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बरसाना-वृंदावन से ‘दिव्य ऊर्जा’ लेकर लौटीं शिवहरे महिलाएं; आगरा के ‘शिवहरे सशक्त महिला मंडल’ की एकदिनी आध्यात्मिक-यात्रा

आगरा।
‘वृंदावन’ और ‘बरसाना’ आध्यात्मिक शांति, राधा-कृष्ण के प्रेम और जीवंत सांस्कृतिक अनुभव का अनूठा संगम है। यह मानना है आगरा में ‘शिवहरे सशक्त महिला मंडल’ की सदस्यों का जो इन पवित्र स्थलों की एकदिनी यात्रा कर लौटी हैं।

मंडल की अध्यक्ष श्रीमती कविता रवि गुप्ता ने शिवहरेवाणी को बताया कि बीते रविवार, 18 जनवरी को मंडल की महिलाओं ने बरसाना-वृंदावन की एकदिनी यात्रा की जो हम सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। वृंदावन में राधाकुंड स्थित विधवा आश्रम जाना यात्रा का सबसे बड़ा हासिल था, जहां संक्रांति और मौनी अमावस्या पर दान-पुण्य के उपलक्ष्य में वहां रहीं 35 वृद्ध माताओं को कंबल, खिचड़ी, फल, गजक आदि दान-दक्षिणा का सामान भेंट किया। प्रसन्न माताओं ने सभी को आशीष दिया। महिलाएं करीब दो घंटे आश्रम में रहीं, इस दौरान माताओं ने अपने जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए औऱ सत्संग भी किया। बाद में सभी ने वहीं साथ भोजन किया।

श्रीमती कविता गुप्ता ने बताया कि शिवहरे समाज की 40 महिलाएं और 7 बच्चे रविवार सुबह करीब सात बजे विशेष बस से मथुरा के लिए रवाना हुए थे। सबसे पहले रमणरेती के दर्शन किए, यहां से बरसाना में लाडलीजी का मंदिर, वृंदावन में बिहारीजी, राधावल्लभजी औऱ प्रेममंदिर के दर्शन करने के बाद शाम करीब सात बजे आगरा के लिए वापसी की। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान बरसाना और वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों में सदियों पुरानी परंपराओं की धड़कन महसूस हुई। राधे-राधे के आनंदमय वातावरण में हुई इस यात्रा से हम सब दिव्य ऊर्जा लेकर लौटे हैं।

यात्रा में कंचन गुप्ता, शैलजा गुप्ता, गीता गुप्ता, दीपाली शिवहरे, चंचल शिवहरे, मीनाक्षी शिवहरे ,राशि शिवहरे, रेनू शिवहरे, पूनम शिवहरे, रागिनी शिवहरे, भावना शिवहरे, शैली गुप्ता, गीता गुप्ता, डॉली, अलका, स्वामी, प्रतिमा, प्रभा, माया, रूबी, रेनू, पूनम, उपासना, प्रिया, वंदना, सुनीता, अनु, निधि आदि शामिल रहे।

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