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लखनऊ।
जायसवाल समाज ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविंद्र जायसवाल को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही एमएलसी श्री विजय शिवहरे समेत चार अन्य स्वजातीय विधायकों में से किसी एक को मंत्री बनाए जाने की मांग भी प्रदेश की योगी सरकार से की है। जायसवाल समाज लखनऊ के अध्यक्ष श्री अजय जायसवाल और उत्तर प्रदेश जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेंद्र जायसवाल ने बीते रोज लखनऊ में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में यह मांग रखी। हालांकि उनका ज्यादा जोर श्री विजय शिवहरे को मंत्री बनाए जाने पर रहा, ताकि पूर्वांचल के वाराणसी की तरह ही पश्चिमांचल के ब्रज क्षेत्र से भी कलार समाज को सरकार में शीर्ष प्रतिनिधित्व मिल सके। बता दें कि श्री रविंद्र जायसवाल वाराणसी से विधायक हैं।
गौरतलब है कि यह प्रेसवार्ता जायसवाल समाज लखनऊ द्वारा 9 मार्च को कैसरबाग स्थित गांधी प्रेक्षागृह में होने वाले 22वें होली मिलन समारोह एवं वैवाहिक परिचय समारोह के लिए आहूत की गई थी। प्रेसवार्ता में कहा गया कि प्रदेश में कलार समाज (जायसवाल, शिवहरे, गुलहरे, गुप्ता, राय आदि) की संख्या लगभग 2 करोड़ है। प्रदेश में सरकार बनाने में हमारी अहम भूमिका होती है लेकिन राजनीति में वाजिब महत्व अभी तक नहीं मिला है। प्रेसवार्ता में कहा गया कि वर्तमान में 5 स्वजातीय विधायक हैं जो सभी सत्तारूढ़ भाजपा से हैं। इनमें वाराणसी से रविंद्र जायसवाल, बहराइच से श्रीमती अनुपमा जायसवाल, चंदौली से रमेश जायसवाल, पडरौना से मनीष जायसवाल विधानसभा के सदस्य हैं जबकि श्री विजय शिवहरे आगरा-फिरोजाबाद सीट से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) हैं। इनमें विधायक रविंद्र जायसवाल को ही मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। प्रेस वार्ता में मांग की गई कि एक मंत्री के तौर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रविंद्र जायसवाल ने जिस तरह अपनी सादगी, विनम्रता और ईमानदारी अपने पद के सम्मान को बढ़ाया है, उसे देखते हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री पद प्रमोट किया जाए। जबकि समाज के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए श्री विजय शिवहरे समेत बाकी चारों में से किसी एक को मंत्री बनाया जाए। प्रेसवार्ता में जायसवाल समाज की ओर से कुछ अन्य मांगे भी रखी गईं, जिनमें कलार समाज को आगामी निकाय चुनावों में उचित भागीदारी सुनिश्चित किए जाने, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. काशीप्रसाद जायसवाल को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ दिए जाने, उनकी एक विशाल प्रतिमा मिर्जापुर एवं बनारस में लगाई जाने और कम से कम एक विश्वविद्यालय का नामकरण डा. काशीप्रसाद जायसवाल के नाम पर किया जाने की मांगें प्रमुख हैं।
प्रेसवार्ता में 9 मार्च को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा जारी करते हुए बताया गया है कि 22वें होली मिलन समारोह एवं वैवाहिक परिचय सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्हीं के कर कमलों से होली मिलन एवं वैवाहिक परिचय स्मारिका-2023 का विमोचन इस समारोह में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पत्रिका में करीब 1000 विवाह योग्य युवक-युवतियों के कलर चित्र सहित विवरण प्रकाशित किया गया है, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, सरकारी कर्मचारी, व्यवसाई, उद्यमी आदि शामिल हैं। प्रेसवार्ता में बताया गया कि होली मिलन में हर्ष वर्ष ‘फूलों की होली’ का मंचन होता है जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। परिचय सम्मेलन में विवाह-योग्य युवक-युवतियों का परिचय कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक हजारों रिश्ते जायसवाल समाज द्वारा कराए जा चुके हैं।
विशाल होली मिलन समारोह एवं वैवाहिक परिचय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए कोषाध्यक्ष श्री सर्वेश जायसवाल, महामंत्री रेखा जायसवाल, मीडिया प्रभारी अश्वनी जायसवाल, राजेश जायसवाल, सांस्कृतिक प्रभारी रागिनी पूजा जायसवाल, राजेश जायसवाल (आरके पैलेस), अखिलेश जायसवाल, अभिनेत्री राखी जायसवाल, मनोज गुप्ता सहित समाज के तमाम लोग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
