August 4, 2026
शिवहरे वाणी, D-30, न्यू आगरा, आगरा-282005 [भारत]
समाचार

दुखदः हाथों की मेहंदी छूटने से पहले छूट गया शेखर का साथ; नवविवाहिता ने शादी की चुनरी से फांसी लगाकर जान दी

लखना (इटावा)।
लखना कस्बे के प्रतिष्ठित समाजबंधु श्री गोविंद शिवहरे उर्फ खलीफा के परिवार में 3 दिन के अंदर 2 मौतों से कोहराम मच गया है। एक जनवरी को उनके छोटे बेटे शेखर की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, और 3 जनवरी को उनकी पुत्रवधु तृप्ति ने पति के गम में खुदकुशी कर ली। 4 जनवरी को उसका शव घर की ऊपरी मंजिल में लोहे के ग्रिल से फंदे में लटका मिला। शादी की जिस चुनरी को पहनकर वह ससुराल आई थी, उसी चुनरी से उसने फांसी लगा लगी थी।
बीती 4 दिसंबर को शेखर और तृप्ति का विवाह लखना में हुआ था। तृप्ति का मायका औरैया जिले के मुरादगंज कस्बे के पास सरैया गांव में है। दोनों परिवारों ने बड़े धूमधाम से शादी की थी। स्टेज पर शेखर और तृप्ति भी बहुत खुश नजर आ रहे थे। शेखर अपने ब़ड़े भाई शिवम के साथ इटावा में स्टील के पार्टिकल गेट बनाने का काम करता था। उनकी फर्म को प्रयागराज से गेट का बड़ा आर्डर मिला था, जिसकी डिलीवरी देने के लिए बीती एक जनवरी को दोनों भाई गेटों को लोडर पर लदवाकर प्रयागराज जा रहे थे। रास्ते में कानपुर देहात के सिकंदरा के निकट लोडर एक हादसे की चपेट में आ गया। हादसे में शेखर की मौके पर मौत हो गई। भाई शिवम बाल-बाल बच गया।
शेखऱ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। तृप्ति सदमे में आ गई। उसके हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, कि शेखर का साथ छूट गया। 2 जनवरी को बेहद गमगीन वातावरण में शेखर का अंतिम संस्कार किया गया। 3 जनवरी को नौ-नहाने की रस्म हुई। रोते-रोते तृप्ति की आंखें सूख चुकी थीं। शेखर के साथ एक महीने की तमाम खुशनुमा तस्वीरें उसके दिलो-दिमाग मे उमड़-घुमड़ रही थीं। गुमसुम तृप्ति को घर की महिलाएं दिलासा दे रही थीं, नाकाम कोशिश कर रही थीं कि वह कुछ खा-पी ले। रात को सब सोने चले गए, तब किसी वक्त तृप्ति कमरे से शादी की चुनरी लेकर निकली और ऊपरी मंजिल पर चली गई, जहां उसने ग्रिल से चुनरी बांधी और उसका फंदा बनाकर झूल गई। सुबह घरवाले उठे तो उसकी लाश को चुनरी में लटका पाया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची, फोरेंसिक टीम को भी बुलवा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए इटावा भेज दिया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद तृप्ति के शव को उसके ससुरालवालों को सौंप दिया गया, जहां 4 जनवरी की रात को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

समाचार, समाज

काशी में जुटा ‘कलचुरी महाकुंभ’; ‘एक नाम एक पहचान’

शिक्षा/करियर

झांसी के कलचुरी समाज ने लगातार 11वें वर्ष किया

समाचार

शिव की काशी में रहेगा सहस्रबाहु वंशजों का जमावड़ा;

समाचार

गुरू से बड़ा न कोय…; प्रदेश अध्यक्ष अशोक राय

शिक्षा/करियर, समाचार

स्टॉकएड एकेडमी अब मथुरा में भी; देवांश शिवहरे ने

समाचार, समाज

झांसी के कलचुरी समाज से रूबरू हुए मंत्री दिलीप