नागपुर।
नागपुर में 31 जनवरी को हुए ‘स्व. श्रीमती आशादेवी गोविंद प्रसाद जायसवाल’ स्मृति सामूहिक विवाह समारोह के दूसरे सत्र में विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन हुआ जिसमें 80 से अधिक कलचुरी युवक-युवतियों ने अपने वैवाहिक प्रस्ताव रखते हुए जीवनसाथी को लेकर प्राथमिकताएं भी बतायीं। वहीं मंच संचालक ने प्रतिभागियों से प्रश्न पूछ-पूछ कर उनकी योग्यता और व्यक्तित्व की सही तस्वीर अभिभावकों के सामने प्रस्तुत की।

दरअसल विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलनों के अंदाज अब बदल रहे हैं। बहुत पहले की बात नहीं है जब परिचय सम्मेलनों में युवक-युवती अपना परिचय देने में झिझकते थे, और अभिभावक भी अपने बच्चों को मंच पर भेजना पसंद नहीं करते थे। नागपुर में सुशिक्षित युवक-युवतियों ने जिस सलीखे और बेबाकी से अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए, उससे साफ है कि हमारी नई पीढ़ी विवाह के महत्व को समझती है और उसकी सफलता सुनिश्चित करना चाहती है। अभिभावकों ने भी बच्चों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, यहां तक कि कई अभिभावक अपने बच्चों के साथ मंच पर भी पहुंचे। कहीं कोई प्रतिभागी परिचय देते में कुछ झिझकता नजर आया, तो मंच संचालन कर रहे डा. राजेश पशीने और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंगला पशीने ने उसे हौसला दिया। पेशे से शिक्षक डा. राजेश पशीने से लगभग सभी प्रतिभागियों से ऐसे प्रश्न किए कि उनकी योग्यता, संभावना और पृष्ठभूमि से पंडाल में मौजूद लोग अवगत हो सकें।
कलचुरी एकता समवर्गी संघ महाराष्ट्र प्रदेश, नागपुर के बैनर तले हुए सामूहिक विवाह समारोह में 19 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, वहीं परिचय सम्मेलन के माध्यम से कई रिश्तों की बात शुरू हुई है। खास बात यह है कि परिचय सम्मेलन के लिए सभी बायोडेटा आयोजन स्थल पर ही एकत्र किए गए थे। युवक-युवतियों के बायोडेटा एकत्र करने और उनकी मंच व्यवस्था में श्रीमती मंगला पशीने के साथ श्रीमती अंजलि राय और श्रीमती कांता बोरले का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। परिचय देने वाले युवक-युवतियों में ज्यादातर प्रोफेशनल थे, जो बीटेक, एमबीए, लॉ की पढ़ाई कर बहुत अच्छे पैकेज पर काम कर रहे थे। वहीं कुछ युवा अलग-अलग प्रकार के व्यापार से भी जुड़े थे। परिचय सम्मेलन का पूरा कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से बड़े अनुशासन के साथ अपने अंजाम तक पहुंचा।
