पलामू।
झारखंड में पलामू जिले के नक्सल प्रभावित छत्तरपुर के पाटादोहर गांव में बुधवार रात मानवता और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। वन राखी मूवमेंट के प्रणेता “ट्री मैन” डॉ. कौशल किशोर जायसवाल और उनकी धर्मपत्नी पूनम जायसवाल ने गांव की एक अनाथ युवती की शादी बड़े धूमधाम से कराई। शादी का पूरा खर्च डा. कौशल किशोर जायसवाल ने ही उठाया।
पाटादोहर गांव की सौ,कां, बरती कुमारी (पुत्री स्व. श्री सुकुल सिंह) का विवाह छतरपुर क्षेत्र के ही एक गांव में रहने वाले चिरंजीवी अर्जुन सिंह के साथ बीती रात कराया गया। विवाह समारोह में डॉ. कौशल दंपती ने नवदंपती को बर्तन, वस्त्र एवं आशीर्वाद स्वरूप अमरूद और कपूर के पौधे भेंट किए। साथ ही बारातियों को भी पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


खास बात यह है कि कि डॉ. कौशल किशोर जायसवाल एवं मुखिया पूनम जायसवाल अब तक 22 अनाथ व निर्धन बच्चियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देकर कन्यादान करा चुके हैं। जबकि गरीब परिवारों की सैकड़ों बच्चियों के विवाह हमेशा सहयोग करते आ रहे हैं। बता दें कि श्रीमती पूनम जायसवाल पलामू की डाली पंचायत की मुखिया हैं। क्षेत्र में कहीं भी किसी बेटी की शादी होती है, तो डा. कौशल दंपती की ओर से एक बोरी चावल और 2100 रुपये का सहयोग प्रदान किया ही जाता है। डॉ. कौशल ने शिवहरेवाणी से बातचीत में कहा कि गरीबों की सेवा ही सच्ची ईश्वर पूजा है। वह कहते हैं कि उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कर दिया है।
मुखिया पूनम जायसवाल ने शिवहरेवाणी से बातचीत में कहा कि कि अनाथ कन्या का विवाह कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। विवाह समारोह कन्या पूजन से शुरू हुआ और बरती कुमारी व अर्जुन सिंह के फेरों के बाद समधी मिलन की रस्म के साथ समापन हुआ। इस दौरान दोनों वर-वधु पक्ष के रिश्तेदारों के साथ ही बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे।





















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