद मे रहे, श्री सोनी शिवहरे थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद फोन कर स्थिति की जानकारी लेते रहे। हम सब उनकी सह्रदयता के कायल होकर लौटे हैं। श्रीमती रामजानकी शिवहरे के पुत्रों श्री सतीश गुप्ता औऱ श्री विवेक गुप्ता ने शिवहरेवाणी के माध्यम से श्री सोनी शिवहरे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री सोनी शिवहरे ने जिस तरह मुसीबत की घड़ी में हमारा साथ दिया, उसे हम कभी भुला नहीं सकते। वे हमारे लिए बदहवासी के पल थे, हमे कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करें, उस समय श्री सोनी शिवहरेजी ने हमारे साथ खड़े होकर न केवल हमारा दुःख बांटा, बल्कि एक स्थानीय गार्जियन की तरह हमारा सपोर्ट किया है।
आर्थिक भागदौड़ के इस युग में समाज में जब आम इंसान आत्मकेंद्रित हो रहा है, परस्पर सहयोग की भावना घट रही है, यहां तक कि मानवता के तकाजे भुला दिए जा रहे हैं, ऐसे में सोनी शिवहरे जैसे लोग उम्मीद जगाते हैं कि सबकुछ बर्बाद नहीं हुआ है….करुणा का भाव जिंदा है अभी। यदि समाज सभ्य मानव जगत का प्रतीकात्मक शब्द है तो सोनी शिवहरे जैसे लोग उसके प्रतीक जिनकी भावना और व्यवहार एक सामाजिक प्राणी होने के महत्व को परिभाषित करते है।
सिरसागंज हादसाः चेयरमैन सोनी शिवहरे की सह्रदयता और सपोर्ट का कायल हुआ श्रीमती रामजानकी शिवहरे का दुःखी परिवार
