सीहोर।
इस राष्ट्रीय मंच की अध्यक्षता एक महिला कर रही थीं, मुख्य अतिथि भी एक महिला, और जब इस मंच पर महिलाओं ने अपने हाथों में तलवारें लहराईं तो मातृशक्ति के सशक्तीकरण का यह नजारा कलचुरी समाज के स्वर्णिम भविष्य की सच्ची तस्वीर बन गया। मजे की बात यह कि इस अदभुत मंच को संजोने वाली भी एक महिला ही थीं जिन्होंने अपनी अदभुत नेतृत्व क्षमता से अपने संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर कलचुरी समाज का प्रतिनिधि संगठन बना दिया है।
बात कर रहे हैं सीहोर के क्रिसेंट रिसोर्ट में बीते रविवार 9 जून को हुई राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ की कार्यकारिणी बैठक की। राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ की राष्ट्रीय संयोजिका श्रीमती अर्चना जायसवाल के संयोजन और मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश राय के सह-संयोजन में हुए इस एक दिनी कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद महिला सम्मेलन औऱ युवा सम्मेलन भी आयोजित किए गए। बांसवाड़ा के जाने-माने समाजसेवी श्री हरीशचंद्र कलाल ने महिला सम्मेलन की मंचासीन महिला अतिथियों को तलवारें भेंट कीं, और महिलाओं ने जब इन तलवारों को अपने हाथ में उठाकर हवा में लहराया तो समाज के विकास व परिवर्तन यह तस्वीर वहां मौजूद स्वजातीय बंधुओं के दिलों में जज्ब हो गई। इससे पूर्व कार्यकारिणी बैठक की मुख्य अतिथि भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कलचुरी समाज को आश्वस्त किया कि जहां भी उनकी जरूरत होगी, वह सदैव समाज के साथ खड़ी दिखाई देंगी।

प्रख्यात समाजसेवी एवं शिक्षाविद श्री जयनारायण चौकसे ने समाज में राष्ट्रीय स्तर पर एकता स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कलचुरी समाज के विभिन्न वर्गों का क्षेत्रवार प्रभुत्व इसमें बाधा साबित हो रहा है। जैसे पंजाब-हरियाणा और पश्चिमी यूपी में वालिया, अहलुवालिया, कर्णवाल वर्ग अधिक हैं, तो आगरा-ग्वालियर-झांसी में शिवहरे व राय वर्ग की संख्या अधिक है। इसी तरह पूर्वी यूपी में जायसवाल, भोपाल-इंदौर में राय, चौकसे व जायसवाल अधिक हैं। ऐसे में सभी संकल्प लें कि अब से वे अपने-अपने यहां होने वाले किसी भी सामाजिक आयोजन के बैनर या निमंत्रण में सबसे ऊपर ‘कलार समाज’ लिखवाएंगे। उनके इस प्रस्ताव का आडिटोरियम में उपस्थित समाजबंधुओं ने करतल ध्वनि से अनुमोदन किया।
श्रीमती अर्चना जायसवाल ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की राजधानी रही महेश्वर नगरी में भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की भव्य प्रतिमा स्थापित करने के प्रयासों को तीव्र करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर महानगर में कलचुरी समाज का एक छात्रावास होना चाहिए ताकि वहां पढ़ाई के लिए आने वाले स्वजातीय बच्चों को ठहरने की एक उचित सुविधा प्राप्त हो सके। साथ ही समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के संबंध में ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए कि जरूरतमंद समाजबंधुओं व युवाओं को परेशान न होना पड़े। उन्होंने समाज में कुरीतियों का पुरजोर विरोध करने का आह्वान भी किया। इससे पूर्व कार्यक्रम के मुख्य मेजबान के रूप में क्रिसेंट रिसोर्ट के श्री राकेश राय ने सभी का स्वागत किया। अतिथियों के लिए स्वागत-सत्कार और ठहरने की शानदार व्यवस्थाओं के बावजूद उन्होंने मंच से किसी भी चूक के लिए ‘क्षमा’ आग्रह किया तो उनकी यह विनम्रता और दरियादिली सचमुच दिलों को छू गई।
इससे पूर्व जयपुर से पधारे जाने-माने समाजसेवी एवं महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री शिवचरन हाडा ने सामाजिक एकता के तमाम प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कलचुरी एकता महासंघ इस तरह के आयोजन कर पूरे देश में सामाजिक एकता व समरसता के संदेश को पुरजोर तरीके से प्रसारित कर रही है, इसके लिए श्रीमती अर्चना जायसवाल बधाई की पात्र हैं। हरीशचंद्र कलाल ने अपने बांसवाड़ा में सामूहिक विवाह की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए समाज के उत्थान में स्थानीय सामाजिक संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
पंकज चौकसे को विशेष सम्मान
गाडरवारा (नरसिंहपुर) से आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री पंकज चौकसे को सामाजिक कार्यों में अतुलनीय योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने अपने उदबोधन में सामाजिक कार्यों में स्थानीय संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज के एकीकरण के लिए सभी संगठनो को एक झंडे के नीचे सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।
समाजसेवियों को महाराणा प्रताप सम्मान
9 जून को महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरीशचंद्र कलाल ने समाज में उत्कृष्ट योगदान के लिए डा. अर्चना जायसवाल, जयनारायण चौकसे, राकेश राय, युवा अध्यक्ष सुशील शिवहरे को महाराणा प्रताप सम्मान से सम्मानित किया।
कार्यकारिणी बैठक को नेपाल के राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, सिलीगुड़ी के विपिन प्रसाद गुप्ता, प्रयागराज के टीएन जायसवाल, दिल्ली के राजीव जायसवाल, मुंबई के विश्वनाथ कलवार, बालाघाट के नरेंद्र धुवारे, अहमदाबाद से नरेश जायसवाल, झांसी के विष्णु शिवहरे, कोटा के नरेंद्र भास्कर, विकास मेवाड़ा ने भी संबोधित किया। संचालन महासंघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष किशोर राय ने किया।
बैठक में मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, दिल्ली, प.बंगाल समेत लगभग 15 राज्यों से स्वजातीय बंधुओं ने भागीदारी की। बैठक में यूपी के झांसी से अतुल गुप्ता, सुरेंद्र शिवहरे, हरिओम राय, नीरज शिवहरे एडवोकेट, प्रयागराज से कमलेश्वर जायसवाल, धौलपुर से समाज अध्यक्ष रवि शिवहरे व राजू जायसवाल (टायरवाले), भिंड से वरिष्ठ भाजपा नेता रामअवतार शिवहरे, ग्वालियर से संजय शिवहरे, भोपाल से राजाराम शिवहरे, नंदू जायसवाल, नितिन चौकसे, बेतूल से मनोज आर्य, बिहार से एकवोकेट इंदिरा गुप्ता, कर्नाटक से अरुण नाडर व कन्नन नाडर, महाराष्ट्र से आरती गुप्ता समेत सैकड़ों समाजबंधु व महिलाएं उपस्थित रहे। इस दौरान सीहोर के विधायक श्री सुदेश राय की धर्मपत्नी अरुणा राय एवं श्रीमती रोमी राकेश राय की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
लंच के बाद दूसरे सत्र में महिला व युवा सम्मेलन हुए जिसके समाचार अगली कढ़ी में। पढ़ते रहिये शिवहरेवाणी….।
