शिवहरेवाणी नेटवर्क
जालौन।
विपिन कुमार शिवहरे ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) की परीक्षा में चौथी रैंक हासिल कर डिप्टी कलक्टर बनने के अपने सपने को साकार कर दिया है। जालौन के होनहार विपिन कुमार शिवहरे वर्तमान में भोपाल के एजी आफिस में आडिट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। विपिन के अलावा पीयूष जायसवाल (82वीं रैक) और अमित कुमार जायसवाल (87वीं रैंक) ने भी डिप्टी कलक्टर बनकर समाज का मान बढ़ाया है। गुरुवार 11 सितंबर को घोषित यूपी पीसीए-2018 परीक्षा के रिजल्ट के अनुसार, शिशिर जायसवाल ने कोषागार अधिकारी और हेमंत कलाल ने एक्साइज इंस्पेक्टर का पद हासिल किया है।
विपिन कुमार शिवहरे उरई-जालौन जिले में एट तहसील के अमीटा गांव के रहने वाले हैं। 1990 में जन्मे विपिन के पिता चेतराम शिवहरे एक साधारण किसान हैं। तमाम आर्थिक मुश्किलों के बाद भी उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई बाधा नहीं आने दी। विपिन कुमार शिवहरे तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एट, कोंच और उरई के स्कूलों में पूरी की। असको बाद बुंदेलखंड डिग्री कालेज से स्नातक किया।

चेतराम शिवहरे कहते हैं कि बहुत संघर्षों के बाद यह दिन देखने को मिला है। आर्थिक संकट के दिनों को याद करते हुए वह बताते हैं कि जब गांव के दूसरे लोग अपने बच्चों को मोटरसाइकिल पर बिठाकर स्कूल छोड़ने जाते थे तब हम साइकिल पर दूध लादकर बेचने जाते थे। वह बोले, हमारी परेशानी तो दूर, हमारे बच्चे (विपिन) ने भी बहुत संघर्ष किया।उनकी पत्नी कुसमा देवी ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया और संकट के समय धैर्य नहीं खोया।
विपिन की कामयाबी ने साबित कर दिया है कि सफलता सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। विपिन ने बताया कि उनका सपना सिविल सर्विस में जाने का था। किसान परिवार से होने की वजह से घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बाहर जाकर तैयारी कर पाते। फिर पहले एक अदद नौकरी की दरकार थी। 2008 में एयरफोर्स की परीक्षा क्वालीफाई की लेकिन मेडिकल क्लीयर नहीं हो पाया। वर्ष 2013 में एसएससी क्वालीफाइ करके एसबीआई में कैशियर के पद पर नियुक्ति हुई। पहली पोस्टिंग मध्य प्रदेश के पन्ना में हुई और बाद में असिस्टेंट ऑडिट आफीसर के पद पर एजी कार्यालय भोपाल में तैनाती मिली। इसके बाद उन्होंने सविल सर्विस में जाने का अपना सपना पूरा करने की ठानी और तैयारी शुरू कर दी। वह हर दिन नौकरी करने के बाद पांच घंटे सेल्फ स्टडी करते रहे। बीती फरवरी को ही विपिन का विवाह ग्वालियर की आरती से हुआ है।
विपिन के छोटे भाई सुनील ने बताया कि हमारी तबीयत खराब होने पर विपिन भइया देखने आए थे और दो दिन पहले ही भोपाल गए हैं। उनके साथ में छोटी बहन प्रियंका भी गई है, वह भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं और कैट में चयन हो गया है। पिता के साथ खेती किसानी में मदद करने वाले सुनील कहते हैं कि विपिन की शादी बीती 22 फरवरी को ग्वालियर में रहने वाली आरती से हुई है। सबसे छोटा भाई चंदन शिवहरे कालपी के हासा में लेखपाल हैं, संयुक्त परिवार में अब हर तरह की खुशहाल है।










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