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विश्व पर्यावरण दिवसः भोपाल में समाज की चेतना ने बदल दी तस्वीर, एक बंजर को बना दिया ‘हराभरा वन’

मैंने एक चिड़िया पाली…
एक दिन वो उड़ गई।
फिर मैंने एक गिलहरी पाली…
एक दिन वो भी चली गई।
फिर मैंने एक दिन पेड़ लगाया…
दोनों वापस आ गईं। 
-डा. एपीजे अब्दुल कलाम

भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अरेरा कालोनी शाहपुरा स्थित ई-8 बसंत कुंज के सामने लहलाती हरियाली, भरपूर प्राण-वायु, सुबह-शाम हजारों चिड़ियों की चहचहाट औऱ एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर अठखेलियां करतीं गिलहरियां वहां से गुजरने वाले लोगों में मन में जीवन के प्रति एक उत्साह और उमंग का संचार करती हैं। जबकि, बीस वर्षों पहले तक बंजर-उजाड़ पहाड़ियां, गंदगी और कचरे के अंबार ही इस विशाल भूखंड की पहचान हुआ करते थे। एक बंजर के ‘हराभरा वन’ बनने की यह दास्तान एक मिसाल है पर्यावरण के प्रति कलचुरी समाज की चेतना की, और कलचुरी युवाओं की संकल्प शक्ति की। 
दरअसल 1999 तक ई-8 बसंत कुंज, शाहपुरा गांव और ई-7 से तीन ओर से घिरी पहाड़ी वीरान और उजाड़ पड़ी थी। चारों तरफ कचरे के अंबार नजर आते थे। श्री सहस्रबाहु वन सुरक्षा समिति, मध्य प्रदेश कला विकास संस्थान, युवा हैहय क्षत्रिय कलार महासभा के अध्यक्ष एवं समाज सेवी राजाराम शिवहरे बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान सीमा पर हमारे जवानों को रसद और गोला-बारूद न मिल पाने की खबर से वह और उनके सभी साथी विचलित हो गये थे। 28 युवाओं ने शपथ-पत्र  भरकर परिवार वालों की सहमति के साथ मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल डॉ भाई महावीर जी से सीमा की रक्षा कर रहे जवानों की मदद की अनुमति चाही थी। अनुमति मिलने की प्रक्रिया पूरी होने के पहले ही भारत ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त कर ली। लेकिन, इस युद्ध में हमारे कई बहादुर जवानों को शहादत देनी पड़ी थी। तब कलचुरी युवाओं ने इन शहीद भारतीय जवानों  की स्मृति को चिरस्थाई बनाने, पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु पौधे लगाने का संकल्प लिया। 
राजाराम शिवहरे बताते हैं कि कलचुरी युवाओं ने मिलकर सबसे पहले इस जगह का कचरा साफ किया और पौधरोपण करने के लिए यहां की जमीन को तैयार किया। इस भूखंड में स्थित बड़े तालाब का गहरीकरण कराया और उसमें से निकली 10 ट्रक मिट्टी को यहां की ऊसर जमीन पर डलवाकर छायादार व फलदार वृक्षों के पौधे रौंपे। तब से लेकर आज तक यहां हर साल विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से लेकर कारगिल विजय दिवस (26 जून) तक समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा छायादार व फलदार वृक्षों का पौधारोपण किया जाता है। यही नहीं, कलचुरी समाज के लोग पौधों की देखभाल औऱ निगरानी करते हैं। नतीजा यह बीते 22 वर्षों में इस बंजर ने हजारो की संख्या मे हरे-भरे वृक्षो ने सघन वन का रूप ले लिया हैं।  पीपल, बरगद, नीम, जामुन, स्नैक प्लांट, पाखर, गुलमोहर, बहेड़ा, मनीप्लांट, सीताफल, जासौन आदि छायादार और फलदार वृक्षों की टहनियों पर तरह-तरह के पक्षियों ने अपने घोंसले बना लिए हैं।
राजाराम शिवहरे ने बताया कि श्री सहस्रबाहु वन सुरक्षा समिति और युवा हैहय क्षत्रिय कलार महासभा ने यहां श्री सहस्त्रबाहु भगवान के एक मंदिर का निर्माण कराया जहां पूरे वर्षभर धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके पीछे बड़ी सोच यही रही कि कलचुरी समाज के लोगों का इस जगह से जुड़ाव बने, उनका आना-जाना बना रहे और इस तरह यहां की हरियाली और पेड़-पौधों की देखभाल भी होती रहेगी। यही वजह रही कि यहां पौधों के वृक्ष के रूप में पुष्पित-पल्लवित होने का औसत बहुत अधिक है।
यहां मंदिर परिसर में प्रत्येक सुंदरकांड का पाठ-भजन और भंडारा होता है, जिसमें 400-500 बंधु अपने परिवारों के साथ भाग लेते हैं। दीपावली के सातवें दिन श्री सहस्त्रबाहु जयंती पर विशेष कार्यक्रम होते हैं। 15 अगस्त और 26 को तिरंगा फहराया जाता है। महाशिवरात्रि पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण का वृहद आयोजन बड़े ही उत्साह के होता है। इनमें ज्यादातर अवसरों पर पौधारोपण के कार्यक्रम होते हैं। 26  जुलाई को कारिगल विजय दिवस पर भी पौधारोपण किया जाता है। 
युवा हैहय क्षत्रिय कलार महासभा के महामंत्री सुनील मालवीय बताते हैं कि अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी श्री राजाराम शिवहरे के कुशल उत्साह वर्धक प्रोत्साहन के कारण सभी साथियों के अथक प्रयासों से तत्कालीन भोपाल कमिश्नर सूरज प्रकाश के साथ नाबार्ड के जीएम, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर शर्मा, राजो मालवीय (पूर्व महापौर प्रत्याशी) समेत कई लोगों ने इस मिशन की शुरुआत वर्ष 2000 में पर्यावरण दिवस 5 जून को की थी। उसके बाद वर्तमान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उद्योगपति एवं कलार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिलीप सूर्यवंशी, महामंडलेश्वर 1008 स्वामी परमानंद जी गिरी महाराज वृन्दावन, तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल गौर, तत्कालीन शिक्षा मंत्री महेन्द्र बौद्ध, भोपाल की प्रभारी मंत्री श्रीमती उर्मिला सिंह, पर्यावरण मंत्री इन्द्रजीत पटेल, मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, मंत्री जयंत मलैया, मंत्री विस्वास सारंग, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद नन्द कुमार सिंह चौहान, भोपाल सांसद आलोक संजर, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल, विधायक पी सी शर्मा, विधायक रामपाल सिंह, विधायक ध्रुव नारायण सिंह ,विधायक सूरेन्द नाथ सिंह, विधायक दिलीप जायसवाल, विधायक संदीप जायसवाल,मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक, मध्य प्रदेश बाल आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा, महापौर सुनील सूद, प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण जे एल बोस,संचालक सदस्य मध्यप्रदेश प्रदुषण निवारण मण्डल हरभजन शिवहरे,नगर निगम भोपाल अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान,नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अभिलाषा शिवहरे नौगांव, अनीता जायसवाल गाडरवारा, राजीव जायसवाल पिपरिया, मुकेश राय सिलवानी, पार्षद मालती राय, पार्षद भरत पाल, पार्षद मंजू बारकिया, पार्षद कल्पना राय, पार्षद सुषमा बाबीसा, पार्षद संतोष हिरबे आदि  प्रतिष्ठित व्यक्तियों का आगमन श्री सहस्रबाहु भगवान मंदिर परिसर में समय समय पर होने वाले आयोजनों में आकर आयोजको का उत्साहवर्धन करते रहे हैं। 
पं. वीरेन्द्र शुक्ल एवं राजकुमार शर्मा तथा दिलीप पाठक जो कि श्री सहस्रबाहु भगवान मंदिर के पुजारी है, का कहना है कि महासभा ने मंदिर को भव्य रूप प्रदान किया। इस पुनीत कार्य में मुख्य सहयोगी सर्वश्री श्री दिलीप सूर्यवंशी ,संजय हिन्ना, सुनील मालवीय, हरभजन शिवहरे, एल,एन. मालवीय, गोकुल आर्य, सुनील मालवीय छोटा, मोहन जायसवाल, प्रदीप राय, शिशुपाल जायसवाल, राम सेवक राय, आर डी जायसवाल, अनिल राय, बाबूलाल जायसवाल, कौशल सूर्यवंशी, विनोद चौकसे, नीलेश वर्मा, हर्ष वर्मा, झलकन राय, रमाकांत चौकसे, कैलाश जायसवाल, संजय राय, सूरज बली ओमरे, सुरेन्द्र शिवहरे, विनोद सूर्यवंशी, राजेश चौकसे, यशवन्त राय, आलोक मालवीय, अरूण जायसवाल, प्रकाश राय, संतोष राय, मनोज चौकसे,डी एन जायसवाल, डाक्टर अमित मदरेले, प्यारेलाल ओमरे, ओमप्रकाश जायसवाल,पी डी राय, अनिल शिवहरे,एंड राकेश मालवीय, गया प्रसाद राय, राजकुमार राय, अमित चौधरी, दिनेश शिवहरे, ओमप्रकाश गुरेले, चतुर्भुज राय, बल्लभ शिवहरे आदि के सहयोग के कारण हजारों पेड़ों की घनी छाया और सुन्दर हरियाली दिखाई देती है।
 

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