द्वितीय पुण्य स्मरण
स्व. श्री सत्यनारायण राजाराम जायसवाल
(जन्मः 01.01.1956- स्वर्गवासः 08.10.2020)
पिता स्वर्गः पिता धर्मः पिता परमकं तपः ।
पितरि प्रीतिमापन्ने सर्वाः प्रीयन्ति देवताः ॥
अर्थात् पिता स्वर्ग हैं, पिता धर्म हैं, पिता ही जीवन की परम तपस्या हैं। जब पिता खुश होते हैं, तब सभी देवता खुश होते हैं।
हम आज जो कुछ भी है, केवल और केवल आपके आशीर्वाद, मार्गदर्शन और वात्सल्य के कारण ही हैं। आपका प्रभावशाली व्यक्तित्व, आपके आदर्श और आपसे जुड़ी अनमोल स्मृतियां हमारे लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगी।
श्रद्धावनतः-
अनिल जायसवाल-सुषमा जायसवाल
सुधीर जायसवाल-खुश्बू जायसवाल
(पुत्र-पुत्रवधु)
एवं समस्त परिवारीजन
अहमदाबाद।
संपर्कः- 6352445945; 9328941506
